मैहर में वनभूमि से अतिक्रमण हटाने गई टीम पर हमला, पथराव में दो वनकर्मी घायल
वन विभाग की शिकायत पर पुलिस ने चार नामजद सहित 60 से 70 अज्ञात महिला-पुरुषों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। यह घटना बुधवार को मैहर वन परिक्षेत्र की जुड़वानी बीट स्थित बहिली गांव में हुई।

मोहम्मद फ़ैज़ान
संपादक

मध्य प्रदेश के मैहर जिले में वन विभाग की टीम पर हमले का एक गंभीर मामला सामने आया है। बदेरा थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले बहिली गांव में आरक्षित वनभूमि से अवैध कब्जा हटाने पहुंची टीम को स्थानीय लोगों के भारी विरोध का सामना करना पड़ा। इस दौरान स्थिति इतनी बिगड़ गई कि भीड़ ने वनकर्मियों पर पथराव शुरू कर दिया, जिसमें दो वनकर्मी घायल हो गए और विभाग की मशीनों को भी नुकसान पहुंचा है।
अतिक्रमण हटाने के दौरान हुआ विवाद
बुधवार दोपहर को मैहर वन परिक्षेत्र की जुड़वानी बीट स्थित बहिली गांव में वन विभाग, राजस्व विभाग और पुलिस की एक संयुक्त टीम अतिक्रमण हटाने के लिए पहुंची थी। प्रशासन का लक्ष्य आरक्षित वनभूमि को अवैध कब्जों से मुक्त कराना था। जैसे ही टीम ने कार्रवाई शुरू की, वहां मौजूद ग्रामीणों ने इसका विरोध करना शुरू कर दिया। देखते ही देखते विरोध प्रदर्शन ने हिंसक रूप ले लिया और भीड़ ने टीम पर पथराव कर दिया।
पथराव की इस घटना में दो वनकर्मियों को चोटें आई हैं। इसके अलावा, मौके पर मौजूद दो जेसीबी मशीनों के कांच भी पूरी तरह टूट गए। अचानक हुए इस हमले से वहां अफरा-तफरी मच गई। स्थिति को बिगड़ता देख तुरंत जिले के अन्य क्षेत्रों से अतिरिक्त पुलिस बल को मौके पर बुलाया गया। वरिष्ठ अधिकारियों की मौजूदगी में काफी मशक्कत के बाद स्थिति को नियंत्रित किया गया और अंततः अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई को पूरा किया गया।
चार नामजद सहित 70 लोगों पर केस दर्ज
घटना के बाद मैहर वन परिक्षेत्र अधिकारी की शिकायत पर बदेरा थाना पुलिस ने मामला दर्ज किया है। पुलिस ने रामसरोवर कोल, शिवप्रसाद कोल, राजू साकेत और रामप्रताप कोल को नामजद आरोपी बनाया है। इनके अलावा 60 से 70 अज्ञात महिला और पुरुषों के खिलाफ भी भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं के तहत प्रकरण दर्ज किया गया है। पुलिस अब इस मामले की गहन जांच कर रही है।
पुलिस का कहना है कि घटनास्थल पर मौजूद वीडियो फुटेज और अन्य साक्ष्यों को खंगाला जा रहा है। इन फुटेज के आधार पर अन्य आरोपियों की पहचान की जा रही है, जो इस हमले में शामिल थे। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि कानून को हाथ में लेने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा और साक्ष्यों के आधार पर दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
प्रतिमा स्थापना को लेकर पहले से था तनाव
सूत्रों के अनुसार, इस क्षेत्र में तनाव का एक मुख्य कारण आरक्षित वनभूमि पर बिरसा मुंडा की प्रतिमा स्थापित करने का प्रयास था। इसी विवाद के चलते पहले भी स्थानीय स्तर पर असंतोष देखा गया था। बुधवार को जब प्रशासन की टीम वहां पहुंची, तो यह पुराना विवाद और अधिक गहरा गया, जिसके परिणामस्वरूप टीम पर हमला हुआ। फिलहाल क्षेत्र में शांति है, लेकिन पुलिस बल की तैनाती के जरिए स्थिति पर नजर रखी जा रही है।
प्रशासनिक अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि सरकारी भूमि पर किसी भी प्रकार का अवैध कब्जा बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। वन विभाग की टीम भविष्य में भी इसी तरह की कार्रवाई जारी रखेगी, ताकि आरक्षित वन क्षेत्रों को सुरक्षित रखा जा सके। फिलहाल, पुलिस मामले की जांच में जुटी है और फरार आरोपियों की तलाश की जा रही है।

संपादक
मोहम्मद फ़ैज़ान
टिप्पणियाँ (2)
- अअमित कुमार2 घंटे पहले
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।
- ससपना ठाकुर4 घंटे पहले
ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!