मिर्जापुर: सरकारी योजनाओं के नाम पर बैंक खाते खुलवाकर ठगी करने वाला गिरोह गिरफ्तार
मिर्जापुर में साइबर क्राइम थाना, एसओजी और सर्विलांस की संयुक्त टीम ने ऑनलाइन ठगी करने वाले एक बड़े गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक, गिरोह प्रतिदिन लाखों रुपये की ठगी को अंजाम दे रहा था।

मुश्ताक अहमद खान
Editor In Chief

सरकारी योजनाओं का झांसा देकर फंसाते थे जाल में
मिर्जापुर में साइबर अपराध के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत पुलिस को बड़ी सफलता हाथ लगी है। साइबर क्राइम थाना, एसओजी और सर्विलांस की संयुक्त टीम ने एक ऐसे गिरोह का भंडाफोड़ किया है, जो सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने के नाम पर भोले-भाले लोगों को अपना शिकार बनाता था। यह गिरोह बेहद शातिराना तरीके से लोगों के नाम पर बैंक खाते खुलवाकर उनका इस्तेमाल अवैध लेनदेन के लिए कर रहा था।
पुलिस की शुरुआती जांच में सामने आया है कि आरोपी लोगों को सरकारी योजनाओं में पंजीकरण कराने का लालच देते थे। इसके बदले उन्हें कुछ नकद राशि देने का वादा किया जाता था। जब लोग झांसे में आकर अपने दस्तावेज सौंप देते थे, तो आरोपी उनके नाम पर बैंक खाते खुलवा लेते थे। खाता खुलने के बाद चेकबुक, एटीएम कार्ड और पासबुक जैसे महत्वपूर्ण दस्तावेज गिरोह के सदस्य अपने पास रख लेते थे।
ऑपरेशन 'साइबर ब्रज' में मिली कामयाबी
पुलिस ने इस गिरोह को पकड़ने के लिए 'ऑपरेशन साइबर ब्रज' चलाया था। साइबर क्राइम थाने में दर्ज शिकायतों के आधार पर पुलिस ने इलेक्ट्रॉनिक सर्विलांस और तकनीकी साक्ष्यों का विश्लेषण किया। संदिग्ध गतिविधियों की पुष्टि होने के बाद पुलिस ने घेराबंदी कर गिरोह के चार सदस्यों को गिरफ्तार कर लिया। पकड़े गए आरोपियों की पहचान आशीष कुमार सिंह, कपिल देव भारद्वाज, युवराज सिंह और आदर्श सिंह के रूप में हुई है।
आरोपियों के पास से पुलिस ने बड़ी मात्रा में आपत्तिजनक सामग्री बरामद की है। इसमें 2 लैपटॉप, 9 मोबाइल फोन, एक सीपीयू, 9 चेकबुक, 8 एटीएम कार्ड, 7 पासबुक और कई सरकारी पहचान पत्र जैसे आधार कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस और वोटर आईडी शामिल हैं। इसके अलावा, ठगी की कमाई से खरीदी गई एक टाटा हैरियर कार भी पुलिस ने जब्त की है।
प्रतिदिन लाखों की ठगी का खुलासा
पुलिस के अनुसार, यह गिरोह प्रतिदिन लाखों रुपये की साइबर ठगी को अंजाम दे रहा था। इन बैंक खातों का उपयोग मुख्य रूप से साइबर ठगी के जरिए हासिल की गई रकम को मंगाने और उसे आगे अन्य खातों में ट्रांसफर करने के लिए किया जाता था। इससे ठगी के असली मास्टरमाइंड तक पहुंचना पुलिस के लिए चुनौतीपूर्ण हो जाता था, क्योंकि खाते किसी और के नाम पर होते थे।
फिलहाल, पुलिस ने सभी चार आरोपियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है और उन्हें न्यायालय के समक्ष पेश करने की प्रक्रिया पूरी की जा रही है। पुलिस अब इन आरोपियों से पूछताछ कर रही है ताकि गिरोह के अन्य सदस्यों और इस पूरे नेटवर्क के विस्तार के बारे में जानकारी जुटाई जा सके।
अधिकारियों ने आम जनता से अपील की है कि वे किसी भी अनजान व्यक्ति को अपने बैंक दस्तावेज या ओटीपी साझा न करें। सरकारी योजनाओं का लाभ लेने के लिए हमेशा आधिकारिक सरकारी वेबसाइटों या संबंधित सरकारी कार्यालयों से ही संपर्क करें। किसी भी लालच में आकर अपने बैंक खाते का उपयोग दूसरों को न करने दें, क्योंकि ऐसा करना कानूनी रूप से अपराध की श्रेणी में आता है।

Editor In Chief
मुश्ताक अहमद खान
टिप्पणियाँ (2)
- अअमित कुमार2 घंटे पहले
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।
- ससपना ठाकुर4 घंटे पहले
ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!