किशनगंज: कॉलेज प्रिंसिपल का छात्रा से पैसे मांगते वीडियो वायरल, प्रैक्टिकल फीस पर मचा बवाल
Thakurganj College principal viral video demand practical fee controversy latest update. किशनगंज के ठाकुरगंज स्थित एम.एच. आजाद नेशनल डिग्री कॉलेज के प्रिंसिपल अबरार आलम का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। इस वीडियो में प्रिंसिपल को एक छात्रा से नामांकन प्रक्रिया के दौरान प्रैक्टिकल फीस के नाम पर 600 रुपए जमा करने के लिए कहते हुए देखा जा रहा है।

मोहम्मद फ़ैज़ान
संपादक

प्रैक्टिकल फीस के नाम पर वसूली का आरोप
बिहार के किशनगंज जिले के ठाकुरगंज स्थित एम.एच. आजाद नेशनल डिग्री कॉलेज का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। इस वीडियो में कॉलेज के प्रिंसिपल अबरार आलम को एक छात्रा से नामांकन प्रक्रिया के दौरान प्रैक्टिकल फीस के रूप में 600 रुपये की मांग करते हुए देखा जा सकता है। वीडियो सामने आने के बाद से ही कॉलेज प्रशासन की कार्यशैली पर गंभीर सवाल उठने लगे हैं।
वायरल वीडियो में प्रिंसिपल द्वारा की गई पैसों की मांग ने स्थानीय स्तर पर विवाद खड़ा कर दिया है। अभिभावकों और छात्रों का आरोप है कि सरकारी नियमों को ताक पर रखकर कॉलेज प्रशासन मनमानी फीस वसूल रहा है। सोशल मीडिया पर इस वीडियो के वायरल होने के बाद से ही कॉलेज प्रशासन की भारी आलोचना हो रही है।
सरकारी नीति और नियमों का उल्लंघन
बिहार सरकार की वर्तमान शिक्षा नीति के अनुसार, राज्य के सरकारी और संबद्ध डिग्री कॉलेजों में छात्राओं के लिए नामांकन प्रक्रिया पूरी तरह से निःशुल्क है। इसके अलावा, अनुसूचित जाति (SC) और अनुसूचित जनजाति (ST) वर्ग के छात्रों के लिए भी शुल्क में विशेष छूट का प्रावधान है। ऐसे में प्रिंसिपल द्वारा छात्रा से प्रैक्टिकल फीस के नाम पर राशि मांगना सीधे तौर पर सरकारी नियमों का उल्लंघन माना जा रहा है।
अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) के विभाग संयोजक अमित मंडल ने इस मामले पर कड़ा रुख अपनाते हुए कहा कि यह केवल एक छात्रा का मामला नहीं है, बल्कि कॉलेज में व्याप्त भ्रष्टाचार का एक हिस्सा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जब सरकार ने लड़कियों की शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए नामांकन शुल्क माफ कर रखा है, तो फिर कॉलेज प्रशासन किस आधार पर पैसे मांग रहा है।
एबीवीपी ने दी आंदोलन की चेतावनी
अमित मंडल ने आरोप लगाया कि एम.एच. आजाद नेशनल डिग्री कॉलेज के खिलाफ पहले भी कई बार अनियमितताओं की शिकायतें मिल चुकी हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। उन्होंने पूर्णिया विश्वविद्यालय प्रशासन से मांग की है कि इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की जाए और दोषी पाए जाने पर प्रिंसिपल के खिलाफ सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाए।
विद्यार्थी परिषद ने चेतावनी दी है कि यदि विश्वविद्यालय प्रशासन ने इस मामले को गंभीरता से नहीं लिया और जल्द ही कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया, तो वे बड़े स्तर पर आंदोलन शुरू करेंगे। उन्होंने कॉलेज का घेराव करने की भी बात कही है, जिससे स्थिति और तनावपूर्ण हो सकती है।
विश्वविद्यालय प्रशासन की भूमिका पर टिकी निगाहें
यह कॉलेज पूर्णिया विश्वविद्यालय के अंतर्गत आता है। वीडियो के वायरल होने के बाद अब सभी की निगाहें विश्वविद्यालय के अधिकारियों पर टिकी हैं कि वे इस मामले में क्या कदम उठाते हैं। क्या कॉलेज प्रशासन पर कोई जुर्माना लगाया जाएगा या प्रिंसिपल से स्पष्टीकरण मांगा जाएगा, यह आने वाले कुछ दिनों में स्पष्ट हो पाएगा।
शिक्षा विभाग और विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से अभी तक इस मामले पर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि इस तरह की वसूली पर रोक नहीं लगाई गई, तो गरीब परिवारों की छात्राओं की शिक्षा प्रभावित होगी। मामले की गंभीरता को देखते हुए अब प्रशासन पर दबाव बढ़ता जा रहा है।

संपादक
मोहम्मद फ़ैज़ान
टिप्पणियाँ (2)
- अअमित कुमार2 घंटे पहले
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।
- ससपना ठाकुर4 घंटे पहले
ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!
