लखनऊ: अवैध डेयरी संचालकों पर प्रशासन का कड़ा रुख, जब्त 243 भैंसों की नीलामी के बाद मचा बवाल
लखनऊ में दरोगा पर हमले के बाद अवैध डेयरियों से जब्त की गईं 243 भैंसों को नीलाम कर दिया गया। 58 लाख 89 हजार रुपए में इन्हें बेचा गया।

मोहम्मद फ़ैज़ान
संपादक

लखनऊ में अवैध डेयरियों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई
उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में अवैध रूप से संचालित डेयरियों के खिलाफ प्रशासन ने सख्त कदम उठाए हैं। हाल ही में एक दरोगा पर हुए हमले की घटना के बाद, प्रशासन ने डेयरियों से जब्त की गई 243 भैंसों की नीलामी प्रक्रिया पूरी कर ली है। इस पूरी कार्रवाई से क्षेत्र में हड़कंप मच गया है और अवैध डेयरी संचालकों के बीच भारी रोष देखा जा रहा है।
प्रशासनिक आंकड़ों के अनुसार, जब्त किए गए मवेशियों की नीलामी से कुल 58 लाख 89 हजार रुपये की राशि प्राप्त हुई है। यह कार्रवाई शहर में अवैध रूप से चल रहे पशुपालन केंद्रों को बंद करने और कानून व्यवस्था बनाए रखने के उद्देश्य से की गई थी। नीलामी की प्रक्रिया के दौरान भारी पुलिस बल तैनात रहा ताकि किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटा जा सके।
नीलामी के दौरान जमकर हुआ हंगामा
नीलामी स्थल पर उस समय स्थिति तनावपूर्ण हो गई जब बड़ी संख्या में डेयरी संचालक और उनके समर्थक वहां पहुंच गए। इस दौरान समाजवादी पार्टी की यूथ ब्रिगेड और आजाद समाज पार्टी के कार्यकर्ताओं ने जमकर विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने प्रशासन की कार्रवाई को एकतरफा और गरीब पशुपालकों के खिलाफ बताया, जिसके चलते वहां काफी देर तक अफरा-तफरी का माहौल बना रहा।
विरोध प्रदर्शन में शामिल लोगों ने आरोप लगाया कि प्रशासन ने बिना उचित चेतावनी के यह कार्रवाई की है, जिससे कई परिवारों की आजीविका पर संकट आ गया है। सीतापुर सहित आसपास के जिलों से आए डेयरी संचालकों ने भी इस नीलामी प्रक्रिया का कड़ा विरोध किया। पुलिस को प्रदर्शनकारियों को शांत कराने के लिए काफी मशक्कत करनी पड़ी।
राजनीतिक हस्तक्षेप और आगे की स्थिति
इस मामले ने अब राजनीतिक रंग ले लिया है। अवैध डेयरी संचालकों के एक प्रतिनिधिमंडल ने पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव से मुलाकात की और अपनी व्यथा सुनाई। इस मुलाकात के बाद राजनीतिक दलों का दबाव और बढ़ गया है। विपक्षी दलों का कहना है कि प्रशासन को पशुपालकों के पुनर्वास के लिए कोई विकल्प देना चाहिए था, न कि सीधे उनकी संपत्ति नीलाम करनी चाहिए थी।
प्रशासन का कहना है कि यह कार्रवाई दरोगा पर हुए हमले के बाद कानून का राज स्थापित करने के लिए आवश्यक थी। अवैध डेयरियों के कारण शहर में गंदगी और यातायात की समस्याएं भी बढ़ रही थीं। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि भविष्य में भी नियमों का उल्लंघन करने वाली डेयरियों के खिलाफ इसी तरह की सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
फिलहाल, नीलामी के बाद स्थिति नियंत्रण में है, लेकिन क्षेत्र में तनाव बरकरार है। पुलिस प्रशासन ने किसी भी संभावित उपद्रव को रोकने के लिए संवेदनशील इलाकों में गश्त बढ़ा दी है। स्थानीय प्रशासन अब इस मामले में आगे की कानूनी कार्यवाही और प्रभावित परिवारों के दावों की समीक्षा करने की तैयारी कर रहा है।
यह घटना लखनऊ में अवैध निर्माण और अनधिकृत व्यावसायिक गतिविधियों के खिलाफ चल रहे अभियान का हिस्सा है। आने वाले दिनों में प्रशासन अन्य क्षेत्रों में भी इसी तरह की कार्रवाई कर सकता है, जिससे अवैध डेयरी संचालकों में डर का माहौल है।

संपादक
मोहम्मद फ़ैज़ान
टिप्पणियाँ (2)
- अअमित कुमार2 घंटे पहले
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।
- ससपना ठाकुर4 घंटे पहले
ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!