मिर्जापुर: 44 करोड़ के आमघाट ओवरब्रिज की सड़क पहली बारिश में ही धंसी, अखिलेश यादव ने सरकार पर साधा निशाना
Mirzapur Amghat bridge approach road collapse, Akhilesh Yadav statement, BJP corruption allegations, latest news update. मिर्जापुर में करीब 44 करोड़ रुपए की लागत से बने आमघाट ओवरब्रिज की अप्रोच रोड पहली ही बरसात में क्षतिग्रस्त हो गई। अप्रोच रोड के क्षतिग्रस्त होने की घटना को लेकर समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने भाजपा सरकार पर निशाना साधा।

मोहम्मद नवेद
एडिटर

पहली ही बरसात में खुली निर्माण कार्य की पोल
मिर्जापुर में नवनिर्मित आमघाट ओवरब्रिज की अप्रोच रोड पहली ही बारिश की मार नहीं झेल सकी और धंस गई। करीब 44 करोड़ रुपये की लागत से तैयार इस महत्वपूर्ण मार्ग के एक बड़े हिस्से में गहरी दरारें आ गई हैं और मिट्टी खिसकने से बड़ा गड्ढा बन गया है। यह पुल मिर्जापुर, चुनार और वाराणसी को बिहार से जोड़ने वाला एक प्रमुख संपर्क मार्ग है, जिसके क्षतिग्रस्त होने से स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश है।
इस घटना के सामने आने के बाद निर्माण की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। स्थानीय निवासियों का कहना है कि जिस सड़क को लंबे समय तक चलना चाहिए था, वह चंद महीनों के भीतर ही पहली बरसात में ही जवाब दे गई। फिलहाल, सेतु निगम द्वारा आनन-फानन में अस्थायी मरम्मत का काम किया जा रहा है, लेकिन लोग इसे नाकाफी बता रहे हैं।
अखिलेश यादव का भाजपा पर तीखा हमला
इस मामले ने अब राजनीतिक तूल पकड़ लिया है। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया के जरिए भाजपा सरकार को आड़े हाथों लिया है। उन्होंने भाजपा को 'बेहद जानलेवा पार्टी' करार देते हुए आरोप लगाया कि इस निर्माण कार्य में बड़े पैमाने पर कमीशनखोरी हुई है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि भाजपाइयों की कमीशनखोरी का रिकॉर्ड सदियों तक कोई नहीं तोड़ पाएगा।
अखिलेश यादव की यह प्रतिक्रिया सड़क के धंसने की तस्वीरें सामने आने के बाद आई है। विपक्ष का आरोप है कि सरकारी धन का दुरुपयोग कर घटिया सामग्री का इस्तेमाल किया गया, जिसका खामियाजा अब आम जनता को भुगतना पड़ रहा है। इस बयान के बाद स्थानीय राजनीति में आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज हो गया है।
हादसे के साये में आवागमन
अप्रोच रोड क्षतिग्रस्त होने के बावजूद इस मार्ग पर वाहनों का आवाजाही जारी है, जो किसी बड़े खतरे को न्योता दे रही है। प्रतिदिन हजारों की संख्या में छोटे-बड़े वाहन इस पुल से गुजरते हैं। सड़क में आई दरारें और धंसाव के कारण वाहन चालकों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि जब तक सड़क की स्थायी और मजबूत मरम्मत नहीं हो जाती, तब तक इसे सुरक्षित किया जाए।
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि निर्माण के दौरान अगर मानकों का सही पालन किया गया होता, तो आज यह स्थिति नहीं होती। उन्होंने सेतु निगम के अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए हैं और मामले की उच्च स्तरीय जांच की मांग की है ताकि दोषियों पर कार्रवाई हो सके।
परियोजना का संक्षिप्त विवरण
आमघाट रेलवे क्रॉसिंग पर बने इस ओवरब्रिज का शिलान्यास जनवरी 2024 में केंद्रीय मंत्री और मिर्जापुर की सांसद अनुप्रिया पटेल द्वारा किया गया था। निर्माण कार्य पूरा होने के बाद फरवरी 2024 में इसे आम जनता के लिए खोल दिया गया था। सेतु निगम के आंकड़ों के अनुसार, इस पूरे प्रोजेक्ट पर लगभग 44 करोड़ रुपये खर्च हुए हैं, जिसमें से करीब 80 लाख रुपये केवल अप्रोच रोड के निर्माण में लगाए गए थे।
महज कुछ महीनों के भीतर ही सड़क का इस तरह क्षतिग्रस्त होना प्रशासन की जवाबदेही तय करने की मांग को और मजबूत करता है। अब देखना यह है कि प्रशासन इस मामले में क्या ठोस कदम उठाता है और क्या भविष्य में इस मार्ग को पूरी तरह सुरक्षित बनाया जा सकेगा।

एडिटर
मोहम्मद नवेद
टिप्पणियाँ (2)
- अअमित कुमार2 घंटे पहले
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।
- ससपना ठाकुर4 घंटे पहले
ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!
