मैनपुरी में वृहद वृक्षारोपण अभियान की तैयारी: 12 जुलाई तक गड्ढे खोदने के निर्देश
Uttar Pradesh tree plantation drive target 2026. All departments instructed to complete pit excavation by July 12 for geo-tagging of every plant. जिला वृक्षारोपण, जिला पर्यावरण और जिला गंगा समितियों की संयुक्त बैठक हुई। इसमें प्रभागीय निदेशक सामाजिक वानिकी शिवम मिश्रा ने अधिकारियों को 12 जुलाई से पहले वृक्षारोपण अभियान की सभी तैयारियां पूरी करने के निर्देश दिए।

मोहम्मद फ़ैज़ान
संपादक

मैनपुरी में आगामी वृक्षारोपण अभियान को सफल बनाने के लिए जिला प्रशासन ने कमर कस ली है। हाल ही में आयोजित जिला वृक्षारोपण, जिला पर्यावरण और जिला गंगा समितियों की एक संयुक्त बैठक में अभियान की रूपरेखा तैयार की गई। प्रभागीय निदेशक सामाजिक वानिकी शिवम मिश्रा ने सभी संबंधित विभागों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि वे 12 जुलाई से पहले वृक्षारोपण के लिए गड्ढे खोदने का कार्य पूर्ण कर लें।
समयबद्ध तैयारी और लक्ष्य प्राप्ति पर जोर
बैठक में अधिकारियों को उनके निर्धारित लक्ष्यों के अनुसार शत-प्रतिशत गड्ढा खुदान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। इसकी सूचना समय पर वन विभाग को उपलब्ध करानी होगी ताकि अभियान में किसी भी प्रकार की देरी न हो। प्रशासन ने सभी विभागों को उनकी आवश्यकता के अनुसार नर्सरियां भी आवंटित कर दी हैं। अधिकारियों से कहा गया है कि वे अभियान शुरू होने से पहले ही आवंटित पौधशालाओं से पौधों का उठान सुनिश्चित करें, ताकि रोपण कार्य निर्बाध रूप से चल सके।
अभियान की पारदर्शिता और निगरानी के लिए तकनीक का सहारा लिया जाएगा। प्रभागीय निदेशक ने स्पष्ट किया कि लगाए गए प्रत्येक पौधे की 'हरितिमा ऐप' के माध्यम से जियो-टैगिंग अनिवार्य होगी। इसके अलावा, एनआईसी द्वारा तैयार किए गए क्यूआर कोड पर भी रोपण का विवरण अपलोड करना होगा, जिससे पौधों की वास्तविक स्थिति की निगरानी की जा सकेगी।
पौधों का संरक्षण और जन जागरूकता
केवल पौधे लगाना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि उनकी सुरक्षा और देखभाल भी उतनी ही महत्वपूर्ण है। बैठक में इस बात पर विशेष जोर दिया गया कि रोपण के बाद पौधों की नियमित सिंचाई, निराई-गुड़ाई और सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए जाएं। इससे पौधों के जीवित रहने की दर में सुधार होगा और पर्यावरण को दीर्घकालिक लाभ मिलेगा।
जन जागरूकता बढ़ाने के लिए जिला पंचायत राज अधिकारी और क्षेत्रीय वनाधिकारियों को प्रत्येक ग्राम पंचायत में 'ग्रीन चौपाल' गठित करने के निर्देश दिए गए हैं। खंड विकास अधिकारियों के साथ समन्वय कर नियमित बैठकें आयोजित की जाएंगी, ताकि ग्रामीणों को पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक किया जा सके और उन्हें इस अभियान का हिस्सा बनाया जा सके।
स्वच्छता और गंगा संरक्षण पर भी फोकस
वृक्षारोपण के साथ-साथ स्वच्छता अभियान को भी गति दी जा रही है। नगर निकायों के अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे सभी मटेरियल रिकवरी फैसिलिटी (एमआरएफ) केंद्रों को सक्रिय रखें और ठोस व मेडिकल वेस्ट के सुरक्षित निस्तारण की व्यवस्था सुनिश्चित करें। जिन गांवों में गंगा समितियां गठित हैं, वहां हर महीने बैठकें आयोजित कर स्वच्छता और गंगा संरक्षण के महत्व को समझाने के निर्देश दिए गए हैं।
इस महत्वपूर्ण बैठक में मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. आर.सी. गुप्ता, जिला विकास अधिकारी अजय कुमार, एआरटीओ सिद्धार्थ यादव, लोक निर्माण विभाग और सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता सहित जिले के कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। बैठक का संचालन उप क्षेत्रीय वनाधिकारी राजीव दीक्षित द्वारा किया गया।

संपादक
मोहम्मद फ़ैज़ानटिप्पणियाँ (2)
- अअमित कुमार2 घंटे पहले
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।
- ससपना ठाकुर4 घंटे पहले
ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!