मध्य प्रदेश में बस यात्रियों पर महंगाई की मार: किराए में 75 पैसे प्रति किलोमीटर की बढ़ोतरी
मध्य प्रदेश में यात्री बसों का किराया बढ़ा दिया गया है। प्रति यात्री प्रति किलोमीटर 75 पैसे की बढ़ोतरी के बाद नई दर ₹2 प्रति किमी हो गई है।

मुश्ताक अहमद खान
Editor In Chief

मध्य प्रदेश में सार्वजनिक परिवहन का उपयोग करने वाले आम नागरिकों की जेब पर अब अतिरिक्त बोझ पड़ेगा। राज्य सरकार ने यात्री बसों के किराए में प्रति किलोमीटर 75 पैसे की वृद्धि करने का निर्णय लिया है। इस बढ़ोतरी के बाद अब यात्रियों को प्रति किलोमीटर 2 रुपये का किराया चुकाना होगा, जो पहले लगभग 1.25 रुपये प्रति किलोमीटर था।
बस ऑपरेटरों की मांग और सरकार का फैसला
बस ऑपरेटर लंबे समय से किराए में वृद्धि की मांग कर रहे थे। उनका तर्क था कि वर्ष 2021 के बाद से डीजल की कीमतों, बीमा प्रीमियम, मोटरयान कर और बसों के रखरखाव के खर्च में भारी उछाल आया है। इसके अलावा, बस कर्मचारियों के वेतन और अन्य परिचालन लागतों में भी वृद्धि हुई है। ऑपरेटरों ने सरकार के समक्ष 2.50 रुपये प्रति किलोमीटर किराए की मांग रखी थी, जिस पर विचार करने के बाद सरकार ने फिलहाल इसे 2 रुपये प्रति किलोमीटर पर निर्धारित किया है।
किराया बढ़ाने के लिए बस मालिकों ने सरकार को 7 अगस्त तक का अल्टीमेटम दिया था। इससे पहले 26 जुलाई को सागर में हुई एक बैठक में ऑपरेटरों ने अपनी समस्याओं को प्रमुखता से रखा था। सरकार द्वारा नई दरें लागू करने के आदेश के बाद, बस ऑपरेटरों द्वारा प्रस्तावित हड़ताल को टाल दिया गया है, जिससे यात्रियों को सेवा बाधित होने की चिंता से तो राहत मिली है, लेकिन आर्थिक बोझ बढ़ गया है।
इन रूटों पर पड़ेगा सीधा असर
इस फैसले का सबसे अधिक असर बैतूल जिले से आवागमन करने वाले यात्रियों पर पड़ेगा। बैतूल से भोपाल, नागपुर, अमरावती और इंदौर जैसे प्रमुख शहरों के बीच यात्रा करने वाले लोगों को अब पहले की तुलना में अधिक पैसे खर्च करने होंगे। इसके अतिरिक्त, इटारसी, नर्मदापुरम, मुलताई, आमला, शाहपुर और भैंसदेही जैसे स्थानीय रूटों पर भी नई दरें प्रभावी होंगी।
विशेष रूप से इंदौर रूट पर यात्रा करने वाले यात्रियों को अब टिकट के लिए अधिक भुगतान करना होगा। वर्तमान में इस रूट पर किराए की दरें ऑनलाइन बुकिंग और सेवा के प्रकार के आधार पर 350 से 400 रुपये के बीच रहती हैं, जिनमें अब आनुपातिक रूप से वृद्धि की जाएगी।
आम आदमी के बजट पर प्रभाव
किराए में हुई इस बढ़ोतरी का सीधा असर उन लोगों पर पड़ेगा जो अपनी आजीविका, शिक्षा या व्यापार के लिए प्रतिदिन बस से सफर करते हैं। नियमित यात्रियों के मासिक बजट में इस वृद्धि के कारण काफी बदलाव आने की संभावना है। नौकरीपेशा और छात्र वर्ग, जो सार्वजनिक परिवहन पर पूरी तरह निर्भर हैं, उनके लिए यह आर्थिक रूप से चुनौतीपूर्ण हो सकता है।
हालांकि सरकार ने बस ऑपरेटरों की परिचालन संबंधी दिक्कतों को देखते हुए यह कदम उठाया है, लेकिन आम जनता के लिए यह महंगाई की एक और मार के रूप में देखा जा रहा है। फिलहाल, बस ऑपरेटरों ने नई दरों को लागू करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है और यात्रियों से संशोधित किराया वसूला जा रहा है।
राज्य के परिवहन विभाग द्वारा जारी आदेश के बाद अब सभी जिलों में बस संचालकों को नई दरें प्रदर्शित करने के निर्देश दिए गए हैं। यात्रियों को सलाह दी गई है कि वे यात्रा के दौरान निर्धारित किराए के बारे में स्पष्ट जानकारी रखें ताकि किसी भी प्रकार के विवाद से बचा जा सके।

Editor In Chief
मुश्ताक अहमद खान
टिप्पणियाँ (2)
- अअमित कुमार2 घंटे पहले
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।
- ससपना ठाकुर4 घंटे पहले
ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!