लखनऊ में परिवहन विभाग का 'ऑपरेशन कवच': 16 बसें सीज और 66 का कटा चालान
राजधानी में बिना अनुमति और नियमों के खिलाफ चल रहे यात्री वाहनों पर परिवहन विभाग ने सख्ती तेज कर दी है। ऑपरेशन कवच के पहले दिन सबसे बड़ी कार्रवाई करते हुए 66 वाहनों का चालान किया गया, जबकि 16 वाहनों को सीज (निरुद्ध) कर दिया गया।

मोहम्मद फ़ैज़ान
संपादक

राजधानी में अवैध यात्री वाहनों पर चला चाबुक
लखनऊ में बिना अनुमति और यातायात नियमों की धज्जियां उड़ाकर चल रहे यात्री वाहनों के खिलाफ परिवहन विभाग ने बड़ी कार्रवाई शुरू की है। मुख्यालय के निर्देश पर चलाए जा रहे 'ऑपरेशन कवच' के पहले दिन विभाग ने सख्ती दिखाते हुए 66 वाहनों का चालान किया और 16 वाहनों को सीज कर दिया। यह अभियान मुख्य रूप से उन वाहनों को निशाना बनाकर चलाया गया जो परमिट की शर्तों का उल्लंघन कर रहे थे।
अभियान के दौरान चार संयुक्त टीमों का गठन किया गया था, जिसमें परिवहन विभाग, राज्य कर विभाग, परिवहन निगम और यातायात पुलिस के अधिकारी शामिल रहे। जांच का दायरा आलमबाग चौराहा-नहरिया रोड, पीजीआई मार्ग, सुल्तानपुर रोड स्थित अहिमामऊ-पूर्वांचल एक्सप्रेसवे और पॉलीटेक्निक-कमता-अयोध्या रोड तक फैला रहा। इन प्रमुख मार्गों पर अवैध रूप से संचालित बसों की सघन चेकिंग की गई।
परमिट नियमों का उल्लंघन और छत पर सामान की ढुलाई
जांच के दौरान कई ऐसी बसें पकड़ी गईं जो परमिट की शर्तों को ताक पर रखकर चल रही थीं। विशेष रूप से चार स्लीपर बसों में नियमों का गंभीर उल्लंघन पाया गया। इन बसों की छतों पर व्यावसायिक सामान लादा गया था, जिसकी अनुमति कानूनन नहीं है। परिवहन विभाग ने इन बसों को तत्काल प्रभाव से सीज कर दिया है। इसके साथ ही राज्य कर विभाग ने भी इन वाहनों में लदे सामान की जांच कर अलग से कानूनी कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू की है।
इसके अलावा, अभियान में चार स्लीपर बसें ऐसी भी मिलीं जो ऑल इंडिया टूरिस्ट परमिट की शर्तों का उल्लंघन कर रही थीं। ये बसें अपने गृह राज्य से संचालित होने के बजाय दो अन्य राज्यों के बीच अवैध रूप से चल रही थीं। परिवहन विभाग ने इन मामलों को गंभीरता से लिया है और संबंधित परमिट जारी करने वाले प्राधिकरण को रिपोर्ट भेजने की तैयारी की है ताकि भविष्य में इनका परमिट निरस्त किया जा सके।
संयुक्त टीमों की निगरानी और भविष्य की रणनीति
यह व्यापक अभियान उप परिवहन आयुक्त राधेश्याम और आरटीओ (प्रवर्तन) प्रभात पाण्डेय के नेतृत्व में संचालित किया गया। विभाग का स्पष्ट कहना है कि यात्रियों की सुरक्षा और यातायात व्यवस्था को सुचारू बनाने के लिए यह कार्रवाई केवल एक शुरुआत है। अवैध रूप से चल रहे यात्री वाहनों के खिलाफ यह विशेष अभियान आगे भी जारी रहेगा, ताकि सड़क पर चलने वाले हर वाहन का परिचालन नियमों के दायरे में हो।
परिवहन विभाग के अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि भविष्य में भी इसी तरह की संयुक्त चेकिंग जारी रहेगी। विशेषकर उन मार्गों पर कड़ी नजर रखी जाएगी जहां से अवैध बसों का संचालन अधिक होता है। विभाग ने बस संचालकों को चेतावनी दी है कि वे अपने वाहनों के कागजात और परमिट की शर्तों का पालन सुनिश्चित करें, अन्यथा सख्त कानूनी कार्रवाई का सामना करना पड़ेगा।
यात्रियों की सुरक्षा सर्वोपरि
सड़क पर बिना परमिट या नियमों के विपरीत चल रहे वाहन न केवल यातायात व्यवस्था को बाधित करते हैं, बल्कि यात्रियों की सुरक्षा के लिए भी बड़ा खतरा पैदा करते हैं। छत पर सामान लादकर चलने वाली बसें असंतुलन का कारण बन सकती हैं, जिससे दुर्घटनाओं की आशंका बनी रहती है। 'ऑपरेशन कवच' का मुख्य उद्देश्य इन्हीं जोखिमों को कम करना और अवैध परिवहन माफिया पर नकेल कसना है।
इस कार्रवाई से अवैध बस संचालकों में हड़कंप मच गया है। परिवहन विभाग की इस मुहिम को आम जनता की सुरक्षा के लिहाज से एक सकारात्मक कदम माना जा रहा है। आने वाले दिनों में विभाग की यह सख्ती और अधिक तेज होने की संभावना है, जिससे राजधानी की सड़कों पर अवैध वाहनों के परिचालन पर लगाम लग सकेगी।

संपादक
मोहम्मद फ़ैज़ान
टिप्पणियाँ (2)
- अअमित कुमार2 घंटे पहले
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।
- ससपना ठाकुर4 घंटे पहले
ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!