कोटा निकाय चुनाव: भाजपा की सूची पर मंथन तेज, 100 वार्डों के उम्मीदवारों के नाम जल्द होंगे तय
निकाय चुनाव की टिकटों को लेकर बीजेपी के प्रदेश मुख्यालय में मंथन जारी है। आज कोटा संभाग की टिकटों क़ो लेकर मंथन हो रहा है।

मोहम्मद फ़ैज़ान
संपादक

जयपुर में भाजपा मुख्यालय में मंथन का दौर
राजस्थान में आगामी निकाय चुनावों को लेकर सियासी सरगर्मियां तेज हो गई हैं। कोटा नगर निगम के 100 वार्डों के लिए भाजपा के उम्मीदवारों के चयन हेतु जयपुर स्थित प्रदेश मुख्यालय में गहन मंथन किया जा रहा है। पार्टी आलाकमान संभावित प्रत्याशियों की सूची को अंतिम रूप देने में जुटा है, जिससे कोटा के स्थानीय दावेदारों की धड़कनें बढ़ गई हैं।
शुक्रवार को आयोजित इस महत्वपूर्ण बैठक में कोटा संभाग के निकाय चुनाव प्रभारी मेघराज लोहिया, विधायक संदीप शर्मा, विधायक कल्पना देवी और पूर्व विधायक चंद्रकांता मेघवाल समेत पार्टी के कई वरिष्ठ पदाधिकारी और जिला अध्यक्ष जयपुर पहुंचे। बैठक में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा, प्रदेशाध्यक्ष मदन राठौड़ और संगठन महामंत्री अजेय कुमार की मौजूदगी में टिकट वितरण की रणनीति पर विस्तार से चर्चा की गई।
जातिगत समीकरण और सक्रियता पर जोर
पार्टी सूत्रों के अनुसार, उम्मीदवारों का चयन करते समय केवल लोकप्रियता ही नहीं, बल्कि उनकी जमीनी सक्रियता और जातिगत समीकरणों को भी प्रमुखता दी जा रही है। कोर कमेटी ने कोटा के 100 वार्डों के लिए दावेदारों का एक पैनल तैयार किया है। इस पैनल के विश्लेषण के बाद ही अंतिम सूची जारी की जाएगी।
तैयार किए गए पैनल के आंकड़ों पर गौर करें तो 60 वार्डों में तीन-तीन दावेदारों के नाम शॉर्टलिस्ट किए गए हैं। वहीं, 40 वार्ड ऐसे हैं जहां प्रतिस्पर्धा अधिक होने के कारण चार से पांच दावेदारों का पैनल बनाया गया है। इन नामों पर प्रदेश नेतृत्व की मुहर लगने के बाद ही स्थिति पूरी तरह स्पष्ट हो पाएगी।
29 अगस्त तक सूची आने की संभावना
पार्टी के भीतर चल रहे मंथन के बीच यह कयास लगाए जा रहे हैं कि भाजपा 29 अगस्त तक अपने उम्मीदवारों की आधिकारिक सूची जारी कर सकती है। हालांकि, पार्टी के भीतर एक नया फॉर्मूला अपनाने की चर्चा भी है, जिसके तहत सीधे प्रत्याशियों को सिंबल आवंटित करने पर भी विचार किया जा रहा है।
कोटा के स्थानीय नेताओं और कार्यकर्ताओं की नजरें अब जयपुर से आने वाले संकेतों पर टिकी हैं। टिकट की दौड़ में शामिल दावेदार अपने स्तर पर भी पूरी ताकत झोंके हुए हैं, ताकि वे पार्टी की अंतिम सूची में अपनी जगह पक्की कर सकें।
चुनाव की तैयारी और आगामी कदम
निकाय चुनाव को लेकर भाजपा कोई भी कसर नहीं छोड़ना चाहती है। संभागवार बैठकों का दौर इसी रणनीति का हिस्सा है ताकि किसी भी प्रकार के असंतोष को समय रहते नियंत्रित किया जा सके। आगामी दिनों में नामांकन प्रक्रिया और चुनाव प्रचार की दिशा में पार्टी अपनी रणनीति को और अधिक आक्रामक बना सकती है।
अब सभी की निगाहें 29 अगस्त की संभावित तारीख पर हैं। यदि उस दिन सूची जारी होती है, तो कोटा के चुनावी मैदान में भाजपा की तस्वीर साफ हो जाएगी। फिलहाल, पार्टी के वरिष्ठ नेता और चुनाव प्रभारी सभी पहलुओं पर विचार-विमर्श कर एक मजबूत पैनल तैयार करने में लगे हैं ताकि जीत सुनिश्चित की जा सके।

संपादक
मोहम्मद फ़ैज़ान
टिप्पणियाँ (2)
- अअमित कुमार2 घंटे पहले
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।
- ससपना ठाकुर4 घंटे पहले
ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!