किशनगंज पुलिस का जुलाई में बड़ा एक्शन: 2.70 करोड़ की ब्राउन शुगर के साथ 312 अपराधी गिरफ्तार
Kishanganj police july special drive arrests drug seizure list updates. किशनगंज पुलिस ने जुलाई माह में चलाए गए विशेष अभियान के तहत बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस अधीक्षक के नेतृत्व में अवैध बालू, शराब, मादक पदार्थ, पशु तस्करी, चोरी और वाहन जांच के खिलाफ यह अभियान चलाया गया था।

मोहम्मद फ़ैज़ान
संपादक

जुलाई माह में चला विशेष अभियान
बिहार के किशनगंज जिले में पुलिस ने कानून-व्यवस्था को सुदृढ़ करने और आपराधिक गतिविधियों पर नकेल कसने के उद्देश्य से जुलाई माह में एक व्यापक विशेष अभियान चलाया। पुलिस अधीक्षक हरिमोहन शुक्ला के नेतृत्व में चलाए गए इस अभियान का मुख्य फोकस अवैध बालू खनन, शराब तस्करी, मादक पदार्थों की बिक्री, पशु तस्करी और चोरी जैसी वारदातों पर था। इस दौरान पुलिस ने सक्रियता दिखाते हुए कुल 312 अपराधियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा है।
इस अभियान के दौरान पुलिस ने न केवल अपराधियों को पकड़ने में सफलता हासिल की, बल्कि भारी मात्रा में अवैध सामग्री भी बरामद की। पुलिस द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, वाहनों की सघन जांच के दौरान जुर्माने के रूप में 25 लाख 30 हजार 480 रुपये की राशि भी सरकारी खजाने में जमा कराई गई है। इसके अलावा, पुलिस ने हत्या, डकैती और चोरी के कई लंबित मामलों का भी सफलतापूर्वक खुलासा किया है।
करोड़ों की ड्रग्स और लॉटरी टिकट बरामद
पुलिस की सबसे बड़ी सफलता मादक पदार्थों की बरामदगी रही। छापेमारी के दौरान पुलिस ने 1.354 किलोग्राम ब्राउन शुगर जब्त की, जिसकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत लगभग 2.70 करोड़ रुपये आंकी गई है। इसके अतिरिक्त, 12.65 किलोग्राम गांजा भी बरामद किया गया, जिसकी अनुमानित कीमत 6 लाख रुपये है। नशे के खिलाफ इस बड़ी कार्रवाई ने जिले में सक्रिय ड्रग माफियाओं की कमर तोड़ दी है।
मादक पदार्थों के अलावा, पुलिस ने अवैध लॉटरी के कारोबार पर भी कड़ा प्रहार किया। अभियान के दौरान 5 लाख से अधिक लॉटरी टिकट जब्त किए गए, जिनका कुल मूल्य करीब 2.5 करोड़ रुपये है। साथ ही, 40 लीटर अवैध कफ सिरप, 590 लीटर से अधिक देशी-विदेशी शराब और नशे की 300 गोलियां भी बरामद की गई हैं, जो जिले में चल रहे अवैध धंधों की गंभीरता को दर्शाती हैं।
पशु तस्करी और वाहनों की जब्ती
किशनगंज पुलिस ने पशु तस्करी के खिलाफ भी सख्त रुख अपनाया। अभियान के दौरान 246 मवेशियों को तस्करों के चंगुल से मुक्त कराया गया। इसके साथ ही, अपराध में इस्तेमाल किए जा रहे 40 वाहनों को भी जब्त किया गया, जिनमें ट्रक, कार और बाइक शामिल हैं। पुलिस ने इन वाहनों के जरिए होने वाली तस्करी के नेटवर्क को तोड़ने का दावा किया है।
जब्त की गई सामग्री में नकदी का भी बड़ा हिस्सा शामिल है। पुलिस ने छापेमारी के दौरान 9 लाख 48 हजार से अधिक भारतीय रुपये और 2 लाख 60 हजार से अधिक नेपाली मुद्रा बरामद की है। इसके अलावा, 50 मोबाइल फोन और सोने-चांदी के आभूषण भी पुलिस के हाथ लगे हैं, जिन्हें साक्ष्य के तौर पर सुरक्षित रखा गया है।
आगे की रणनीति और सुरक्षा व्यवस्था
पुलिस अधीक्षक ने स्पष्ट किया है कि यह अभियान केवल एक महीने तक सीमित नहीं रहेगा। जिले में शांति व्यवस्था बनाए रखने और अवैध गतिविधियों को पूरी तरह समाप्त करने के लिए पुलिस का यह विशेष अभियान भविष्य में भी जारी रहेगा। पुलिस प्रशासन ने आम जनता से भी अपील की है कि वे किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत स्थानीय पुलिस को दें।
जुलाई माह की इस कार्रवाई ने किशनगंज में अपराधियों के बीच खौफ पैदा किया है। पुलिस अब जब्त किए गए सामानों की फॉरेंसिक जांच और पकड़े गए आरोपियों से पूछताछ के आधार पर आगे की कड़ियां जोड़ने में जुटी है। इस अभियान के सफल क्रियान्वयन से जिले में अपराध दर में कमी आने की उम्मीद जताई जा रही है।

संपादक
मोहम्मद फ़ैज़ान
टिप्पणियाँ (2)
- अअमित कुमार2 घंटे पहले
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।
- ससपना ठाकुर4 घंटे पहले
ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!
