MPPSC मुख्य परीक्षा आज से: सागर केंद्र पर 98 अभ्यर्थी होंगे शामिल, प्रवेश के लिए लागू हुई त्रिस्तरीय जांच प्रक्रिया
MPPSC Exam 2026 Sagar center guidelines, reporting time, prohibited items list. परीक्षा में शामिल होने वाले परीक्षार्थियों के लिए परीक्षा केंद्र पर प्रवेश के दौरान फिस्किंग और बायोमेट्रिक पहचान की नवीन प्रक्रिया अपनाई जा रही है। जांच के बाद ही परीक्षार्थियों को परीक्षा कक्ष में प्रवेश दिया जाएगा।

मोहम्मद फ़ैज़ान
संपादक

सागर में MPPSC मुख्य परीक्षा का आयोजन
मध्य प्रदेश लोक सेवा आयोग (MPPSC) की राज्य सेवा मुख्य परीक्षा 2025 का आयोजन आज 8 अगस्त से शुरू हो गया है। यह परीक्षा 13 अगस्त तक चलेगी। सागर जिला मुख्यालय पर इस परीक्षा के लिए शासकीय कला एवं वाणिज्य महाविद्यालय, तिली रोड को केंद्र बनाया गया है। परीक्षा का समय सुबह 10 बजे से दोपहर 1 बजे तक निर्धारित किया गया है, जिसमें कुल 98 अभ्यर्थी शामिल हो रहे हैं।
परीक्षा की शुचिता और पारदर्शिता बनाए रखने के लिए आयोग ने इस बार सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए हैं। परीक्षार्थियों को परीक्षा शुरू होने के निर्धारित समय से कम से कम 90 मिनट पहले केंद्र पर पहुंचना अनिवार्य कर दिया गया है। समय पर पहुंचने से अभ्यर्थियों को प्रवेश प्रक्रिया में किसी भी प्रकार की असुविधा का सामना नहीं करना पड़ेगा।
त्रिस्तरीय जांच और बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण
परीक्षा केंद्र में प्रवेश के लिए इस बार एक नई और सख्त त्रिस्तरीय जांच प्रक्रिया लागू की गई है। केंद्र पर पहुंचने वाले प्रत्येक अभ्यर्थी को सबसे पहले एचएचएमडी (HHMD) के जरिए फिस्किंग से गुजरना होगा। इसके बाद प्रवेश पत्र की स्कैनिंग की जाएगी और अंत में बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण के बाद ही उन्हें परीक्षा कक्ष में बैठने की अनुमति मिलेगी।
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि ट्रांसजेंडर अभ्यर्थियों को फिस्किंग के लिए महिला या पुरुष कर्मचारी में से अपनी पसंद का विकल्प चुनने की पूरी सुविधा दी गई है। परीक्षा की निगरानी के लिए विशेष उड़नदस्तों का गठन किया गया है, जो केंद्रों का औचक निरीक्षण करेंगे। आयोग द्वारा सेवानिवृत्त जिला न्यायाधीश अनिल पारे को पर्यवेक्षक के रूप में नियुक्त किया गया है।
प्रतिबंधित और अनुमत सामग्री की सूची
परीक्षा केंद्र के भीतर किसी भी प्रकार के इलेक्ट्रॉनिक उपकरण जैसे मोबाइल फोन, पेनड्राइव, कैलकुलेटर, ब्लूटूथ डिवाइस, स्मार्ट वॉच और हैंड्सफ्री ले जाना पूरी तरह प्रतिबंधित है। इसके अलावा पठन सामग्री, पर्स, वॉलेट, टोपी, चाबी, धूप का चश्मा, लाइटर और माचिस जैसी वस्तुओं पर भी रोक लगाई गई है। अभ्यर्थियों को सलाह दी गई है कि वे अपने साथ जूते-मोजे पहनकर न आएं, क्योंकि परीक्षा कक्ष में इनका प्रवेश वर्जित है।
साथ ही बालों के क्लचर, मेटल या चमड़े के बैंड, बेल्ट और कफलिंक जैसी व्यक्तिगत वस्तुओं को भी केंद्र के बाहर ही रखने के निर्देश दिए गए हैं। अस्त्र-शस्त्र, ब्लेड और शार्पनर जैसी वस्तुओं पर भी पूर्ण प्रतिबंध रहेगा।
अभ्यर्थी अपने साथ केवल ई-प्रवेश पत्र, एक वैध पहचान पत्र, स्याही वाला पेन और पारदर्शी पानी की बोतल ही ले जा सकेंगे। दिव्यांग अभ्यर्थियों को नियमानुसार आवश्यक सामग्री ले जाने की छूट दी गई है। प्रवेश पत्र में उल्लेखित निर्देशों का पालन करना सभी परीक्षार्थियों के लिए अनिवार्य है।
अभ्यर्थियों के लिए महत्वपूर्ण निर्देश
परीक्षा में शामिल होने वाले सभी उम्मीदवारों को सलाह दी गई है कि वे परीक्षा केंद्र पर समय से पहले पहुंचें ताकि अंतिम समय में होने वाली अफरा-तफरी से बचा जा सके। प्रवेश पत्र में दिए गए सभी दिशा-निर्देशों को ध्यानपूर्वक पढ़ने के बाद ही केंद्र पर आएं। प्रतिबंधित सामग्री साथ लाने से न केवल जांच प्रक्रिया में देरी होती है, बल्कि परीक्षार्थी को अनावश्यक मानसिक तनाव का सामना भी करना पड़ सकता है।

संपादक
मोहम्मद फ़ैज़ान
टिप्पणियाँ (2)
- अअमित कुमार2 घंटे पहले
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।
- ससपना ठाकुर4 घंटे पहले
ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!
