लोहावट हत्याकांड: प्रशासन और प्रदर्शनकारियों के बीच बनी सहमति, पुलिस को मिला पांच दिन का समय
राजस्थान के फलोदी जिले के लोहावट में भंवरी विश्नोई हत्याकांड के बाद चल रहा धरना प्रशासन के साथ बनी सहमति के बाद समाप्त हो गया है। पुलिस ने आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पांच दिन का समय मांगा है।

मोहम्मद फ़ैज़ान
संपादक

प्रशासन के साथ वार्ता के बाद धरना समाप्त
राजस्थान के फलोदी जिले के लोहावट स्थित जम्भेश्वरनगर में भंवरी विश्नोई की निर्मम हत्या के मामले में चल रहा विरोध प्रदर्शन अब समाप्त हो गया है। स्थानीय प्रशासन और आंदोलनकारियों के बीच विभिन्न मांगों को लेकर सकारात्मक वार्ता हुई, जिसके बाद प्रदर्शनकारियों ने धरना खत्म करने का निर्णय लिया। इस दौरान पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए आरोपियों की धरपकड़ के लिए पांच दिन का समय मांगा है।
इस वार्ता में फलोदी विधायक पब्बाराम विश्नोई, लोहावट के पूर्व विधायक किसनाराम विश्नोई और 11 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल शामिल रहा। प्रशासनिक अधिकारियों में जिला कलेक्टर अंकित कुमार सिंह और पुलिस अधीक्षक सतनाम सिंह ने प्रतिनिधिमंडल से चर्चा की। प्रशासन ने आश्वासन दिया है कि जांच में किसी भी प्रकार की ढिलाई नहीं बरती जाएगी।
क्या थी घटना की पृष्ठभूमि
यह दुखद घटना 27 और 28 जुलाई की मध्यरात्रि को घटित हुई थी। भंवरी विश्नोई (पत्नी गंगाविशन) अपने घर में सो रही थीं, तभी अज्ञात हमलावरों ने उन पर चाकू से जानलेवा हमला कर दिया। इस हमले में महिला की मौके पर ही मौत हो गई। घटना के दौरान उनकी दो बेटियां भी घायल हो गई थीं, जिनमें से एक बेटी रामज्योति का इलाज अभी भी जोधपुर के अस्पताल में चल रहा है।
घटना के बाद से ही इलाके में भारी आक्रोश था और परिजन व ग्रामीण आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी की मांग को लेकर 28 जुलाई से धरने पर बैठे थे। प्रशासन ने स्थिति को नियंत्रित करने और निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करने के लिए विशेष टीमें गठित की हैं।
जांच प्रक्रिया और मेडिकल बोर्ड का गठन
प्रशासन के साथ हुई सहमति के बाद भंवरी विश्नोई के शव का मेडिकल बोर्ड से पोस्टमार्टम कराया गया। पुलिस ने आंदोलनकारियों की मांग को स्वीकार करते हुए इस पूरे मामले की जांच अब डिप्टी स्तर के अधिकारी को सौंपने के आदेश जारी कर दिए हैं। इस आदेश की एक प्रति प्रतिनिधिमंडल को भी सौंपी गई है।
पुलिस अधीक्षक ने बताया कि आरोपियों की पहचान और गिरफ्तारी के लिए पुलिस की कई टीमें लगातार दबिश दे रही हैं। पांच दिन का समय मिलने से पुलिस को साक्ष्यों को जुटाने और संदिग्धों तक पहुंचने में मदद मिलेगी। स्थानीय लोगों ने चेतावनी दी है कि यदि तय समय सीमा के भीतर ठोस कार्रवाई नहीं हुई, तो वे पुनः आंदोलन का रास्ता अपना सकते हैं।
आगे की कार्रवाई पर सबकी नजर
वर्तमान में पुलिस का पूरा ध्यान घायल बेटी के स्वास्थ्य और हमलावरों की पहचान पर केंद्रित है। फॉरेंसिक टीम ने भी घटनास्थल से साक्ष्य जुटाए हैं, जिनसे जल्द ही कोई बड़ा सुराग मिलने की उम्मीद है। क्षेत्र में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस बल तैनात किया गया है।
इस पूरे मामले ने क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। ग्रामीण अब जल्द से जल्द न्याय की उम्मीद कर रहे हैं। प्रशासन ने भरोसा दिलाया है कि पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने के लिए हर संभव प्रयास किए जाएंगे और दोषियों को कानून के दायरे में लाया जाएगा।

संपादक
मोहम्मद फ़ैज़ान
टिप्पणियाँ (2)
- अअमित कुमार2 घंटे पहले
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।
- ससपना ठाकुर4 घंटे पहले
ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!
