NEET OMR विवाद: अरविंद केजरीवाल ने NTA को घेरा, कहा- छात्रों को डराने के बजाय समाधान निकालें
Kejriwal slams NTA over NEET OMR controversy, demands solutions for students. आम आदमी पार्टी (AAP) के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) की ओर से OMR शीट विवाद को लेकर जारी चेतावनी पर सवाल उठाए हैं। एजेंसी से छात्रों और अभिभावकों के प्रति संवेदनशील रवैया अपनाने की अपील करते हुए कहा कि शिकायतों के समाधान पर ध्यान दिया जाना चाहिए, न कि कानूनी कार्रवाई की धमकी दी जानी चाहिए।

मोहम्मद फ़ैज़ान
संपादक

राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (NEET) से जुड़ी ओएमआर (OMR) शीट को लेकर छिड़ा विवाद अब राजनीतिक गलियारों में भी तूल पकड़ता जा रहा है। आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) के रवैये पर तीखी नाराजगी जताई है। उन्होंने एजेंसी द्वारा छात्रों और अभिभावकों को दी जा रही कानूनी कार्रवाई की चेतावनियों को अनुचित करार दिया है।
NTA की चेतावनी पर केजरीवाल का पलटवार
विवाद की शुरुआत तब हुई जब NTA ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर एक आधिकारिक पोस्ट जारी कर ओएमआर शीट से संबंधित शिकायतों के संबंध में स्पष्टीकरण दिया। एजेंसी ने दावा किया कि उसे प्राप्त कुछ शिकायतें फर्जी हैं और उनमें इस्तेमाल की गई ओएमआर शीट एआई (AI) तकनीक से तैयार की गई हैं। NTA ने चेतावनी दी कि ऐसी भ्रामक जानकारी फैलाने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
इस चेतावनी के जवाब में अरविंद केजरीवाल ने कड़ा रुख अपनाते हुए कहा कि एजेंसी को छात्रों को डराने के बजाय उनकी समस्याओं के समाधान पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए। उन्होंने सोशल मीडिया पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए लिखा कि छात्रों ने परीक्षा के लिए कड़ी मेहनत की है और इस तरह की धमकियां देना पूरी तरह से गलत है।
परीक्षा प्रणाली पर उठे गंभीर सवाल
केजरीवाल ने आरोप लगाया कि NTA ने पूरी NEET परीक्षा प्रक्रिया की विश्वसनीयता को दांव पर लगा दिया है। उन्होंने कहा कि छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने के बजाय एजेंसी को अपनी कार्यप्रणाली में सुधार करना चाहिए। उनके अनुसार, जब छात्र अपनी मेहनत के परिणाम को लेकर चिंतित हैं, तो ऐसे में उन्हें कानूनी नोटिस या कार्रवाई का डर दिखाना संवेदनहीनता का परिचय है।
दूसरी ओर, NTA का पक्ष है कि वह पूरी परीक्षा प्रक्रिया में पारदर्शिता बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध है। एजेंसी का कहना है कि ओएमआर शीट की जांच एक वैज्ञानिक और पारदर्शी प्रक्रिया के तहत की जा रही है। किसी भी प्रकार की गड़बड़ी या फर्जीवाड़े को रोकने के लिए एजेंसी ने स्पष्ट किया है कि वे नियमों के दायरे में रहकर ही आगे की कार्रवाई करेंगे।
छात्रों और अभिभावकों में बढ़ती चिंता
NEET परीक्षा में शामिल होने वाले लाखों छात्र वर्तमान में एक अनिश्चितता के दौर से गुजर रहे हैं। ओएमआर शीट से जुड़े विवादों ने न केवल छात्रों के मानसिक तनाव को बढ़ाया है, बल्कि अभिभावकों के बीच भी परीक्षा की निष्पक्षता को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। केजरीवाल का हस्तक्षेप इस मामले को एक नया मोड़ दे सकता है, जिससे अब यह मांग जोर पकड़ रही है कि सरकार को इस पूरे मामले में हस्तक्षेप कर छात्रों के हितों की रक्षा सुनिश्चित करनी चाहिए।
आने वाले दिनों में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि क्या NTA अपनी जांच प्रक्रिया में कोई बदलाव करती है या फिर विवाद का यह सिलसिला इसी तरह जारी रहता है। फिलहाल, छात्रों की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि क्या उन्हें अपनी शिकायतों का संतोषजनक समाधान मिल पाएगा या उन्हें कानूनी दांव-पेच के बीच और अधिक संघर्ष करना पड़ेगा।

संपादक
मोहम्मद फ़ैज़ान
टिप्पणियाँ (2)
- अअमित कुमार2 घंटे पहले
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।
- ससपना ठाकुर4 घंटे पहले
ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!
