मऊगंज उपजेल में बंदियों से मारपीट और वसूली का आरोप, जेल प्रहरी को थमाया गया नोटिस
Mauganj sub jail inmate assault extortion controversy. मऊगंज उपजेल में जेल प्रहरी पर बंदियों से मारपीट और सुविधा के नाम पर पैसे मांगने के गंभीर आरोप लगे हैं। बंदियों के परिजनों ने कलेक्टर कार्यालय पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई है और निष्पक्ष जांच की मांग की है।

मोहम्मद फ़ैज़ान
संपादक

मऊगंज उपजेल में बंदियों के साथ दुर्व्यवहार का मामला
मध्य प्रदेश के मऊगंज स्थित उपजेल में बंद कैदियों के साथ मारपीट और अवैध वसूली के गंभीर आरोप सामने आए हैं। जेल के भीतर बंदियों को प्रताड़ित करने और सुविधा देने के बदले पैसे मांगने की शिकायत परिजनों ने जिला प्रशासन से की है। इस मामले ने जेल प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
परिजनों का आरोप है कि जेल प्रहरी तेजवीर शर्मा ने बीते रविवार को आठ बंदियों के साथ बेरहमी से मारपीट की। घटना तब हुई जब ये बंदी जेल परिसर में सफाई कार्य में लगे हुए थे। मंगलवार को जब परिजन मुलाकात के लिए पहुंचे, तो बंदियों ने अपने शरीर पर चोट के निशान दिखाए और आपबीती सुनाई।
परिजनों ने कलेक्टर और एसडीएम से की शिकायत
बुधवार को बड़ी संख्या में पीड़ित बंदियों के परिजन कलेक्ट्रेट पहुंचे और मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की। उमेश कोल और मोहम्मद रहीस वक्स जैसे परिजनों ने स्पष्ट रूप से कहा कि उनके रिश्तेदारों को जेल प्रहरी द्वारा पैसे न देने पर निशाना बनाया गया। उनका कहना है कि जेल में बुनियादी सुविधाओं के नाम पर भी अवैध वसूली की जाती है।
परिजनों ने बृहस्पति साकेत के नेतृत्व में एसडीएम और जेल के पदेन अधीक्षक को ज्ञापन सौंपा है। शिकायत में मांग की गई है कि जेल के भीतर बंदियों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए और दोषी प्रहरी के खिलाफ सख्त दंडात्मक कार्रवाई की जाए।
प्रशासन की कार्रवाई और मेडिकल जांच
मामले की गंभीरता को देखते हुए जेल प्रशासन ने तुरंत संज्ञान लिया है। उपजेल जेलर ध्रुव नारायण मिश्रा ने बताया कि शिकायत मिलने के तुरंत बाद उन आठों बंदियों का मेडिकल परीक्षण (एमएलसी) कराया गया है, जिनके साथ मारपीट का आरोप है। बंदियों के बयान दर्ज करने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है।
जेल प्रशासन ने आरोपी जेल प्रहरी तेजवीर शर्मा को कारण बताओ नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। जेलर ने स्पष्ट किया कि मामले की विस्तृत रिपोर्ट एसडीएम और पदेन अधीक्षक को भेज दी गई है। मेडिकल रिपोर्ट और बयानों के आधार पर ही आगे की कानूनी कार्रवाई तय की जाएगी।
जांच के बाद होगी वैधानिक कार्रवाई
मऊगंज के एसडीएम एपी द्विवेदी ने पुष्टि की है कि मामले की जांच चल रही है। उन्होंने कहा कि अभी तक लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है, इसलिए जांच रिपोर्ट आने तक किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचना जल्दबाजी होगी। प्रशासन ने भरोसा दिलाया है कि यदि जांच में आरोप सही पाए जाते हैं, तो संबंधित दोषी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
यह घटना जेल परिसर में सुरक्षा और कैदियों के मानवाधिकारों के विषय पर एक बार फिर बहस छेड़ गई है। फिलहाल, जेल प्रशासन और स्थानीय प्रशासन की संयुक्त जांच रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है, जो इस पूरे विवाद की सच्चाई सामने लाएगी।

संपादक
मोहम्मद फ़ैज़ान
टिप्पणियाँ (2)
- अअमित कुमार2 घंटे पहले
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।
- ससपना ठाकुर4 घंटे पहले
ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!
