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मुंगेर एएसआई हत्याकांड: कोर्ट ने 8 दोषियों को ठहराया दोषी, सजा पर 7 सितंबर को होगी सुनवाई

मुंगेर न्यायालय की एडीजे चतुर्थ कुमारी मनीषा की अदालत ने मामले में सुनवाई पूरी करने के बाद सभी 8 अभियुक्तों को दोषी करार दिया है। दोषियों की सजा के बिंदु पर अब 7 सितंबर को सुनवाई होगी।

मुश्ताक अहमद खान

मुश्ताक अहमद खान

Editor In Chief

24 अगस्त 20263 मिनट पढ़ें
मुंगेर एएसआई हत्याकांड: कोर्ट ने 8 दोषियों को ठहराया दोषी, सजा पर 7 सितंबर को होगी सुनवाई
मूल स्रोत

मुंगेर एएसआई हत्याकांड में अदालत का बड़ा फैसला

मुंगेर जिले के मुफस्सिल थाना क्षेत्र में तैनात सहायक अवर निरीक्षक (एएसआई) संतोष कुमार सिंह की हत्या के मामले में मुंगेर न्यायालय की एडीजे चतुर्थ कुमारी मनीषा की अदालत ने एक महत्वपूर्ण फैसला सुनाया है। अदालत ने सुनवाई पूरी करने के बाद मामले में नामजद सभी 8 अभियुक्तों को दोषी करार दिया है। दोषियों की सजा के निर्धारण के लिए अगली सुनवाई 7 सितंबर को तय की गई है।

यह घटना 14 मार्च 2025 की है, जब नंदलालपुर स्थित एलआईसी कार्यालय के पास दो पक्षों के बीच विवाद की सूचना मिलने पर पुलिस टीम मौके पर पहुंची थी। एएसआई संतोष कुमार सिंह ड्यूटी के दौरान विवाद को शांत कराने और हंगामा कर रहे लोगों को समझाने के लिए वहां गए थे। इसी दौरान उन पर लाठी-डंडों और धारदार हथियारों से जानलेवा हमला किया गया था। गंभीर रूप से घायल एएसआई ने पटना के पारस अस्पताल में इलाज के दौरान दम तोड़ दिया था।

क्या था पूरा मामला और कैसे हुआ हमला

पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, घटना के दिन दोपहर में पुलिस ने दोनों पक्षों को समझाकर मामला शांत करा दिया था, लेकिन शाम करीब 7:30 बजे गश्ती के दौरान फिर से विवाद की सूचना मिली। पुलिस का आरोप है कि एक पक्ष के लोग शराब के नशे में हंगामा कर रहे थे। जब संतोष कुमार सिंह उन्हें समझाने पहुंचे, तो उन्हें घेर लिया गया। अभियोजन पक्ष के अनुसार, राजीव कुमार, रणवीर कुमार, राजू कुमार, गुड्डू कुमार, विकास कुमार, रेखा देवी, सरिता देवी और मौसम कुमारी ने मिलकर उन पर लोहे की रॉड और दबिया से हमला कर दिया।

हमले के बाद घायल एएसआई को घसीटकर एक घर के पास ले जाने का भी आरोप है। इस मामले में पुलिस ने वैज्ञानिक और तकनीकी साक्ष्यों को आधार बनाकर जांच पूरी की। मुंगेर के एसपी सैयद इमरान मसूद ने बताया कि यह मामला पुलिस के लिए एक बड़ी चुनौती थी, जिसे स्पीड ट्रायल के जरिए मात्र डेढ़ साल में अंजाम तक पहुंचाया गया है।

फैसला सुनते ही कोर्ट परिसर में मचा बवाल

अदालत द्वारा दोषी करार दिए जाने के बाद कोर्ट परिसर में स्थिति तनावपूर्ण हो गई। अभियुक्तों को जब हाजत ले जाया जा रहा था, तो उन्होंने पुलिसकर्मियों के साथ हाथापाई शुरू कर दी। इस दौरान एएसआई विनोद कुमार, सिपाही विनोद कुमार झा, निर्जला कुमारी और हवलदार बिंदेश्री मांझी घायल हो गए। हंगामे के दौरान कैदी वाहन की खिड़की का शीशा भी तोड़ दिया गया।

स्थिति को नियंत्रित करने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल को मौके पर बुलाना पड़ा। कड़ी सुरक्षा के बीच सभी दोषियों को जेल भेजा गया। एसपी सैयद इमरान मसूद ने स्पष्ट किया कि कोर्ट परिसर में पुलिसकर्मियों पर हमला करने के मामले में इन सभी दोषियों के खिलाफ एक अलग प्राथमिकी दर्ज की जाएगी। उन्होंने जेल अधीक्षक को दोषियों पर विशेष निगरानी रखने के निर्देश दिए हैं।

न्याय की दिशा में आगे की प्रक्रिया

इस मामले में लोक अभियोजक संजय कुमार सिंह ने अभियोजन पक्ष का प्रतिनिधित्व किया। उन्होंने बताया कि पुलिस पदाधिकारी की हत्या के लिए दोषियों को कठोरतम सजा दिलाने के लिए साक्ष्यों को मजबूती से रखा गया। अब 7 सितंबर को अदालत सजा की अवधि तय करेगी। पुलिस प्रशासन इस मामले में दोषियों को कड़ी सजा दिलाने के लिए प्रतिबद्ध है, ताकि भविष्य में कानून का पालन कराने वाले अधिकारियों के प्रति ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।

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टिप्पणियाँ (2)

  • अ
    अमित कुमार2 घंटे पहले

    बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।

  • स
    सपना ठाकुर4 घंटे पहले

    ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!

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