मुंगेर इंजीनियरिंग कॉलेज में फूड प्वाइजनिंग का कहर: 50 से अधिक छात्र और कर्मचारी बीमार, अस्पताल में मची अफरा-तफरी
मुंगेर इंजीनियरिंग कॉलेज में शुक्रवार को अचानक छात्र-छात्राओं और कर्मचारियों की तबीयत बिगड़ गई। फूड प्वाइजनिंग की आशंका में एक के बाद एक छात्र-छात्राओं और कॉलेज कर्मचारियों को इलाज के लिए मुंगेर सदर अस्पताल लाया गया।

मोहम्मद नवेद
एडिटर

मुंगेर इंजीनियरिंग कॉलेज में शुक्रवार को एक गंभीर स्वास्थ्य संकट सामने आया, जहां बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं और कॉलेज कर्मियों की अचानक तबीयत बिगड़ गई। फूड प्वाइजनिंग की आशंका के चलते कॉलेज परिसर में हड़कंप मच गया और आनन-फानन में सभी प्रभावितों को मुंगेर सदर अस्पताल ले जाया गया।
अस्पताल में मरीजों की भारी भीड़
सदर अस्पताल के इमरजेंसी विभाग में शुक्रवार शाम से ही मरीजों के पहुंचने का सिलसिला शुरू हो गया था। डॉक्टरों के अनुसार, देर रात तक करीब 50 छात्र-छात्राओं और कर्मचारियों का इलाज किया गया। अस्पताल में जगह की कमी के कारण स्थिति इतनी विकट हो गई कि एक ही बेड पर दो से तीन मरीजों को लिटाकर उपचार करना पड़ा। एंबुलेंस लगातार कॉलेज और अस्पताल के बीच चक्कर काटती रही।
बीमार छात्रों ने मुख्य रूप से पेट दर्द, उल्टी, सिरदर्द और बुखार की शिकायत की। इमरजेंसी में तैनात डॉक्टर फैजुद्दीन और उनकी टीम ने सभी मरीजों को प्राथमिक उपचार दिया और उनकी स्थिति को स्थिर करने का प्रयास किया। कॉलेज प्रशासन के अनुसार, कई छात्र घबराहट की स्थिति में भी थे, जिन्हें एहतियात के तौर पर निगरानी में रखा गया है।
प्रसाद के सेवन से बिगड़ी सेहत की आशंका
घटना के पीछे का सटीक कारण अभी स्पष्ट नहीं है, लेकिन प्रारंभिक जांच और छात्रों के बयानों से संकेत मिल रहे हैं कि 17 सितंबर को आयोजित विश्वकर्मा पूजा के दौरान वितरित किए गए प्रसाद के सेवन से यह समस्या उत्पन्न हुई हो सकती है। कुछ छात्रों ने खाने में गड़बड़ी का भी दावा किया है। हालांकि, कॉलेज प्रबंधन ने अभी तक किसी भी ठोस कारण की पुष्टि नहीं की है।
कॉलेज के प्रभारी प्राचार्य डॉ. शंभू शंकर ने बताया कि घटना की जानकारी मिलते ही वे स्वयं अस्पताल पहुंचे और पूरी रात छात्रों के इलाज की व्यवस्था की निगरानी की। उन्होंने स्पष्ट किया कि मामले की गंभीरता को देखते हुए एक उच्च स्तरीय जांच टीम का गठन कर दिया गया है, जो शनिवार से अपनी जांच प्रक्रिया शुरू करेगी।
प्रशासनिक कार्रवाई और आगे की रणनीति
इस घटना के बाद स्थानीय प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह सतर्क हो गया है। वरीय अधिकारियों के निर्देश पर शनिवार को डॉक्टरों की एक विशेष टीम इंजीनियरिंग कॉलेज परिसर में कैंप लगाएगी, जहां सभी छात्रों और कर्मियों की स्वास्थ्य जांच की जाएगी। साथ ही, फूड इंस्पेक्टर कॉलेज पहुंचकर खाद्य सामग्री के नमूने लेंगे ताकि प्रयोगशाला में परीक्षण के बाद फूड प्वाइजनिंग के वास्तविक कारणों का पता लगाया जा सके।
घटना की सूचना उच्च अधिकारियों को दे दी गई है। फिलहाल, कॉलेज परिसर में स्थिति सामान्य बताई जा रही है, लेकिन अभिभावकों में अपने बच्चों की सुरक्षा को लेकर गहरी चिंता बनी हुई है। अस्पताल में भर्ती छात्रों के परिजन लगातार फोन के माध्यम से उनका हालचाल ले रहे हैं। जांच रिपोर्ट आने के बाद ही इस मामले में आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।

एडिटर
मोहम्मद नवेद
टिप्पणियाँ (2)
- अअमित कुमार2 घंटे पहले
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।
- ससपना ठाकुर4 घंटे पहले
ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!