मणिपुरी संगीतकार हत्याकांड: पोस्टमार्टम रिपोर्ट में खुलासा, 15 पसलियां टूटने और आंतरिक रक्तस्राव से हुई मौत
मणिपुरी संगीतकार चोंगथम विक्रम सिंह की पोस्टमार्टम रिपोर्ट में कहा गया है कि उनकी मौत बहुत ज्यादा खून बहने से हुई थी। एम्स दिल्ली की ऑटोप्सी रिपोर्ट में इसकी वजह सीने और पेट पर गंभीर चोट बताई गई है।

मोहम्मद नवेद
एडिटर

दिल्ली में मणिपुरी संगीतकार की नृशंस हत्या, रिपोर्ट में खौफनाक खुलासे
राजधानी दिल्ली के आश्रम इलाके में मणिपुरी संगीतकार चोंगथम विक्रम सिंह की हत्या के मामले में एम्स (AIIMS) की पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने सनसनीखेज खुलासे किए हैं। 54 वर्षीय संगीतकार की मौत का कारण अत्यधिक आंतरिक रक्तस्राव बताया गया है। रिपोर्ट के अनुसार, हमलावरों ने उन पर भारी हथियारों और लात-घूंसों से बर्बर हमला किया था, जिससे उनके शरीर की 15 पसलियां टूट गईं और अंदरूनी अंगों को गंभीर क्षति पहुंची।
घटना 7 सितंबर की है, जब विक्रम सिंह अपने घर के बाहर शोर मचा रहे कुछ लोगों को टोकने के लिए बाहर निकले थे। आरोप है कि इसके बाद हमलावरों ने उनका पीछा किया और उन्हें तीन मंजिल तक खदेड़ते हुए बेरहमी से पीटा। गंभीर रूप से घायल अवस्था में उन्हें होली फैमिली अस्पताल ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान उनकी मृत्यु हो गई। पुलिस ने इस मामले में एक नाबालिग समेत कुल 8 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट में चोटों का भयावह विवरण
एम्स के फोरेंसिक विशेषज्ञों द्वारा तैयार की गई रिपोर्ट में बताया गया है कि विक्रम सिंह के सीने और पेट पर किसी भारी वस्तु से जोरदार प्रहार किए गए थे। बाईं तरफ पहली से 11वीं पसली और दाईं तरफ छठी से नौवीं पसली तक फ्रैक्चर पाए गए हैं। शरीर के अन्य हिस्सों जैसे सिर, चेहरे, हाथ, पीठ और पैरों पर भी गहरे चोट के निशान मिले हैं। इन चोटों के कारण शरीर के भीतर भारी मात्रा में खून जमा हो गया था, जो अंततः उनकी जान लेने का कारण बना।
चिकित्सकों के अनुसार, पसलियों का एक साथ इतनी बड़ी संख्या में टूटना यह दर्शाता है कि हमला कितना हिंसक था। टूटी हुई पसलियों के कारण फेफड़े और हृदय के पास की रक्त वाहिकाएं बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गईं। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने विसरा के नमूने सुरक्षित रख लिए हैं ताकि रासायनिक और टॉक्सिकोलॉजिकल जांच के जरिए मौत की पुष्टि के अन्य पहलुओं को भी स्पष्ट किया जा सके।
आरोपियों की पहचान और पुलिस की कार्रवाई
पुलिस ने इस मामले में सीसीटीवी फुटेज भी बरामद की है, जिसमें आरोपियों को घटना के बाद इमारत से बाहर निकलते हुए देखा जा सकता है। मृतक की पत्नी ने पुलिस को दिए बयान में बताया कि आरोपी वही लोग हैं जिन्होंने पहले भी उनके पति को धमकी दी थी। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए 8 सितंबर को ही सभी आरोपियों को हिरासत में ले लिया था। मामले की जांच जारी है और पुलिस अब इस बात की पुष्टि कर रही है कि क्या यह हमला पूर्व नियोजित था।
इस घटना ने न केवल स्थानीय स्तर पर बल्कि राष्ट्रीय स्तर पर भी चिंता पैदा कर दी है। विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने भी इस घटना पर दुख व्यक्त करते हुए इसे एक बड़ी त्रासदी करार दिया है। उन्होंने कहा कि किसी व्यक्ति पर उसकी पहचान और मूल स्थान के आधार पर हमला करना अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है और यह समाज के लिए एक गंभीर चेतावनी है।
चिकित्सकीय दृष्टिकोण: पसलियों का फ्रैक्चर और जानलेवा प्रभाव
विशेषज्ञों का मानना है कि पसलियां शरीर के महत्वपूर्ण अंगों जैसे फेफड़ों और हृदय की सुरक्षा करती हैं। जब किसी भारी प्रहार से एक साथ कई पसलियां टूटती हैं, तो उनके नुकीले हिस्से अंदरूनी अंगों को भेद सकते हैं। विक्रम सिंह के मामले में, चोटों की तीव्रता इतनी अधिक थी कि आंतरिक रक्तस्राव को रोकना असंभव हो गया। यह मामला अब दिल्ली पुलिस की प्राथमिकता सूची में है और जल्द ही चार्जशीट दाखिल करने की तैयारी की जा रही है।

एडिटर
मोहम्मद नवेद
टिप्पणियाँ (2)
- अअमित कुमार2 घंटे पहले
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।
- ससपना ठाकुर4 घंटे पहले
ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!