कानपुर कचहरी में वकील पर हमला: गैंगस्टर अजय ठाकुर पर दर्ज हुआ 34वां मुकदमा
कचहरी परिसर में अधिवक्ता के साथ मारपीट और अपहरण के प्रयास के मामले में गैंगस्टर अजय ठाकुर समेत चार लोगों के खिलाफ कोतवाली में रिपोर्ट कराई गई है। गैंगस्टर के खिलाफ यह 34वां मुकदमा है।

मोहम्मद फ़ैज़ान
संपादक

कानपुर कचहरी में अधिवक्ता के साथ मारपीट और अपहरण की कोशिश
कानपुर के कचहरी परिसर में एक अधिवक्ता को निशाना बनाकर किए गए हमले ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। इस मामले में कुख्यात हिस्ट्रीशीटर और गैंगस्टर अजय ठाकुर समेत चार लोगों के खिलाफ कोतवाली थाने में प्राथमिकी दर्ज की गई है। पीड़ित अधिवक्ता आलोक कुमार ने पुलिस को दी गई शिकायत में बताया कि वह 18 सितंबर को अपने पेशेवर कार्यों के सिलसिले में कचहरी में मौजूद थे, तभी आरोपियों ने उन्हें घेर लिया।
पीड़ित के अनुसार, बर्रा थाने का हिस्ट्रीशीटर अजय ठाकुर अपने साथियों राजा ठाकुर, तुषार दुबे और आयुष शैली के साथ वहां पहुंचा। आरोपियों ने अधिवक्ता के साथ न केवल मारपीट की, बल्कि उन्हें जबरन ले जाने यानी अपहरण करने का भी प्रयास किया। कचहरी परिसर में शोर-शराबा सुनकर जब अन्य वकील मौके पर पहुंचे, तो आरोपी जान से मारने की धमकी देते हुए वहां से फरार हो गए।
गैंगस्टर के खिलाफ दर्ज हुआ 34वां मामला
कोतवाली थाना प्रभारी अरुण द्विवेदी ने पुष्टि की है कि इस घटना के बाद गैंगस्टर अजय ठाकुर के खिलाफ दर्ज मुकदमों की संख्या बढ़कर 34 हो गई है। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच शुरू कर दी है। आरोपी अजय ठाकुर का आपराधिक इतिहास काफी लंबा है और वह शहर के विभिन्न थानों में दर्ज कई गंभीर मामलों में वांछित रहा है।
अधिवक्ता ने अपनी शिकायत में यह भी स्पष्ट किया है कि यह पहली बार नहीं है जब उसे निशाना बनाया गया है। इससे पहले भी आरोपी उसे रास्ते में रोककर अपहरण करने की कोशिश कर चुके हैं। पुलिस अब सीसीटीवी फुटेज और चश्मदीदों के बयानों के आधार पर आरोपियों की धरपकड़ के लिए दबिश दे रही है।
आश्रम के महंत पर हमले से जुड़ा है पुराना विवाद
गैंगस्टर अजय ठाकुर का नाम इससे पहले इसी साल अप्रैल में चर्चा में आया था, जब केशवपुरम स्थित त्रिलोकी धाम आश्रम के महंत रविकांत शुक्ला उर्फ भोला गिरी पर जानलेवा हमला हुआ था। उस समय आरोप था कि अजय ठाकुर आश्रम के पास रहने वाली एक छात्रा से मिलने आता था, जिसका महंत ने विरोध किया था। इसी रंजिश के चलते 29 अप्रैल को अजय ठाकुर और उसके साथियों ने आश्रम पर पथराव किया था।
महंत की शिकायत पर पुलिस ने अजय ठाकुर, उसकी महिला मित्र और उसकी मां समेत अन्य लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया था। उस घटना के बाद आरोपी लंबे समय तक फरार रहा था। अंततः 27 जुलाई को रावतपुर पुलिस ने एक विशेष अभियान के दौरान उसे रतनलाल नगर इलाके से गिरफ्तार किया था। अब जमानत पर बाहर आने के बाद कचहरी में हुई इस नई घटना ने पुलिस प्रशासन की कार्यप्रणाली पर फिर से सवाल उठा दिए हैं।
कानून व्यवस्था और आगे की कार्रवाई
कचहरी जैसे संवेदनशील स्थान पर दिनदहाड़े अधिवक्ता पर हमला होना सुरक्षा में बड़ी चूक माना जा रहा है। स्थानीय अधिवक्ताओं ने इस घटना पर रोष व्यक्त करते हुए आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी और कड़ी सजा की मांग की है। पुलिस का कहना है कि वे सभी आरोपियों की तलाश में छापेमारी कर रहे हैं और जल्द ही उन्हें हिरासत में ले लिया जाएगा।
वर्तमान में, पुलिस विभाग इस बात की भी जांच कर रहा है कि जमानत पर बाहर आने के बाद आरोपी ने किन परिस्थितियों में इस घटना को अंजाम दिया। गैंगस्टर अजय ठाकुर पर दर्ज मुकदमों की लंबी फेहरिस्त यह दर्शाती है कि वह लंबे समय से आपराधिक गतिविधियों में सक्रिय है। पुलिस अब इन सभी मामलों को जोड़कर गैंगस्टर के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की तैयारी कर रही है।

संपादक
मोहम्मद फ़ैज़ान
टिप्पणियाँ (2)
- अअमित कुमार2 घंटे पहले
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।
- ससपना ठाकुर4 घंटे पहले
ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!