किशनगंज पुलिस की बड़ी कामयाबी: साइबर ठगी के शिकार लोगों को लौटाए 61 हजार से ज्यादा रुपये
Kishanganj cyber crime branch refund victims money. किशनगंज के साइबर थाना ने साइबर धोखाधड़ी के शिकार लोगों को एक सप्ताह के भीतर 61,524 रुपए की राशि वापस कराकर बड़ी सफलता हासिल की है। यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक के निर्देशन में की गई।

मोहम्मद फ़ैज़ान
संपादक

बिहार के किशनगंज जिले में साइबर अपराधियों के खिलाफ पुलिस ने एक बड़ी सफलता हासिल की है। जिले के साइबर थाना ने सक्रियता दिखाते हुए साइबर धोखाधड़ी का शिकार हुए लोगों के पैसे वापस दिलाने में कामयाबी पाई है। पिछले एक सप्ताह के भीतर पुलिस ने कुल 61,524 रुपये की राशि पीड़ितों के खातों में वापस कराई है। यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक के विशेष निर्देशन में अंजाम दी गई है, जिससे साइबर ठगी के शिकार हुए लोगों को बड़ी राहत मिली है।
एक सप्ताह में 10 मामलों का निपटारा
किशनगंज के प्रभारी एसपी हरिमोहन शुक्ला ने जानकारी देते हुए बताया कि पिछले सात दिनों में साइबर थाना की टीम ने एमआरएम (MRM) पोर्टल का प्रभावी ढंग से उपयोग किया है। इस पोर्टल के माध्यम से पुलिस ने 10 अलग-अलग साइबर धोखाधड़ी के मामलों में फंसी रकम को ट्रैक किया और उसे वापस दिलाने में सफलता प्राप्त की। पुलिस की इस त्वरित कार्रवाई से पीड़ितों के चेहरे पर खुशी देखी गई है।
वापस कराई गई कुल 61,524 रुपये की राशि में कई बड़ी रकमें शामिल हैं। इनमें 18,000 रुपये, 15,795 रुपये, 9,140 रुपये, 4,020 रुपये और 4,000 रुपये जैसी महत्वपूर्ण राशियां शामिल हैं। ये सभी पैसे जिले के विभिन्न थाना क्षेत्रों के उन लोगों के थे, जो हाल ही में ऑनलाइन धोखाधड़ी का शिकार हुए थे। पुलिस ने इन सभी पीड़ितों से संपर्क कर उन्हें उनकी राशि वापस लौटाई है।
पीड़ितों को सौंपी गई रिफंड की रसीद
इस अभियान के दौरान धर्मगंज केलाबागान वार्ड नंबर 11 के निवासी राहुल मुखर्जी को भी उनके 4,000 रुपये वापस मिले। साइबर थाना के अधिकारियों ने औपचारिक रूप से राहुल मुखर्जी को रिफंड की रसीद सौंपी। पुलिस की इस कार्यशैली की स्थानीय स्तर पर सराहना की जा रही है, क्योंकि साइबर ठगी के मामलों में पैसे की रिकवरी करना अक्सर एक चुनौतीपूर्ण कार्य होता है।
साइबर थाना की टीम ने न केवल पैसे वापस कराए, बल्कि पीड़ितों को यह भी समझाया कि किस तरह से वे भविष्य में ऐसी धोखाधड़ी से बच सकते हैं। पुलिस का कहना है कि एमआरएम पोर्टल का सही समय पर उपयोग करना रिकवरी की दर को बढ़ाने में काफी मददगार साबित हो रहा है।
साइबर सुरक्षा के लिए पुलिस की अपील
प्रभारी एसपी हरिमोहन शुक्ला ने जिले के नागरिकों से साइबर सुरक्षा के प्रति सतर्क रहने की अपील की है। उन्होंने कहा कि ऑनलाइन लेनदेन करते समय अत्यधिक सावधानी बरतने की आवश्यकता है। किसी भी अनजान व्यक्ति के साथ अपनी बैंक डिटेल्स, ओटीपी (OTP) या पिन साझा न करें। संदिग्ध लिंक पर क्लिक करने से बचें और किसी भी प्रकार की वित्तीय धोखाधड़ी होने पर तुरंत कदम उठाएं।
पुलिस ने स्पष्ट किया है कि यदि कोई व्यक्ति साइबर ठगी का शिकार होता है, तो उसे घबराने के बजाय तुरंत कार्रवाई करनी चाहिए। इसके लिए केंद्र सरकार द्वारा जारी राष्ट्रीय साइबर अपराध हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करना चाहिए। इसके अलावा, पीड़ित व्यक्ति अपनी शिकायत आधिकारिक वेबसाइट www.cybercrime.gov.in पर भी दर्ज करा सकते हैं। जितनी जल्दी शिकायत दर्ज की जाएगी, पैसे वापस मिलने की संभावना उतनी ही अधिक होगी।
किशनगंज पुलिस ने दोहराया है कि नागरिकों की सुरक्षा और उनके हितों की रक्षा के लिए विभाग पूरी तरह से प्रतिबद्ध है। साइबर अपराधियों के खिलाफ यह अभियान आगे भी जारी रहेगा। पुलिस प्रशासन ने लोगों से आग्रह किया है कि वे सोशल मीडिया और अन्य डिजिटल प्लेटफॉर्म का उपयोग करते समय सुरक्षा मानकों का पालन करें ताकि वे अपनी मेहनत की कमाई को सुरक्षित रख सकें।

संपादक
मोहम्मद फ़ैज़ान
टिप्पणियाँ (2)
- अअमित कुमार2 घंटे पहले
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।
- ससपना ठाकुर4 घंटे पहले
ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!
