खाप पंचायत से दूरी बनाने वाले मासूम शर्मा ने मंच पर गाया बैन गाना, हिमाचल में मचा बवाल
Haryanvi singer Masoom Sharma sparks controversy after performing banned song in Himachal Pradesh. हरियाणवी सिंगर मासूम शर्मा एक बार फिर अपने बैन किए गए गानों को लेकर चर्चा में हैं। इस बार मामला हिमाचल प्रदेश का है, जहां कांग्रेस MLA आरएस बाली के कार्यक्रम में मासूम शर्मा ने हरियाणा में बैन सॉन्ग ‘एक खटोला जेल के भीतर, एक खटोला जेल के बाहर’ गाया।

मोहम्मद फ़ैज़ान
संपादक

खाप पंचायत से बनाई दूरी, फिर मंच पर दिखे सक्रिय
हरियाणवी गायक मासूम शर्मा एक बार फिर अपने विवादित गानों को लेकर सुर्खियों में हैं। हाल ही में महम चौबीसी में गन कल्चर और अश्लीलता के खिलाफ आयोजित खाप पंचायत से मासूम शर्मा ने यह कहकर किनारा कर लिया था कि उनकी पसली में चोट लगी है। हालांकि, पंचायत के दो दिन बाद ही वे हिमाचल प्रदेश में एक भव्य कार्यक्रम के दौरान स्टेज पर पूरी तरह सक्रिय नजर आए और उन्होंने वही गाने गाए जिन्हें लेकर पहले ही विवाद हो चुका है।
हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा जिले में कांग्रेस विधायक आरएस बाली द्वारा आयोजित एक कार्यक्रम में मासूम शर्मा ने प्रस्तुति दी। इस दौरान उन्होंने हरियाणा में प्रतिबंधित 'एक खटोला जेल के भीतर, एक खटोला जेल के बाहर' गाना गाया। हैरानी की बात यह है कि जिस समय वे यह गाना गा रहे थे, मंच पर राज्य के मंत्री विक्रमादित्य सिंह और विधायक आरएस बाली भी मौजूद थे।
प्रतिबंधित गानों पर फिर उठा सवाल
हरियाणा सरकार ने मार्च 2025 में गन कल्चर को बढ़ावा देने के आरोप में 20 गायकों के 67 गानों पर प्रतिबंध लगाया था, जिनमें मासूम शर्मा के सबसे अधिक 10 गाने शामिल थे। इसके बावजूद, हिमाचल के कार्यक्रम में उन्होंने न केवल 'खटोला' बल्कि 'रात के शिकारी' और 'चंबल का डाकू' जैसे गाने भी गाए, जिनमें अभद्र भाषा का प्रयोग किया गया है। विधायक आरएस बाली ने मंच से टिप्पणी करते हुए कहा कि उन्हें हरियाणवी समझ नहीं आती, लेकिन वहां मौजूद दर्शक गाने का आनंद ले रहे थे।
इससे पहले, 25 जुलाई को महम में हुई खाप पंचायत में कई कलाकार शामिल हुए थे, जहां गन कल्चर को खत्म करने का संकल्प लिया गया था। मासूम शर्मा के न आने पर आयोजकों ने उनकी पसली की चोट का हवाला दिया था। अब सोशल मीडिया पर यह सवाल उठ रहा है कि जो कलाकार दो दिन पहले चोट के कारण पंचायत में नहीं आ सका, वह इतनी जल्दी स्टेज पर डांस और परफॉर्म कैसे करने लगा।
आयोजकों और कलाकारों की सफाई
इस मामले पर सफाई देते हुए आयोजक धर्मेंद्र हुड्डा ने बताया कि मासूम शर्मा ने उन्हें अपनी चोट की एक्सरे रिपोर्ट भेजी थी। उन्होंने कहा कि वे इस मामले में खाप प्रतिनिधियों से बात करेंगे और मासूम शर्मा से भी स्पष्टीकरण मांगेंगे। वहीं, खाप पंचायत में शामिल हुए अन्य कलाकारों जैसे अजय हुड्डा और वीर साहू ने स्वीकार किया कि इंडस्ट्री में सुधार की जरूरत है और अश्लील कंटेंट को बढ़ावा देने में केवल कलाकार ही नहीं, बल्कि दर्शकों और आयोजकों की भी जिम्मेदारी है।
यह पहली बार नहीं है जब मासूम शर्मा के गानों को लेकर विवाद हुआ हो। इससे पहले गुरुग्राम और जयपुर में भी पुलिस ने उनके कार्यक्रमों के दौरान प्रतिबंधित गानों को लेकर हस्तक्षेप किया था। हालांकि, हिमाचल में सरकारी संरक्षण वाले कार्यक्रम में उन्हें खुलकर गाने का मौका मिला, जिससे गन कल्चर के खिलाफ चल रहे अभियान की गंभीरता पर फिर से सवाल खड़े हो गए हैं।
खाप पंचायतें अब इस दिशा में कड़े कदम उठाने की तैयारी कर रही हैं। सर्वखाप प्रधानों ने स्पष्ट किया है कि भविष्य में नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सामाजिक कार्रवाई की जाएगी। मनोरंजन जगत में व्याप्त इस 'गंद कल्चर' को रोकने के लिए अब कलाकार और खाप प्रतिनिधि एक साझा रणनीति बनाने पर विचार कर रहे हैं, ताकि युवाओं को प्रभावित करने वाली इस प्रवृत्ति पर लगाम लगाई जा सके।

संपादक
मोहम्मद फ़ैज़ान
टिप्पणियाँ (2)
- अअमित कुमार2 घंटे पहले
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।
- ससपना ठाकुर4 घंटे पहले
ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!
