ब्रेकिंग
उदयपुर: पुलिस हिरासत से चकमा देकर भागे दो नाबालिग चोर, पहाड़ियों में तलाश जारीभोपाल के कटारा हिल्स में तेंदुए की दस्तक: रिहायशी इलाकों में दहशत, पार्क में आवाजाही पर लगी रोकग्वालियर में हनीट्रैप का खौफ: ब्लैकमेलिंग से तंग आकर युवक ने की आत्महत्या, दंपति पर केस दर्जलखनऊ: लारी कार्डियोलॉजी सेंटर में हर साल 8500 से ज्यादा हार्ट अटैक मरीजों को मिल रहा नया जीवनसुपौल: अवैध लेनदेन के विवाद में युवक का अपहरण, पुलिस ने 12 घंटे के भीतर सकुशल कराया बरामदकरौली की बेटी प्रिया गुप्ता का कमाल: पहले ही प्रयास में NEET-PG में लहराया सफलता का परचमधौलपुर: पिकअप हादसे में 4 मौतों के बाद प्रशासन सख्त, पोखर किनारे से हटाए गए अवैध निर्माणझांसी के कारोबारी का रहस्यमय परिस्थितियों में निधन, मध्य प्रदेश की नदी में मिला शव
उदयपुर: पुलिस हिरासत से चकमा देकर भागे दो नाबालिग चोर, पहाड़ियों में तलाश जारीभोपाल के कटारा हिल्स में तेंदुए की दस्तक: रिहायशी इलाकों में दहशत, पार्क में आवाजाही पर लगी रोकग्वालियर में हनीट्रैप का खौफ: ब्लैकमेलिंग से तंग आकर युवक ने की आत्महत्या, दंपति पर केस दर्जलखनऊ: लारी कार्डियोलॉजी सेंटर में हर साल 8500 से ज्यादा हार्ट अटैक मरीजों को मिल रहा नया जीवनसुपौल: अवैध लेनदेन के विवाद में युवक का अपहरण, पुलिस ने 12 घंटे के भीतर सकुशल कराया बरामदकरौली की बेटी प्रिया गुप्ता का कमाल: पहले ही प्रयास में NEET-PG में लहराया सफलता का परचमधौलपुर: पिकअप हादसे में 4 मौतों के बाद प्रशासन सख्त, पोखर किनारे से हटाए गए अवैध निर्माणझांसी के कारोबारी का रहस्यमय परिस्थितियों में निधन, मध्य प्रदेश की नदी में मिला शव

करनाल में मतदाता सूची का सत्यापन कार्य संपन्न: 2.11 लाख नाम सूची से हटने की कगार पर

करनाल जिले में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान के तहत बड़ा काम पूरा हो गया है। उपायुक्त एवं जिला निर्वाचन अधिकारी डॉ. आनंद कुमार शर्मा ने बताया कि भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार चल रहे इस अभियान में मतदाता सत्यापन का कार्य 100 प्रतिशत पूरा कर लिया गया है।

मोहम्मद फ़ैज़ान

मोहम्मद फ़ैज़ान

संपादक

24 जुलाई 20262 मिनट पढ़ें
करनाल में मतदाता सूची का सत्यापन कार्य संपन्न: 2.11 लाख नाम सूची से हटने की कगार पर
मूल स्रोत

हरियाणा के करनाल जिले में मतदाता सूची को त्रुटिरहित और पारदर्शी बनाने के लिए चलाया गया विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान अब पूरा हो चुका है। जिला प्रशासन द्वारा चलाए गए इस व्यापक अभियान के तहत जिले के सभी पांच विधानसभा क्षेत्रों में घर-घर जाकर मतदाताओं का भौतिक सत्यापन किया गया है। जिला निर्वाचन अधिकारी एवं उपायुक्त डॉ. आनंद कुमार शर्मा ने बताया कि भारत निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देशों का पालन करते हुए इस कार्य को शत-प्रतिशत पूरा कर लिया गया है।

12.25 लाख मतदाताओं का हुआ भौतिक सत्यापन

इस अभियान की सफलता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि जिले के कुल 12,25,661 मतदाताओं का भौतिक सत्यापन किया गया। इस कार्य को अंजाम देने के लिए प्रशासन ने 1,181 बूथ लेवल अधिकारियों (बीएलओ) की तैनाती की थी। ये अधिकारी नीलोखेड़ी, इंद्री, करनाल, घरौंडा और असंध विधानसभा क्षेत्रों में सक्रिय रहे और प्रत्येक घर तक पहुंचकर मतदाताओं की जानकारी जुटाई।

सत्यापन प्रक्रिया के दौरान प्रशासन के सामने कई महत्वपूर्ण आंकड़े निकलकर आए हैं। कुल 2,11,171 ऐसे मतदाता पाए गए हैं जिनके प्रपत्रों का मिलान नहीं हो सका या वे सत्यापन के दौरान अनुपलब्ध रहे। इन आंकड़ों का विश्लेषण करने पर पता चला कि इनमें से 53,511 मतदाताओं की मृत्यु हो चुकी है, जबकि 46,640 मतदाता अपने दर्ज पते पर नहीं मिले हैं।

डबल वोट और स्थानांतरण की स्थिति

सत्यापन के दौरान बड़ी संख्या में ऐसे मतदाता भी सामने आए हैं जो अब उस क्षेत्र में नहीं रह रहे हैं। रिपोर्ट के अनुसार, 95,344 मतदाता स्थायी रूप से अन्य स्थानों पर स्थानांतरित हो चुके हैं। इसके अतिरिक्त, 2,728 मामले अन्य श्रेणियों के अंतर्गत दर्ज किए गए हैं। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि प्रशासन ने 12,948 ऐसे मामलों की पहचान की है, जिनमें एक ही व्यक्ति का नाम मतदाता सूची में दो बार दर्ज था।

इन आंकड़ों के सामने आने के बाद अब मतदाता सूची को अपडेट करने की प्रक्रिया शुरू होगी। प्रशासन का मुख्य उद्देश्य सूची से उन नामों को हटाना है जो अब अपात्र हो चुके हैं, ताकि भविष्य में होने वाले चुनावों में किसी भी प्रकार की गड़बड़ी की संभावना न रहे।

प्रशासनिक अधिकारियों की भूमिका

उपायुक्त डॉ. आनंद कुमार शर्मा ने इस अभियान को सफल बनाने के लिए सभी विधानसभा निर्वाचन अधिकारियों और बूथ लेवल अधिकारियों की सराहना की है। उन्होंने कहा कि इतनी बड़ी संख्या में मतदाताओं का सत्यापन करना एक चुनौतीपूर्ण कार्य था, जिसे टीम वर्क के माध्यम से निर्धारित समय सीमा के भीतर पूरा किया गया है। यह अभियान लोकतंत्र की मजबूती के लिए एक आवश्यक कदम है।

अब एकत्र किए गए आंकड़ों के आधार पर निर्वाचन आयोग के नियमों के अनुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन का कहना है कि सत्यापन के बाद जो सूची तैयार होगी, वह अधिक सटीक और विश्वसनीय होगी। इससे पात्र मतदाताओं को अपने मताधिकार का प्रयोग करने में आसानी होगी और अपात्र नामों के कारण होने वाली विसंगतियां दूर हो सकेंगी।

SponsoredMushfan Digital Studios - We Build Brands. We Grow Businesses.

टिप्पणियाँ (2)

  • अ
    अमित कुमार2 घंटे पहले

    बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।

  • स
    सपना ठाकुर4 घंटे पहले

    ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!

संबंधित खबरें