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उत्तर भारत में मानसून का रौद्र रूप: अमरनाथ और वैष्णो देवी यात्रा स्थगित, 14 राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट

Amarnath Vaishno Devi Yatra suspended due to heavy rainfall across 14 North Indian states. अमरनाथ-वैष्णो देवी यात्रा रोकी गई; मध्यप्रदेश में बारिश के लिए गधों को गुलाब जामुन खिलाए। यूपी-दिल्ली-पंजाब समेत उत्तर भारत के 14 राज्यों में भारी बारिश।

मोहम्मद फ़ैज़ान

मोहम्मद फ़ैज़ान

संपादक

19 जुलाई 20263 मिनट पढ़ें 825
उत्तर भारत में मानसून का रौद्र रूप: अमरनाथ और वैष्णो देवी यात्रा स्थगित, 14 राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट
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देशभर में मानसून की सक्रियता के चलते उत्तर भारत के 14 राज्यों में मूसलाधार बारिश का दौर जारी है। मौसम विभाग ने अगले पांच दिनों के लिए गंभीर चेतावनी जारी की है, जिसके चलते प्रशासन ने एहतियातन अमरनाथ और वैष्णो देवी की पवित्र यात्राओं को अनिश्चितकाल के लिए रोक दिया है। भारी बारिश और भूस्खलन के कारण जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है।

तीर्थयात्राओं पर संकट और भूस्खलन की मार

उत्तराखंड में मौसम के मिजाज ने तीर्थयात्रियों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। केदारनाथ मार्ग पर घोड़े-खच्चर की सेवाएं बंद कर दी गई हैं, जबकि कैलाश-मानसरोवर यात्रा का चौथा जत्था पिथौरागढ़ के धारचूला बेस कैंप में फंस गया है। गरबाधार में हुए भूस्खलन के कारण गुंजी जाने वाला रास्ता पूरी तरह अवरुद्ध हो गया है। मौसम विभाग ने उत्तराखंड और सिक्किम सहित बंगाल के कुछ हिस्सों में भारी बारिश का रेड अलर्ट जारी किया है।

असम में भी स्थिति चिंताजनक बनी हुई है। गुवाहाटी में लगातार हो रही बारिश के कारण ब्रह्मपुत्र नदी का जलस्तर खतरे के निशान के करीब पहुंच गया है। अरुणाचल प्रदेश में मानसून की मार सबसे अधिक देखी जा रही है, जहां बाढ़ और भूस्खलन से जुड़ी घटनाओं में अब तक सात लोगों की मौत हो चुकी है और लगभग डेढ़ लाख लोग प्रभावित हुए हैं। राज्य के 26 जिलों के सैकड़ों गांव जलमग्न हैं।

विभिन्न राज्यों में मौसम का हाल

उत्तर प्रदेश में गंगा नदी का जलस्तर बढ़ने से प्रयागराज के सभी घाट डूब गए हैं। आगरा में ताजमहल के ऊपर घने मानसूनी बादल छाए हुए हैं और राज्य में ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। वहीं, दूसरी ओर मध्य प्रदेश के कुछ हिस्सों में बारिश की कमी ने लोगों को परेशान कर रखा है। भोपाल में बारिश की कामना के लिए स्थानीय लोगों द्वारा गधों को गुलाब जामुन खिलाने जैसे अनोखे टोटके किए जाने की खबरें भी सामने आई हैं।

मौसम विभाग के अनुसार, 20 जुलाई को जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में रेड अलर्ट रहेगा। इसके अलावा पंजाब, हरियाणा, दिल्ली, उत्तर प्रदेश, बिहार, असम और सिक्किम में ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। 21 जुलाई को भी इन क्षेत्रों में भारी बारिश की संभावना बनी हुई है, जिससे निचले इलाकों में जलभराव और भूस्खलन का खतरा बना रहेगा।

प्रशासनिक सतर्कता और आगामी चुनौतियां

लगातार हो रही बारिश के कारण नदियों का जलस्तर बढ़ रहा है, जिससे रुद्रप्रयाग जैसे पहाड़ी इलाकों में नदी किनारे बने निर्माण कार्य और घाट डूबने लगे हैं। प्रशासन ने लोगों को नदियों के किनारे न जाने और सुरक्षित स्थानों पर रहने की सलाह दी है। आपदा प्रबंधन की टीमें प्रभावित क्षेत्रों में तैनात की गई हैं, ताकि किसी भी आपात स्थिति से निपटा जा सके।

आने वाले दिनों में मौसम का रुख और अधिक चुनौतीपूर्ण हो सकता है। विशेष रूप से पहाड़ी राज्यों में भूस्खलन की घटनाओं को देखते हुए यात्रा मार्ग बंद किए जा रहे हैं। मैदानी इलाकों में जलभराव की समस्या से निपटने के लिए स्थानीय निकायों को अलर्ट पर रखा गया है। आम जनता से अपील की गई है कि वे मौसम विभाग के अपडेट्स पर नजर रखें और अनावश्यक यात्रा से बचें।

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टिप्पणियाँ (2)

  • अमित कुमार2 घंटे पहले

    बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।

  • सपना ठाकुर4 घंटे पहले

    ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!

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