लखनऊ मेट्रो का ईस्ट-वेस्ट कॉरिडोर: मूसाबाग में पाइलिंग के साथ निर्माण कार्य शुरू
Lucknow Metro Phase 1B East-West Corridor project ground work starts. लखनऊ में प्रस्तावित चारबाग से वसंतकुंज तक लखनऊ मेट्रो के ईस्ट-वेस्ट कॉरिडोर (फेज-1बी) के निर्माण की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए शनिवार से जमीनी काम शुरू हो गया। एलिवेटेड कॉरिडोर के निर्माण का जिम्मा संभालने वाली कंपनी ने मूसाबाग क्षेत्र में पाइलिंग के लिए खुदाई का कार्य प्रारंभ कर दिया है।

मोहम्मद फ़ैज़ान
संपादक

राजधानी लखनऊ में सार्वजनिक परिवहन को सुदृढ़ करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए लखनऊ मेट्रो के ईस्ट-वेस्ट कॉरिडोर (फेज-1बी) का जमीनी कार्य औपचारिक रूप से शुरू हो गया है। चारबाग से वसंतकुंज तक प्रस्तावित इस महत्वाकांक्षी परियोजना के तहत शनिवार को मूसाबाग क्षेत्र में पाइलिंग के लिए खुदाई का काम प्रारंभ किया गया। इस कार्य के शुरू होने के साथ ही शहर के यातायात को आधुनिक बनाने की कवायद ने गति पकड़ ली है।
11 किलोमीटर लंबे रूट पर 12 स्टेशनों का जाल
उत्तर प्रदेश मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (यूपीएमआरसी) द्वारा संचालित इस परियोजना की कुल लंबाई 11.165 किलोमीटर निर्धारित की गई है। इस कॉरिडोर में कुल 12 मेट्रो स्टेशन बनाए जाएंगे, जिनमें से सात स्टेशन भूमिगत होंगे, जबकि पांच स्टेशन एलिवेटेड (ऊपरी) होंगे। यूपीएमआरसी ने एलिवेटेड सेक्शन के निर्माण कार्य को आगामी दो वर्षों के भीतर पूरा करने का लक्ष्य रखा है, जिससे यात्रियों को जल्द ही इस नई सुविधा का लाभ मिल सके।
इस पूरे प्रोजेक्ट की अनुमानित लागत 5801 करोड़ रुपये है। परियोजना के सुचारू संचालन के लिए डिपो, रोलिंग स्टॉक और स्टेशनों के निर्माण से संबंधित सभी प्रमुख टेंडर पहले ही जारी किए जा चुके हैं। स्टेशनों के निर्माण के लिए अलग-अलग चरणों में प्रक्रिया अपनाई जा रही है ताकि काम में किसी प्रकार की बाधा न आए।
एलिवेटेड सेक्शन के लिए ठेका आवंटित
हाल ही में यूपीएमआरसी ने पांच एलिवेटेड स्टेशनों के निर्माण का ठेका मेसर्स रंजीत बिल्डकॉन लिमिटेड को सौंपा है। लगभग 384 करोड़ रुपये के इस सिविल निर्माण कार्य के तहत ठाकुरगंज से वसंतकुंज तक 4.6 किलोमीटर लंबे एलिवेटेड कॉरिडोर का निर्माण किया जाएगा। इस हिस्से में ठाकुरगंज, बालागंज, सरफराजगंज, मूसाबाग और वसंतकुंज स्टेशन शामिल होंगे। इसके अतिरिक्त, मेट्रो लाइन को डिपो से जोड़ने के लिए 740 मीटर लंबा रैंप भी तैयार किया जाएगा।
परियोजना के भूमिगत सेक्शन के लिए भी प्रक्रिया अंतिम चरण में है। सात भूमिगत स्टेशनों के निर्माण के लिए ठेकेदार कंपनी का चयन अगस्त माह तक होने की प्रबल संभावना है। जैसे ही यह चयन प्रक्रिया पूरी होगी, पूरे कॉरिडोर पर निर्माण गतिविधियों में तेजी आएगी और काम निर्धारित समय सीमा के भीतर पूरा करने का प्रयास किया जाएगा।
परिवहन व्यवस्था में होगा बड़ा बदलाव
इस ईस्ट-वेस्ट कॉरिडोर के पूरा होने से लखनऊ के पुराने और नए इलाकों के बीच कनेक्टिविटी में क्रांतिकारी सुधार आएगा। चारबाग जैसे व्यस्त केंद्र से वसंतकुंज तक की दूरी मेट्रो के माध्यम से तय होने से न केवल समय की बचत होगी, बल्कि सड़कों पर वाहनों का दबाव भी कम होगा। वसंतकुंज में बनने वाला मेट्रो डिपो और उससे जुड़ी सुविधाएं इस पूरे रूट को तकनीकी रूप से सक्षम बनाएंगी।
यूपीएमआरसी के अधिकारी निर्माण कार्य की गुणवत्ता और समयबद्धता पर विशेष ध्यान दे रहे हैं। पाइलिंग के काम के साथ ही अब शहरवासियों की नजरें इस परियोजना के अगले चरणों पर टिकी हैं। आने वाले महीनों में निर्माण कार्य के विस्तार के साथ ही लखनऊ की मेट्रो सेवा का विस्तार एक नई दिशा में आगे बढ़ेगा, जो शहर के शहरी बुनियादी ढांचे के लिए एक मील का पत्थर साबित होगा।

संपादक
मोहम्मद फ़ैज़ान
टिप्पणियाँ (2)
- अअमित कुमार2 घंटे पहले
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।
- ससपना ठाकुर4 घंटे पहले
ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!
