कानपुर: इंदिरा गांधी प्रतिमा के सामने अवैध निर्माण पर बवाल, सपा विधायक ने कांग्रेस जिलाध्यक्ष से कराया सौंदर्यीकरण का लोकार्पण
पार्क के गेट के सामने बनाए जा रहे चबूतरे का कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने विरोध किया। वहीं, आर्यनगर से सपा विधायक अमिताभ बाजपेई ने इसी पार्क के सौंदर्यीकरण कार्य का लोकार्पण कांग्रेस जिलाध्यक्ष पवन गुप्ता से करा दिया।

मोहम्मद फ़ैज़ान
संपादक

कानपुर में इंदिरा गांधी प्रतिमा स्थल पर निर्माण को लेकर विवाद
कानपुर के माल रोड स्थित इंदिरा गांधी प्रतिमा वाले पार्क में मंगलवार को एक अजीबोगरीब स्थिति देखने को मिली। एक तरफ जहां पार्क के गेट के सामने हो रहे निर्माण कार्य का कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने कड़ा विरोध किया, वहीं दूसरी तरफ समाजवादी पार्टी के आर्यनगर विधायक अमिताभ बाजपेई ने उसी पार्क के सौंदर्यीकरण कार्य का लोकार्पण कांग्रेस जिलाध्यक्ष पवन गुप्ता से करवाया। इस घटनाक्रम ने स्थानीय राजनीति में चर्चाओं का बाजार गर्म कर दिया है।
विरोध प्रदर्शन की शुरुआत मंगलवार शाम करीब 5:15 बजे हुई। कांग्रेस जिलाध्यक्ष पवन गुप्ता के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने रिमझिम बारिश के बीच पार्क के गेट के सामने बन रहे चबूतरे के खिलाफ मानव श्रृंखला बनाई। कार्यकर्ताओं का आरोप था कि यह निर्माण अवैध है और इंदिरा गांधी की प्रतिमा के सामने इस तरह का ढांचा खड़ा करना उनका अपमान है। प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने जमकर नारेबाजी की और कुछ लोगों ने चबूतरे की ईंटें उखाड़ने की कोशिश भी की।
अधिकारियों की चुप्पी पर उठे सवाल
कांग्रेस जिलाध्यक्ष पवन गुप्ता ने स्पष्ट किया कि उन्होंने कई बार संबंधित अधिकारियों से यह सवाल पूछा है कि आखिर यह चबूतरा किसके आदेश पर और किस विभाग द्वारा बनाया जा रहा है, लेकिन उन्हें कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिला। उन्होंने कहा कि 36 साल पुरानी इस प्रतिमा के सामने बिना किसी स्पष्ट जानकारी के निर्माण कार्य करना पूरी तरह से अनुचित है। इस संबंध में उन्होंने मौके पर मौजूद अधिकारियों को एक ज्ञापन भी सौंपा है।
सपा विधायक अमिताभ बाजपेई ने भी इस निर्माण पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने बताया कि मेट्रो निर्माण के दौरान पार्क और प्रतिमा स्थल को काफी नुकसान पहुंचा था, जिसे ठीक करने के लिए उन्होंने कई बार मेट्रो अधिकारियों से आग्रह किया, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। अंततः उन्होंने अपनी विधायक निधि से पार्क का सौंदर्यीकरण कराया, जिसका लोकार्पण मंगलवार को किया गया।
विधायक ने दी चेतावनी, 24 घंटे का अल्टीमेटम
लोकार्पण कार्यक्रम के दौरान विधायक अमिताभ बाजपेई ने कांग्रेस जिलाध्यक्ष को साथ लेकर यह संदेश देने की कोशिश की कि महापुरुष किसी एक दल के नहीं होते। हालांकि, चबूतरे के मुद्दे पर उन्होंने कड़ा रुख अपनाते हुए प्रशासन को 24 घंटे का अल्टीमेटम दिया है। विधायक ने कहा कि यदि एक दिन के भीतर यह स्पष्ट नहीं किया गया कि निर्माण कार्य किसके द्वारा और किस वर्क ऑर्डर पर हो रहा है, तो सपा कार्यकर्ता स्वयं इसे हटाने का काम करेंगे।
मौके पर मौजूद सपा विधायक ने कार्यकर्ताओं को चबूतरे को नुकसान न पहुंचाने की सलाह दी और कहा कि जब तक इसकी वैधता की जांच नहीं हो जाती, तब तक कानून हाथ में लेना सही नहीं है। उन्होंने जोर देकर कहा कि प्रशासन को तत्काल इस मामले में स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए ताकि विवाद को सुलझाया जा सके।
आगे की स्थिति
फिलहाल, इस पूरे मामले में स्थानीय प्रशासन की भूमिका संदिग्ध बनी हुई है। न तो निर्माण कार्य के टेंडर की जानकारी सार्वजनिक की गई है और न ही किसी अधिकारी ने इस पर कोई आधिकारिक बयान दिया है। कांग्रेस और सपा का संयुक्त विरोध अब प्रशासन के लिए एक बड़ी चुनौती बन गया है। यदि 24 घंटे के भीतर कोई ठोस कार्रवाई या स्पष्टीकरण नहीं आता है, तो आने वाले समय में यह विवाद और अधिक गहरा सकता है।

संपादक
मोहम्मद फ़ैज़ान
टिप्पणियाँ (2)
- अअमित कुमार2 घंटे पहले
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।
- ससपना ठाकुर4 घंटे पहले
ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!