मिर्जापुर: स्कूलों में छुट्टी का फर्जी आदेश वायरल, एआई के इस्तेमाल की आशंका
मिर्जापुर में कक्षा 1 से 8 तक के विद्यालयों को 20 अगस्त को बंद किए जाने संबंधी एक फर्जी पत्र सोशल मीडिया पर वायरल हुआ है। इसके बाद शिक्षा विभाग ने स्थिति स्पष्ट की है।

मोहम्मद नवेद
एडिटर

सोशल मीडिया पर फैला भ्रम
उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर जिले में मंगलवार को सोशल मीडिया पर एक पत्र तेजी से वायरल हुआ, जिसमें कक्षा 1 से 8 तक के सभी विद्यालयों में 20 अगस्त को अवकाश घोषित होने का दावा किया गया था। इस सूचना के फैलते ही अभिभावकों और छात्रों के बीच असमंजस की स्थिति पैदा हो गई। कई लोग इस बात को लेकर संशय में थे कि क्या वास्तव में स्कूल बंद रहेंगे या नहीं।
वायरल हुए इस पत्र की भाषा और फॉर्मेट को देखकर कई लोगों ने इसे आधिकारिक मानने की गलती की। व्हाट्सएप ग्रुपों में यह संदेश जंगल की आग की तरह फैल गया, जिससे स्कूलों के संचालन को लेकर भ्रम की स्थिति बनी रही। हालांकि, शिक्षा विभाग ने समय रहते इस मामले का संज्ञान लेते हुए स्थिति को स्पष्ट कर दिया है।
बीएसए ने किया फर्जीवाड़े का खुलासा
मामले की गंभीरता को देखते हुए जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी (बीएसए) अनिल कुमार वर्मा ने तत्काल प्रभाव से स्पष्टीकरण जारी किया। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि शिक्षा विभाग की ओर से 20 अगस्त को स्कूल बंद करने का कोई भी आदेश जारी नहीं किया गया है। बीएसए ने इस पत्र को पूरी तरह से फर्जी और शरारती तत्वों की करतूत करार दिया है।
बीएसए अनिल कुमार वर्मा ने बताया कि प्रथम दृष्टया यह पत्र एआई (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) के जरिए तैयार किया हुआ प्रतीत होता है। उन्होंने कहा कि किसी अज्ञात व्यक्ति ने जानबूझकर विभाग की साख को नुकसान पहुंचाने और जनता में भ्रम फैलाने के उद्देश्य से इस फर्जी आदेश को बनाया और प्रसारित किया है।
दोषियों पर होगी सख्त कार्रवाई
शिक्षा विभाग ने इस घटना को अत्यंत गंभीरता से लिया है। बीएसए ने कहा कि इस फर्जी पत्र को सबसे पहले किसने बनाया और किन लोगों ने इसे बिना पुष्टि किए सोशल मीडिया पर आगे बढ़ाया, इसकी जांच की जा रही है। उन्होंने चेतावनी दी कि जो भी व्यक्ति इस प्रकार की भ्रामक सूचनाएं फैलाने में दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ विधिक और विभागीय कार्रवाई की जाएगी।
विभाग ने स्पष्ट किया है कि जनपद के सभी विद्यालय अपने निर्धारित समय के अनुसार ही संचालित होंगे। किसी भी प्रकार के अवकाश की घोषणा केवल आधिकारिक माध्यमों से ही की जाती है, इसलिए किसी भी अनधिकृत संदेश पर भरोसा न करें।
अभिभावकों और शिक्षकों के लिए सलाह
इस घटना के बाद शिक्षा विभाग ने अभिभावकों, शिक्षकों और आम जनता से अपील की है कि वे सोशल मीडिया पर वायरल होने वाली किसी भी सूचना पर आंख मूंदकर विश्वास न करें। किसी भी आधिकारिक आदेश की पुष्टि के लिए विभाग की वेबसाइट या संबंधित कार्यालय के आधिकारिक नोटिस बोर्ड को ही आधार मानें।
अक्सर एआई तकनीक का गलत इस्तेमाल करके इस तरह के फर्जी दस्तावेज तैयार किए जा रहे हैं, जो आम लोगों को आसानी से गुमराह कर सकते हैं। विभाग ने लोगों से सतर्क रहने और ऐसी किसी भी संदिग्ध सूचना को आगे बढ़ाने से बचने की सलाह दी है ताकि समाज में अनावश्यक अफरा-तफरी न फैले।

एडिटर
मोहम्मद नवेद
टिप्पणियाँ (2)
- अअमित कुमार2 घंटे पहले
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।
- ससपना ठाकुर4 घंटे पहले
ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!