करौली में शिक्षक ने की आत्महत्या: किराए के कमरे में फंदे से लटका मिला शव
करौली के करणपुर कस्बे में एक टीचर ने किराए के कमरे में फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। सूचना मिलने पर करणपुर थाना पुलिस मौके पर पहुंची।

मोहम्मद नवेद
एडिटर

करौली के करणपुर में शिक्षक की दुखद मौत
राजस्थान के करौली जिले के करणपुर कस्बे से एक बेहद दुखद खबर सामने आई है। यहाँ एक शिक्षक ने अपने किराए के मकान में फांसी लगाकर अपनी जीवन लीला समाप्त कर ली। मृतक की पहचान वेदप्रकाश जाट के रूप में हुई है, जो इलाके के ही टुड़ान गांव स्थित राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय में अपनी सेवाएं दे रहे थे। इस घटना के बाद से पूरे क्षेत्र में शोक की लहर है।
घटना की सूचना मिलते ही करणपुर थाना पुलिस तुरंत हरकत में आई और मौके पर पहुंची। पुलिस के अनुसार, मृतक शिक्षक मूल रूप से खैरथल-तिजारा जिले के छतरपुर गांव के रहने वाले थे। वे पिछले सात वर्षों से टुड़ान के स्कूल में कार्यरत थे और शिक्षण कार्य के सिलसिले में करणपुर में किराए का कमरा लेकर रह रहे थे।
सुबह कमरे से बाहर नहीं निकले तो हुआ खुलासा
बुधवार की सुबह जब वेदप्रकाश काफी समय तक अपने कमरे से बाहर नहीं आए, तो आसपास के लोगों को अनहोनी की आशंका हुई। उन्होंने तुरंत स्थानीय पुलिस को इसकी सूचना दी। पुलिस ने जब मौके पर पहुंचकर कमरे की जांच की, तो वह अंदर से बंद पाया गया। दरवाजा तोड़े जाने पर शिक्षक का शव फंदे से लटका हुआ मिला, जिससे स्पष्ट हो गया कि उन्होंने आत्महत्या की है।
घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने एफएसएल (फोरेंसिक साइंस लैब) की टीम को मौके पर बुलाया। फोरेंसिक विशेषज्ञों ने घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण किया और आवश्यक साक्ष्य जुटाए। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए करणपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भेजा, जहां तीन सदस्यीय मेडिकल बोर्ड द्वारा पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी की गई।
आत्महत्या के कारणों की जांच में जुटी पुलिस
फिलहाल शिक्षक द्वारा उठाए गए इस आत्मघाती कदम के पीछे के कारणों का पता नहीं चल सका है। पुलिस मामले की गहनता से जांच कर रही है और मृतक के परिजनों व सहकर्मियों से पूछताछ की जा रही है। पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया है, जो अपने साथ इस दुखद घटना की यादें लेकर घर लौट गए हैं।
वेदप्रकाश जाट के निधन से उनके परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। मृतक अपने पीछे एक पुत्र और एक पुत्री को छोड़ गए हैं, जिनके सिर से पिता का साया उठ गया है। परिवार के लोग इस घटना से गहरे सदमे में हैं और किसी भी प्रकार की टिप्पणी करने की स्थिति में नहीं हैं।
स्थानीय प्रशासन और शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने भी इस घटना पर दुख व्यक्त किया है। पुलिस का कहना है कि जांच के दौरान यदि कोई ठोस कारण सामने आता है, तो उसके आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल इलाके में यह घटना चर्चा का विषय बनी हुई है और हर कोई इस बात को लेकर हैरान है कि आखिर ऐसी क्या मजबूरी थी जिसके चलते एक शिक्षक को इतना बड़ा कदम उठाना पड़ा।

एडिटर
मोहम्मद नवेद
टिप्पणियाँ (2)
- अअमित कुमार2 घंटे पहले
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।
- ससपना ठाकुर4 घंटे पहले
ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!