किशनगंज: ससुर की हत्या के मामले में बहू और उसके प्रेमी को उम्रकैद, कोर्ट ने लगाया भारी जुर्माना
किशनगंज में हत्या के एक मामले में अपर जिला एवं सत्र न्यायालय ने दो आरोपियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। अदालत ने रूईधासा निवासी मोहम्मद चांद और पौआखाली थाना क्षेत्र की निवासी बसंती हेम्ब्रम को हत्या का दोषी पाया।

मुश्ताक अहमद खान
Editor In Chief

बिहार के किशनगंज जिले में एक सनसनीखेज हत्याकांड मामले में अपर जिला एवं सत्र न्यायालय ने अपना फैसला सुनाते हुए दो दोषियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। यह मामला ससुर की हत्या से जुड़ा है, जिसमें बहू और उसके प्रेमी को अदालत ने दोषी करार दिया है। इस फैसले से इलाके में चर्चा का विषय बना हुआ है।
क्या था पूरा मामला
अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश प्रथम सुरेश कुमार सिंह की अदालत में इस मामले की सुनवाई चल रही थी। अदालत ने रूईधासा निवासी मोहम्मद चांद और पौआखाली थाना क्षेत्र की रहने वाली बसंती हेम्ब्रम को सत्यवान मुर्मू की हत्या का दोषी पाया। घटना अप्रैल 2025 की है, जब पौआखाली थाना क्षेत्र में सत्यवान मुर्मू की बेरहमी से हत्या कर दी गई थी।
जांच के दौरान यह बात सामने आई कि महिला आरोपी बसंती हेम्ब्रम ने अपने प्रेमी मोहम्मद चांद के साथ मिलकर अपने ही ससुर सत्यवान मुर्मू को मौत के घाट उतार दिया था। पुलिस ने इस मामले में पौआखाली थाना कांड संख्या 31/2025 के तहत प्राथमिकी दर्ज की थी और गहन जांच के बाद अदालत में आरोप पत्र दाखिल किया था।
अदालत का सख्त रुख और जुर्माना
न्यायालय ने मामले की गंभीरता को देखते हुए दोनों दोषियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। इसके साथ ही अदालत ने दोनों पर 50-50 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। यदि दोषी जुर्माना भरने में विफल रहते हैं, तो उन्हें अतिरिक्त कारावास की सजा भुगतनी होगी। यह फैसला स्पेशल वाद संख्या 65/2025 के तहत सुनाया गया।
अभियोजन पक्ष की ओर से पैरवी कर रहे विशेष लोक अभियोजक आदुलाल हरिजन ने बताया कि अदालत ने सभी गवाहों के बयानों, चिकित्सीय रिपोर्ट और पुलिस द्वारा जुटाए गए ठोस साक्ष्यों का बारीकी से अध्ययन किया। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद न्यायाधीश ने अपना निर्णय सुरक्षित रखा था, जिसे मंगलवार को सुनाया गया।
साक्ष्यों के आधार पर मिली सजा
इस मामले में अभियोजन पक्ष ने कई महत्वपूर्ण गवाहों को अदालत के समक्ष प्रस्तुत किया था। पुलिस की जांच और फॉरेंसिक साक्ष्यों ने इस हत्याकांड की गुत्थी सुलझाने में अहम भूमिका निभाई। अदालत ने माना कि हत्या की साजिश सुनियोजित तरीके से रची गई थी, जिसके कारण दोषियों को कड़ी सजा दी गई है।
सत्यवान मुर्मू की हत्या के बाद से ही क्षेत्र में आक्रोश था। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपियों को गिरफ्तार किया था और समयबद्ध तरीके से चार्जशीट दाखिल की थी। अब अदालत के इस फैसले से पीड़ित परिवार को न्याय मिलने की उम्मीद जगी है।
कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के मामलों में साक्ष्यों की मजबूती ही सजा सुनिश्चित करती है। इस मामले में पुलिस और अभियोजन पक्ष ने जिस तरह से साक्ष्यों को अदालत में रखा, उसने दोषियों के बचने की कोई गुंजाइश नहीं छोड़ी। फिलहाल दोनों दोषियों को जेल भेज दिया गया है।

Editor In Chief
मुश्ताक अहमद खान
टिप्पणियाँ (2)
- अअमित कुमार2 घंटे पहले
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।
- ससपना ठाकुर4 घंटे पहले
ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!