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जहानाबाद हत्याकांड: लोजपा (आर) नेता अंटू इस्सर का लंबा आपराधिक इतिहास, एके-47 के साथ भी हो चुका है गिरफ्तार

उस समय कोई केस दर्ज नहीं था, इसलिए पुलिस ने पूछताछ के बाद छोड़ दिया था।

मुश्ताक अहमद खान

मुश्ताक अहमद खान

Editor In Chief

18 सितंबर 20263 मिनट पढ़ें
जहानाबाद हत्याकांड: लोजपा (आर) नेता अंटू इस्सर का लंबा आपराधिक इतिहास, एके-47 के साथ भी हो चुका है गिरफ्तार
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जहानाबाद के भानु हत्याकांड में अंटू इस्सर की गिरफ्तारी

जहानाबाद के चर्चित भानु हत्याकांड के मामले में बिहार एसटीएफ ने लोजपा (रामविलास) नेता और प्रॉपर्टी डीलर रोहित कुमार उर्फ अंटू इस्सर को गिरफ्तार किया है। समस्तीपुर के बहादुरपुर स्थित उनके आवास से हुई यह गिरफ्तारी काफी नाटकीय रही। पुलिस टीम को चकमा देने के लिए अंटू इस्सर घर के एक कमरे में छिप गए थे और परिवार ने बाहर से ताला लगा दिया था, लेकिन एसटीएफ ने तलाशी के दौरान उन्हें बेड के पीछे से खोज निकाला।

अंटू इस्सर पर आरोप है कि वह भानु हत्याकांड में शामिल था। भानु का शव 17 फरवरी 2026 को गंगा ब्रिज के पास एक लावारिस कार में मिला था, जिसे गोली मारकर हत्या की गई थी। इस घटना से दो दिन पहले अंटू इस्सर पर भी जानलेवा हमला हुआ था, जिसमें उनका ड्राइवर शुभम कुमार गंभीर रूप से घायल हो गया था।

अखिलेश राय हत्याकांड से शुरू हुआ था आपराधिक सफर

अंटू इस्सर का नाम पहली बार वर्ष 2006 में बाहुबली राजद नेता अखिलेश राय और रामउदेश राय की हत्या के बाद सामने आया था। उस समय पुलिस ने दिल्ली में कुख्यात अपराधी चुन्नू सिंह के साथ अंटू को भी पकड़ा था। हालांकि, उस समय अंटू के खिलाफ कोई ठोस मामला दर्ज नहीं होने के कारण पुलिस ने पूछताछ के बाद उसे छोड़ दिया था। उस दौर में यह चर्चा आम थी कि वह अपराध जगत के बड़े नामों के साथ सक्रिय था।

अंटू का आपराधिक रिकॉर्ड यहीं तक सीमित नहीं है। सकरा थाना क्षेत्र में उसे कुख्यात राजीव के साथ एके-47 जैसे घातक हथियारों के साथ गिरफ्तार किया गया था, जिसके बाद उसे जेल भी जाना पड़ा था। इसके अलावा 2011 में राजद नेता कुंदन यादव की हत्या और 2019 में स्क्रैप कारोबारी बद्री गोयनका के घर पर हुई फायरिंग के मामले में भी उसका नाम सामने आया था।

राजनीतिक रसूख और रियल एस्टेट का कारोबार

अपराध की दुनिया से निकलकर अंटू इस्सर ने रियल एस्टेट के कारोबार में कदम रखा और बाद में राजनीति में सक्रिय हो गया। उसने लोजपा (आर) के साथ जुड़कर अपनी पहचान बनाने की कोशिश की। सोशल मीडिया पर उसकी पार्टी के शीर्ष नेताओं के साथ कई तस्वीरें मौजूद हैं, जिनमें चिराग पासवान और स्थानीय सांसद शांभवी चौधरी के साथ उसकी मौजूदगी दिखाई देती है।

हालांकि, अंटू का राजनीतिक सफर विवादों से मुक्त नहीं रहा। विधानसभा चुनाव के दौरान उसने पार्टी लाइन से हटकर निर्दलीय प्रत्याशी का समर्थन किया था। स्थानीय स्तर पर यह भी चर्चा रही है कि बाहुबली सूरजभान सिंह के माध्यम से उसकी पार्टी में एंट्री हुई थी। फिलहाल, भानु हत्याकांड में उसकी गिरफ्तारी के बाद पुलिस अब मामले की गहराई से जांच कर रही है और उससे पूछताछ की जा रही है।

जांच का दायरा और भविष्य की कार्रवाई

अंटू इस्सर के खिलाफ दर्ज पुराने मामलों में से कुछ अभी भी सीआईडी की जांच या अदालत में विचाराधीन हैं। स्क्रैप कारोबारी पर फायरिंग के मामले में उसने पहले सरेंडर किया था और जमानत पर बाहर था। भानु हत्याकांड में उसकी संलिप्तता ने एक बार फिर उसके पुराने आपराधिक इतिहास को चर्चा में ला दिया है। पुलिस अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि भानु की हत्या के पीछे की असली साजिश क्या थी और इसमें और कौन-कौन से चेहरे शामिल हैं।

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टिप्पणियाँ (2)

  • अ
    अमित कुमार2 घंटे पहले

    बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।

  • स
    सपना ठाकुर4 घंटे पहले

    ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!

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