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कुरुक्षेत्र बार एसोसिएशन चुनाव: सहदेव राढ़ान बने प्रधान, विक्रम शर्मा गुट का दबदबा कायम

कुरुक्षेत्र के जिला बार एसोसिएशन चुनाव में मुकाबला आखिरी दौर तक दिलचस्प बना रहा। करीब डेढ़ साल बाद शुक्रवार को हुए चुनाव में पिछली बार दूसरे नंबर पर रहे सहदेव राढ़ान जठलाना ने प्रधान पद पर जीत दर्ज कर ली।

मुश्ताक अहमद खान

मुश्ताक अहमद खान

Editor In Chief

11 सितंबर 20262 मिनट पढ़ें
कुरुक्षेत्र बार एसोसिएशन चुनाव: सहदेव राढ़ान बने प्रधान, विक्रम शर्मा गुट का दबदबा कायम
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सहदेव राढ़ान ने प्रधान पद पर दर्ज की जीत

कुरुक्षेत्र जिला बार एसोसिएशन के बहुप्रतीक्षित चुनाव संपन्न हो गए हैं। करीब डेढ़ साल के अंतराल के बाद आयोजित हुए इस मतदान में सहदेव राढ़ान जठलाना ने प्रधान पद पर जीत हासिल की है। पिछली बार के चुनाव में दूसरे स्थान पर रहने वाले राढ़ान ने इस बार अपनी स्थिति मजबूत करते हुए 259 वोटों के अंतर से जीत दर्ज की। उन्होंने कुल 1139 वोट प्राप्त किए, जबकि उनके प्रतिद्वंद्वी विक्रम शर्मा को 880 वोट मिले।

इस चुनाव में कुल 2239 पंजीकृत मतदाता थे, जिनमें से 2026 वकीलों ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया। चुनाव प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने के लिए पहली बार ईवीएम का उपयोग किया गया, जो सुबह 7 बजे से शाम 6 बजे तक शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुई। प्रधान पद के लिए केवल 7 मतदाताओं ने नोटा का विकल्प चुना।

पैनल के आंकड़ों में विक्रम शर्मा गुट आगे

भले ही प्रधान पद पर सहदेव राढ़ान ने जीत हासिल की हो, लेकिन एसोसिएशन के अन्य प्रमुख पदों पर विक्रम शर्मा गुट का वर्चस्व देखने को मिला। बार एसोसिएशन के कुल 7 प्रमुख पदों के लिए हुए चुनाव में विक्रम शर्मा के पैनल ने 5 पदों पर कब्जा जमाया। राढ़ान गुट को केवल प्रधान और कोषाध्यक्ष के पदों से ही संतोष करना पड़ा।

चुनाव के दौरान अन्य पदों पर भी कड़ा मुकाबला देखने को मिला। लेडी एग्जिक्यूटिव पद पर अन्नू सैनी ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 1194 वोट हासिल किए। उन्होंने अपनी निकटतम प्रतिद्वंद्वी रजनी को 405 वोटों के बड़े अंतर से हराकर अपनी जीत सुनिश्चित की।

चुनाव प्रक्रिया और परिणाम का प्रभाव

चुनाव अधिकारी विनय मोहन आश्री ने बताया कि मतदान के लिए तीन अलग-अलग बूथ बनाए गए थे ताकि वकीलों को वोट डालने में कोई असुविधा न हो। परिणाम घोषित होते ही विजयी प्रत्याशियों के समर्थकों में खुशी की लहर दौड़ गई। समर्थकों ने फूल-मालाओं के साथ अपने नेताओं का स्वागत किया और जीत का जश्न मनाया।

सहदेव राढ़ान के लिए यह जीत व्यक्तिगत रूप से काफी महत्वपूर्ण है, क्योंकि पिछले चुनाव में मामूली अंतर से हारने के बाद उन्होंने हार नहीं मानी और दोबारा मैदान में उतरकर प्रधान पद हासिल किया। वहीं, विक्रम शर्मा, जो पहले अपने पैनल से महासचिव रह चुके हैं, पहली बार प्रधान पद के लिए चुनाव लड़ रहे थे।

भविष्य की चुनौतियां

नई कार्यकारिणी के सामने अब बार एसोसिएशन के सदस्यों की समस्याओं का समाधान करने और न्यायिक कार्यों में सुगमता लाने की जिम्मेदारी है। चूंकि कार्यकारिणी में दो अलग-अलग गुटों का प्रतिनिधित्व है, इसलिए आगामी समय में एसोसिएशन के भीतर समन्वय और तालमेल बनाए रखना नई टीम के लिए एक बड़ी चुनौती होगी।

इस चुनाव ने कुरुक्षेत्र के वकीलों के बीच सक्रियता को फिर से जीवंत कर दिया है। अब सभी की निगाहें नवनिर्वाचित पदाधिकारियों के आगामी फैसलों और बार की कार्यप्रणाली में आने वाले बदलावों पर टिकी हैं।

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टिप्पणियाँ (2)

  • अ
    अमित कुमार2 घंटे पहले

    बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।

  • स
    सपना ठाकुर4 घंटे पहले

    ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!

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