कानपुर में 10 लाख की लूट के आरोपियों से पुलिस की मुठभेड़, जवाबी फायरिंग में दो बदमाश घायल
कानपुर के चकेरी थाना क्षेत्र में दिनदहाड़े मां-बेटे को गनपॉइंट पर बंधक बनाकर हुई 10 लाख रुपये की लूट के मामले में फरार चल रहे दो इनामी बदमाशों को बुधवार रात 10:30 बजे पुलिस मुठभेड़ में गिरफ्तार कर लिया गया। अलकनंदा क्षेत्र में हुई इस मुठभेड़ के दौरान बदमाशों ने पुलिस टीम पर चार राउंड फायरिंग की, जिसमें एक गोली सरकारी जीप में लगी।

मुश्ताक अहमद खान
Editor In Chief

कानपुर में पुलिस और बदमाशों के बीच मुठभेड़
कानपुर के चकेरी थाना क्षेत्र में हाल ही में हुई 10 लाख रुपये की बड़ी लूट के मामले में पुलिस को बड़ी सफलता हाथ लगी है। बुधवार देर रात अलकनंदा इलाके में पुलिस और वांछित बदमाशों के बीच हुई मुठभेड़ में दो इनामी अपराधियों को गिरफ्तार किया गया है। दोनों बदमाशों के पैरों में गोली लगी है, जिसके बाद उन्हें इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
घटना की शुरुआत तब हुई जब पुलिस को सूचना मिली कि लूट की वारदात में शामिल आरोपी कमल वाल्मीकि और शफीक अहमद अलकनंदा क्षेत्र में छिपे हुए हैं। पुलिस टीम ने तुरंत इलाके की घेराबंदी की। खुद को पुलिस से घिरा देख बदमाशों ने भागने के बजाय पुलिस टीम पर सीधे हमला कर दिया और ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू कर दी।
पुलिस जीप पर चलाई गोलियां, जवाबी कार्रवाई में घायल हुए आरोपी
मुठभेड़ के दौरान बदमाशों ने पुलिस टीम पर चार राउंड फायरिंग की। इस दौरान एक गोली पुलिस की सरकारी जीप में जा लगी, जिससे स्थिति तनावपूर्ण हो गई। पुलिस ने भी आत्मरक्षा में जवाबी कार्रवाई की और सटीक निशाना साधते हुए दोनों बदमाशों के पैरों में गोली मारी। गोली लगने के बाद दोनों अपराधी मौके पर ही गिर पड़े और पुलिस ने उन्हें तुरंत हिरासत में ले लिया।
थाना प्रभारी अजय प्रकाश मिश्र के अनुसार, इन बदमाशों पर 25-25 हजार रुपये का इनाम घोषित था। इससे पहले पुलिस ने इस गिरोह के मास्टरमाइंड प्रशांत उर्फ मोनू शुक्ला को गिरफ्तार किया था, जिसकी निशानदेही पर इन दोनों की लोकेशन ट्रेस की गई थी। पूछताछ में प्रशांत ने रफीक, शफीक, विजय और कमल के नाम का खुलासा किया था।
अस्पताल में भर्ती, अन्य साथियों की तलाश जारी
घायल अवस्था में पकड़े गए दोनों बदमाशों को कड़ी सुरक्षा के बीच कांशीराम अस्पताल में भर्ती कराया गया है। पुलिस ने उनके पास से अवैध तमंचे और कारतूस बरामद किए हैं। पुलिस अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि लूट की गई 10 लाख रुपये की रकम कहां छिपाई गई है और क्या ये बदमाश किसी अन्य आपराधिक गतिविधियों में भी शामिल रहे हैं।
इस गिरोह के दो अन्य सदस्य, रफीक और विजय, अभी भी पुलिस की गिरफ्त से बाहर हैं। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि फरार आरोपियों की धरपकड़ के लिए अलग-अलग ठिकानों पर दबिश दी जा रही है। पुलिस को उम्मीद है कि जल्द ही पूरे गिरोह का पर्दाफाश कर दिया जाएगा और लूटी गई पूरी रकम बरामद कर ली जाएगी।
गौरतलब है कि चकेरी के श्यामनगर स्थित सी-ब्लॉक में मां-बेटे को गनपॉइंट पर बंधक बनाकर दिनदहाड़े 10 लाख रुपये की लूट की इस घटना ने इलाके में दहशत फैला दी थी। इस गिरफ्तारी के बाद स्थानीय लोगों ने पुलिस की त्वरित कार्रवाई पर राहत की सांस ली है। पुलिस प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि अपराध करने वालों को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा।

Editor In Chief
मुश्ताक अहमद खान
टिप्पणियाँ (2)
- अअमित कुमार2 घंटे पहले
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।
- ससपना ठाकुर4 घंटे पहले
ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!