एमडीएसयू परीक्षा फॉर्म भरने की समय सीमा बढ़ी, अब 24 जुलाई तक बिना विलंब शुल्क जमा होंगे आवेदन
MDS University Ajmer exam form submission date extended. महर्षि दयानंद सरस्वती विश्वविद्यालय ने मुख्य परीक्षा सत्र 2025-26 के लिए ऑनलाइन आवेदन की अंतिम तिथि बढ़ा दी है। अब विद्यार्थी बिना विलम्ब शुल्क 24 जुलाई तक आवेदन कर सकेंगे।

मोहम्मद फ़ैज़ान
संपादक

छात्रों को मिली राहत: आवेदन की अंतिम तिथि में विस्तार
अजमेर स्थित महर्षि दयानंद सरस्वती विश्वविद्यालय (एमडीएसयू) ने शैक्षणिक सत्र 2025-26 की मुख्य परीक्षाओं के लिए ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया की समय सीमा बढ़ा दी है। विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा जारी आधिकारिक सूचना के अनुसार, अब छात्र बिना किसी अतिरिक्त विलंब शुल्क के अपने परीक्षा फॉर्म 24 जुलाई 2026 तक जमा कर सकेंगे।
यह निर्णय उन हजारों विद्यार्थियों के लिए राहत लेकर आया है जो किन्हीं कारणों से निर्धारित समय सीमा के भीतर अपना आवेदन पूरा नहीं कर पाए थे। विश्वविद्यालय ने स्पष्ट किया है कि छात्र आधिकारिक वेबसाइट के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया पूरी कर सकते हैं। शुल्क भुगतान के लिए डेबिट कार्ड, क्रेडिट कार्ड, नेट बैंकिंग और यूपीआई जैसे डिजिटल माध्यमों की सुविधा उपलब्ध कराई गई है। इसके अतिरिक्त, विद्यार्थी अपने नजदीकी ई-मित्र केंद्र के माध्यम से भी आवेदन फॉर्म भर सकते हैं।
इन पाठ्यक्रमों के लिए बढ़ाई गई तिथि
विश्वविद्यालय द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार, यह विस्तार स्नातक स्तर के विभिन्न सेमेस्टर पाठ्यक्रमों के लिए लागू है। इसमें बीए, बीकॉम, बीएससी के साथ-साथ बीएससी नैचुरोपैथी एंड यौगिक साइंस, बीसीए, बीबीए, बीएससी होम साइंस और बीएससी फूड साइंस एंड न्यूट्रिशन जैसे विषय शामिल हैं। इसके अलावा, बीए ऑनर्स (इतिहास, भूगोल, राजनीति विज्ञान, अर्थशास्त्र), बीकॉम ऑनर्स और गणित व केमिस्ट्री ऑनर्स के द्वितीय, चतुर्थ और षष्टम सेमेस्टर के छात्र भी इस विस्तारित अवधि का लाभ उठा सकेंगे।
परीक्षा शुल्क और आवेदन से संबंधित विस्तृत दिशा-निर्देश विश्वविद्यालय की आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध हैं। विलंब शुल्क के साथ आवेदन करने वाले छात्रों के लिए विश्वविद्यालय ने अलग-अलग स्लैब निर्धारित किए हैं, जिसके तहत 100 रुपये के विलंब शुल्क के साथ 28 जुलाई तक आवेदन किया जा सकेगा।
प्रायोगिक परीक्षाओं के लिए भी नई समय सीमा
परीक्षा फॉर्म के साथ-साथ एमडीएसयू ने मास्टर्स (पीजी) स्तर के विज्ञान संकाय के द्वितीय और चतुर्थ सेमेस्टर के विद्यार्थियों के लिए प्रायोगिक (प्रैक्टिकल) परीक्षाओं की अंतिम तिथि भी बढ़ा दी है। जिन विषयों की थ्योरी परीक्षाएं 9 जुलाई को संपन्न हो चुकी हैं, उनके प्रैक्टिकल अब 25 जुलाई 2026 तक आयोजित किए जा सकेंगे।
विश्वविद्यालय ने सभी संबद्ध महाविद्यालयों को कड़े निर्देश दिए हैं कि बिना पूर्व अनुमति के किसी भी छात्र की प्रायोगिक परीक्षा आयोजित न की जाए। यदि किसी महाविद्यालय द्वारा नियमों का उल्लंघन किया जाता है, तो उन छात्रों के अंक स्वीकार नहीं किए जाएंगे और इसका संपूर्ण उत्तरदायित्व संबंधित कॉलेज के प्राचार्य का होगा।
परिणामों की समयबद्धता पर जोर
प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया है कि आंतरिक और प्रायोगिक परीक्षाओं के प्राप्तांकों को निर्धारित समय सीमा के भीतर विश्वविद्यालय के ऑनलाइन पोर्टल पर अपलोड करना अनिवार्य है। साथ ही, इन अंकों की हार्ड कॉपी भी विश्वविद्यालय कार्यालय में जमा करानी होगी। यदि कोई महाविद्यालय ऐसा करने में विफल रहता है, तो संबंधित छात्र का परीक्षा परिणाम 'अनुपस्थित' मानते हुए घोषित किया जाएगा, जिससे विद्यार्थियों का शैक्षणिक वर्ष प्रभावित हो सकता है।

संपादक
मोहम्मद फ़ैज़ान
टिप्पणियाँ (2)
- अअमित कुमार2 घंटे पहले
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।
- ससपना ठाकुर4 घंटे पहले
ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!
