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लखनऊ में नेटवर्क मार्केटिंग के नाम पर 2.75 करोड़ की धोखाधड़ी, दो डायरेक्टर गिरफ्तार

लखनऊ की गाजीपुर पुलिस ने नेटवर्क मार्केटिंग में जरिए 2.75 करोड़ की ठगी करने वाले दो जालसाजों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों की तलाश में पुलिस दो साल से लगी थी।

मोहम्मद नवेद

मोहम्मद नवेद

एडिटर

14 सितंबर 20262 मिनट पढ़ें
लखनऊ में नेटवर्क मार्केटिंग के नाम पर 2.75 करोड़ की धोखाधड़ी, दो डायरेक्टर गिरफ्तार
मूल स्रोत

नेटवर्क मार्केटिंग के नाम पर बड़ा फर्जीवाड़ा

लखनऊ की गाजीपुर पुलिस ने एक बड़े नेटवर्क मार्केटिंग घोटाले का खुलासा करते हुए दो जालसाजों को गिरफ्तार किया है। इन आरोपियों पर निवेशकों को मोटा मुनाफा और सैलरी का लालच देकर करीब 2.75 करोड़ रुपये की ठगी करने का आरोप है। पुलिस पिछले दो वर्षों से इन आरोपियों की तलाश में जुटी थी, जो आखिरकार कानून के शिकंजे में आ गए हैं।

पुलिस के अनुसार, यह पूरा मामला एक फर्जी कंपनी के इर्द-गिर्द बुना गया था। आरोपियों ने खुद को कंपनी का डायरेक्टर बताकर लोगों को निवेश के लिए प्रेरित किया। पीड़ितों को विश्वास में लेने के लिए उन्हें हर महीने निश्चित वेतन और निवेश की गई राशि पर 5 प्रतिशत कमीशन देने का प्रलोभन दिया गया था। इस झांसे में आकर कई लोगों ने अपनी गाढ़ी कमाई इस कंपनी में लगा दी।

दो साल से चल रही थी तलाश

विवेचक प्रभात बालियान ने बताया कि जांच में सामने आया है कि इस धोखाधड़ी का जाल केवल लखनऊ तक ही सीमित नहीं था, बल्कि यह बहराइच और सीतापुर जैसे पड़ोसी जिलों में भी फैला हुआ था। कंपनी का मुख्य आधार पश्चिम बंगाल बताया गया है, जिसके चार डायरेक्टरों में से तीन बाराबंकी के रहने वाले हैं। इस कंपनी के खिलाफ पहले भी वर्ष 2019 और 2022 में मुकदमे दर्ज हो चुके हैं, जिससे इसकी कार्यप्रणाली पर पहले से ही सवाल उठ रहे थे।

पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए आरोपियों को कई बार पूछताछ के लिए बुलाया था, लेकिन वे लगातार बचते रहे। अंततः पुलिस ने कानूनी नोटिस जारी कर उन्हें एचएएल चौकी, थाना गाजीपुर में तलब किया। 13 सितंबर को घनश्याम यादव और प्रवीन कुमार नामक आरोपी पुलिस के सामने पेश हुए।

साक्ष्य पेश करने में नाकाम रहे आरोपी

चौकी पर पूछताछ के दौरान जब पुलिस ने आरोपियों से कंपनी के संचालन और निवेश से जुड़े वैध दस्तावेज व साक्ष्य मांगे, तो वे कोई भी संतोषजनक जवाब नहीं दे सके। कड़ाई से पूछताछ करने पर यह स्पष्ट हो गया कि घटना के समय दोनों आरोपी 'ब्लूधौऊ ट्रेडिंग कंपनी' के डायरेक्टर के पद पर तैनात थे और सक्रिय रूप से लोगों से पैसा निवेश करवाने का काम कर रहे थे।

साक्ष्यों के अभाव और धोखाधड़ी में संलिप्तता पाए जाने के बाद पुलिस ने तुरंत घनश्याम यादव और प्रवीन कुमार को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस की प्रारंभिक जांच में यह भी सामने आया है कि इन दोनों के अलावा गिरोह के दो अन्य सदस्य भी इस पूरे रैकेट में शामिल थे, जिनकी तलाश अभी भी जारी है।

पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि ठगी गई 2.75 करोड़ रुपये की राशि को आरोपियों ने कहां ठिकाने लगाया है। साथ ही, कंपनी के अन्य बैंक खातों और संपत्तियों की जानकारी भी जुटाई जा रही है ताकि पीड़ितों को न्याय दिलाया जा सके। पुलिस ने आम जनता से भी अपील की है कि वे किसी भी ऐसी योजना में निवेश करने से पहले कंपनी की पूरी वैधता की जांच जरूर कर लें।

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टिप्पणियाँ (2)

  • अ
    अमित कुमार2 घंटे पहले

    बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।

  • स
    सपना ठाकुर4 घंटे पहले

    ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!

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