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मुरादाबाद: रिटायर्ड डिप्टी एसपी की पत्नी को 'डिजिटल अरेस्ट' कर ठगे 14.41 लाख रुपये

मुरादाबाद में साइबर ठगों ने एक रिटायर्ड डिप्टी एसपी की पत्नी से डिजिटल अरेस्ट का डर दिखाकर 14.41 लाख रुपये की ठगी की है। सिविल लाइंस की अवंतिका कॉलोनी निवासी पीड़िता तीन दिनों तक इतनी भयभीत रहीं कि उन्होंने खाना तक नहीं खाया।

मोहम्मद फ़ैज़ान

मोहम्मद फ़ैज़ान

संपादक

29 अगस्त 20262 मिनट पढ़ें
मुरादाबाद: रिटायर्ड डिप्टी एसपी की पत्नी को 'डिजिटल अरेस्ट' कर ठगे 14.41 लाख रुपये
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मुरादाबाद के सिविल लाइंस स्थित अवंतिका कॉलोनी में एक हैरान कर देने वाला साइबर धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। यहाँ एक रिटायर्ड डिप्टी एसपी की पत्नी को 'डिजिटल अरेस्ट' का डर दिखाकर ठगों ने 14.41 लाख रुपये की चपत लगा दी। पीड़िता तीन दिनों तक मानसिक दबाव में रहीं और डर के कारण उन्होंने खाना-पीना तक छोड़ दिया था।

क्या है पूरा मामला?

पीड़िता सुशील राय के पति हाकिम राय उत्तर प्रदेश पुलिस में डिप्टी एसपी थे, जिनका वर्ष 2018 में निधन हो चुका है। घटना की शुरुआत 30 जुलाई 2026 को हुई, जब उनके पास एक व्हाट्सएप कॉल आया। कॉल करने वाले व्यक्ति ने खुद को मुंबई के बांद्रा थाने का प्रभारी अधिकारी बताया और उन पर मनी लॉन्ड्रिंग के गंभीर आरोप लगाए।

ठगों ने पीड़िता को डराने के लिए अपनी प्रोफाइल पिक्चर पर पुलिस की वर्दी वाली फोटो लगाई थी और वीडियो कॉल के दौरान भी वे वर्दी में ही सामने आए। इससे सुशील राय को लगा कि वे वास्तव में किसी कानूनी प्रक्रिया का सामना कर रही हैं। आरोपियों ने उन्हें जेल भेजने की धमकी देकर मानसिक रूप से पूरी तरह तोड़ दिया।

तीन दिनों तक रखा डिजिटल अरेस्ट

आरोपियों ने 30 जुलाई से 1 अगस्त तक पीड़िता को 'डिजिटल अरेस्ट' में रखा। इस दौरान उन्हें किसी भी परिजन या परिचित से बात करने की अनुमति नहीं दी गई। ठगों ने लगातार सात व्हाट्सएप मैसेज और तीन वीडियो कॉल के जरिए उन पर दबाव बनाए रखा, जिससे वह बुरी तरह डर गईं और ठगों की हर बात मानने को मजबूर हो गईं।

भय के माहौल में पीड़िता ने पहले अपने बैंक खाते से 5 लाख रुपये ट्रांसफर किए। इसके बाद उन्होंने अपनी 9.41 लाख रुपये की फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) तुड़वाकर तीन अलग-अलग चेक के माध्यम से ठगों को पैसे भेज दिए। कुल 14.41 लाख रुपये की राशि दिल्ली, बंगाल और राजस्थान के 11 अलग-अलग बैंक खातों में ट्रांसफर करवाई गई।

जांच और पुलिस की कार्रवाई

इस पूरी घटना का खुलासा ठगी के 25 दिन बाद हुआ, जब पीड़िता ने हिम्मत जुटाकर अपने बेटे को इस बारे में जानकारी दी। सच्चाई सामने आते ही परिवार में हड़कंप मच गया। इसके बाद पीड़िता ने साइबर पुलिस में शिकायत दर्ज कराई।

एसपी क्राइम सुभाष चंद्र गंगवार ने मामले की पुष्टि करते हुए बताया कि अज्ञात ठगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है। साइबर सेल की टीम अब उन 11 बैंक खातों को ट्रेस करने में जुटी है जिनमें पैसा ट्रांसफर किया गया था। पुलिस का कहना है कि मामले की गहनता से जांच की जा रही है ताकि आरोपियों तक पहुंचा जा सके।

यह घटना एक बार फिर डिजिटल सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े करती है। साइबर विशेषज्ञ लगातार चेतावनी दे रहे हैं कि पुलिस कभी भी व्हाट्सएप कॉल के जरिए जांच नहीं करती और न ही किसी को डिजिटल अरेस्ट करती है। किसी भी अनजान कॉल पर घबराकर पैसे ट्रांसफर करने से पहले हमेशा स्थानीय पुलिस को सूचित करना चाहिए।

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टिप्पणियाँ (2)

  • अ
    अमित कुमार2 घंटे पहले

    बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।

  • स
    सपना ठाकुर4 घंटे पहले

    ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!

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