मोतिहारी में साइबर ठगी का भंडाफोड़: फर्जी बैंक खाते खुलवाने वाले गिरोह के दो सदस्य गिरफ्तार
Motihari cyber police arrest gang members for opening bank accounts using fake identities. मोतिहारी साइबर थाना पुलिस ने साइबर ठगी करने वाले गिरोह के दो सक्रिय सदस्यों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने उनके खिलाफ साइबर थाना कांड संख्या 12226 दर्ज कर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है।

मोहम्मद फ़ैज़ान
संपादक

मोतिहारी पुलिस की बड़ी कार्रवाई
पूर्वी चंपारण जिले के मोतिहारी में साइबर अपराध के खिलाफ पुलिस को बड़ी सफलता हाथ लगी है। साइबर थाना पुलिस ने एक ऐसे गिरोह का भंडाफोड़ किया है जो लोगों को प्रलोभन देकर उनके नाम पर बैंक खाते खुलवाते थे और फिर उनका इस्तेमाल अवैध लेनदेन के लिए करते थे। पुलिस ने इस मामले में दो सक्रिय सदस्यों को गिरफ्तार किया है।
पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ साइबर थाना कांड संख्या 122/26 के तहत मामला दर्ज किया है। इस कार्रवाई के बाद से इलाके के अन्य साइबर अपराधियों में हड़कंप मच गया है। पुलिस अब पकड़े गए आरोपियों से पूछताछ के आधार पर गिरोह के बाकी सदस्यों की धरपकड़ में जुटी है।
उत्तर प्रदेश से मिले थे इनपुट
इस गिरोह के बारे में जानकारी तब मिली जब उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर साइबर क्राइम थाना से एक नोटिस मोतिहारी पुलिस को प्राप्त हुआ। यह नोटिस पंकज कुमार नामक व्यक्ति के खिलाफ था, जो रघुनाथपुर गंडक कॉलोनी का निवासी है। साइबर पोर्टल के माध्यम से मिले इनपुट के बाद स्थानीय पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच शुरू की।
पुलिस की टीम जब सत्यापन के लिए पंकज कुमार के चांदमारी स्थित आवास पर पहुंची, तो पूछताछ के दौरान उसके साइबर ठगी के नेटवर्क से जुड़े होने के पुख्ता प्रमाण मिले। पंकज की निशानदेही पर पुलिस ने एक अन्य आरोपी प्रिंस कुमार सिंह को भी हिरासत में ले लिया, जो मलाही थाना क्षेत्र के होरिल छपरा का रहने वाला है।
व्हाट्सएप चैट से खुला राज
गिरफ्तार किए गए दोनों आरोपियों के मोबाइल फोन की जब तकनीकी जांच की गई, तो उसमें से कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आए। उनके व्हाट्सएप चैट में बैंक खातों की विस्तृत जानकारी, क्यूआर कोड और कैश डिपॉजिट मशीन (सीडीएम) के जरिए किए गए लेन-देन के प्रमाण मिले हैं।
पूछताछ में आरोपियों ने स्वीकार किया कि वे भोले-भाले लोगों को आर्थिक लालच देकर उनके नाम पर बैंक खाते खुलवाते थे। इन खातों का उपयोग साइबर ठगी की रकम को ठिकाने लगाने के लिए किया जाता था। गिरोह का तरीका बेहद शातिर था, जिसके तहत वे ठगी की कुल राशि में से 10 प्रतिशत कमीशन अपने पास रखते थे और बाकी रकम सीडीएम के माध्यम से अन्य खातों में ट्रांसफर कर देते थे।
आमजन के लिए पुलिस की चेतावनी
पुलिस ने स्पष्ट किया है कि गिरोह के अन्य सदस्यों की पहचान कर ली गई है और उनकी गिरफ्तारी के लिए छापेमारी जारी है। पुलिस ने आम जनता से अपील की है कि वे किसी भी अनजान व्यक्ति के कहने पर अपना बैंक खाता न खुलवाएं और न ही अपने दस्तावेज किसी को साझा करें। किसी भी प्रकार के संदिग्ध कॉल या प्रलोभन से बचने की सलाह दी गई है।
यह मामला साइबर सुरक्षा को लेकर एक बड़ी चेतावनी है। अक्सर लोग छोटे से लालच में आकर अपने बैंक खाते का दुरुपयोग होने देते हैं, जो बाद में उनके लिए कानूनी मुसीबत बन जाता है। मोतिहारी पुलिस अब इस पूरे नेटवर्क की जड़ों तक पहुंचने के लिए डिजिटल साक्ष्यों का विश्लेषण कर रही है।

संपादक
मोहम्मद फ़ैज़ान
टिप्पणियाँ (2)
- अअमित कुमार2 घंटे पहले
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।
- ससपना ठाकुर4 घंटे पहले
ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!
