मुरादाबाद: 15 दिनों से खौफ का पर्याय बना तेंदुआ पिंजरे में कैद, ग्रामीणों ने ली राहत की सांस
Moradabad Thakurdwara leopard caught in cage after 15 days of terror. ठाकुरद्वारा क्षेत्र के गांव लूंगी खुर्द में श्मशान घाट के निकट वन विभाग द्वारा लगाया गया पिंजरा रविवार शाम सफल हो गया। करीब 15 दिनों से इलाके में तेंदुए की मौजूदगी की सूचना के बाद ग्रामीण दहशत के साये में जीवन बिता रहे थे।

मोहम्मद फ़ैज़ान
संपादक

उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद जिले के ठाकुरद्वारा क्षेत्र में पिछले 15 दिनों से ग्रामीणों के बीच दहशत का सबब बना तेंदुआ आखिरकार वन विभाग के पिंजरे में फंस गया है। लूंगी खुर्द गांव के श्मशान घाट के पास वन विभाग द्वारा लगाए गए पिंजरे में रविवार शाम को तेंदुए के कैद होने की पुष्टि हुई। इस घटना के बाद से ही इलाके में फैली चिंता और भय का माहौल अब धीरे-धीरे कम होता नजर आ रहा है।
लंबे समय से जारी था तेंदुए का आतंक
पिछले करीब दो सप्ताह से लूंगी खुर्द और आसपास के गांवों में तेंदुए की मौजूदगी की लगातार खबरें सामने आ रही थीं। ग्रामीणों का कहना है कि तेंदुआ न केवल खेतों में देखा जा रहा था, बल्कि उसने एक युवती पर हमला कर उसे घायल भी कर दिया था। इस घटना के बाद से ही ग्रामीणों में भारी आक्रोश और डर का वातावरण था। लोग शाम ढलने के बाद घरों से बाहर निकलने में कतरा रहे थे और किसानों के लिए खेतों में काम करना भी चुनौतीपूर्ण हो गया था।
तेंदुए की बढ़ती सक्रियता को देखते हुए ग्रामीणों ने वन विभाग से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की थी। लोगों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए वन विभाग ने करीब 15 दिन पहले ही गांव के श्मशान घाट के निकट एक पिंजरा स्थापित किया था। इस पिंजरे में चारे के रूप में व्यवस्था की गई थी ताकि तेंदुए को सुरक्षित पकड़ा जा सके। वन विभाग की टीम लगातार इस क्षेत्र में निगरानी बनाए हुए थी।
पिंजरे में कैद हुआ तेंदुआ, ग्रामीणों ने जताई राहत
रविवार की शाम को जब तेंदुआ पिंजरे में पहुंचा, तो वह उसमें फंस गया। पिंजरे के अंदर तेंदुए के कैद होते ही इसकी सूचना तेजी से पूरे गांव में फैल गई। बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर जमा हो गए और वन विभाग की कार्रवाई की सराहना की। ग्रामीणों ने बताया कि पिछले 15 दिनों से वे जिस खौफ के साये में जी रहे थे, उससे अब उन्हें मुक्ति मिली है।
वन विभाग के अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया। वन दरोगा पीयूष जोशी ने बताया कि तेंदुए को सुरक्षित तरीके से पिंजरे से बाहर निकालने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। उन्होंने स्पष्ट किया कि तेंदुए को किसी भी प्रकार का नुकसान नहीं पहुंचाया गया है और उसे फिलहाल सुरक्षित रखा गया है।
आगे की कार्रवाई और वन विभाग की अपील
पकड़े गए तेंदुए का अब चिकित्सकीय परीक्षण किया जाएगा। विशेषज्ञों की देखरेख में यह जांचा जाएगा कि तेंदुआ पूरी तरह स्वस्थ है या नहीं। स्वास्थ्य जांच पूरी होने के बाद वन विभाग की योजना उसे किसी सुरक्षित और घने वन क्षेत्र में छोड़ने की है, जहां वह इंसानी बस्तियों से दूर रह सके। यह प्रक्रिया वन्यजीव संरक्षण नियमों के तहत पूरी की जाएगी।
वन विभाग ने स्थानीय निवासियों से सतर्क रहने की अपील की है। अधिकारियों ने कहा कि यदि भविष्य में किसी भी वन्यजीव की गतिविधि दिखाई दे, तो ग्रामीण घबराएं नहीं और तुरंत वन विभाग को सूचित करें। उन्होंने ग्रामीणों को सलाह दी कि वे अकेले खेतों में जाने से बचें और समूह में रहें, ताकि किसी भी अनहोनी से बचा जा सके। तेंदुए के पकड़े जाने के बाद अब लूंगी खुर्द गांव में जनजीवन सामान्य होने की उम्मीद है।

संपादक
मोहम्मद फ़ैज़ान
टिप्पणियाँ (2)
- अअमित कुमार2 घंटे पहले
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।
- ससपना ठाकुर4 घंटे पहले
ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!
