कानपुर: बारिश के कहर से गिरा कच्चा मकान, मलबे में दबे पिता और चार बेटियां
Kanpur Hirni village कच्चा house collapse accident rescue operations underway for trapped family members. कानपुर के हिरनी गांव में रविवार को रुक-रुककर हो रही बारिश के बीच दो खंड का कच्चा मकान अचानक भरभराकर ढह गया। हादसे के समय मकान के अंदर मौजूद पिता समेत उसकी चार बेटियां मलबे में दब गईं।

मोहम्मद फ़ैज़ान
संपादक

हिरनी गांव में हुआ दर्दनाक हादसा
कानपुर के साढ़ थाना क्षेत्र अंतर्गत आने वाले हिरनी गांव में रविवार की सुबह एक बड़ा हादसा सामने आया है। लगातार हो रही बारिश के कारण एक दो मंजिला कच्चा मकान अचानक भरभराकर गिर गया। इस घटना के समय घर के भीतर एक पिता और उनकी चार बेटियां मौजूद थीं, जो मकान के मलबे में दब गए हैं।
घटना की सूचना मिलते ही पूरे इलाके में हड़कंप मच गया। आसपास के ग्रामीण तुरंत घटनास्थल की ओर दौड़े और मलबे में दबे लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने का प्रयास शुरू कर दिया। फिलहाल, बचाव कार्य युद्धस्तर पर जारी है और स्थानीय लोग अपने स्तर पर हर संभव मदद करने में जुटे हुए हैं।
बारिश ने कमजोर की थी नींव
स्थानीय निवासियों का कहना है कि पिछले कई दिनों से क्षेत्र में रुक-रुककर बारिश हो रही है। बारिश के कारण कच्चे मकान की दीवारें और छत काफी नमी सोख चुकी थीं, जिससे ढांचा पूरी तरह से कमजोर हो गया था। रविवार सुबह जब परिवार घर के अंदर था, तभी अचानक छत और दीवारें ढह गईं, जिससे किसी को भी संभलने का मौका नहीं मिला।
हादसे के बाद गांव में अफरा-तफरी का माहौल है। मलबे के नीचे दबे लोगों की स्थिति को लेकर परिजनों और ग्रामीणों में भारी चिंता व्याप्त है। ग्रामीणों ने बिना किसी देरी के अपने हाथों और उपलब्ध साधनों से मलबा हटाना शुरू कर दिया ताकि दबे हुए लोगों तक जल्दी पहुंचा जा सके।
प्रशासनिक मदद का इंतजार
घटना की जानकारी स्थानीय पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों को दे दी गई है। मौके पर लोगों की भारी भीड़ जमा हो गई है। प्रशासन की टीम के पहुंचने के बाद राहत और बचाव कार्य में तेजी आने की उम्मीद है। फिलहाल, मलबे में दबे पिता और चारों बेटियों के स्वास्थ्य को लेकर कोई भी आधिकारिक जानकारी अभी सामने नहीं आई है।
रेस्क्यू ऑपरेशन पूरा होने के बाद ही मलबे में दबे लोगों की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। प्रशासन की ओर से मौके पर एंबुलेंस और अन्य चिकित्सा सुविधाएं भी बुलाई गई हैं ताकि घायलों को तुरंत अस्पताल पहुंचाया जा सके।
सुरक्षा पर उठे सवाल
इस हादसे ने एक बार फिर कच्चे मकानों की सुरक्षा पर सवाल खड़े कर दिए हैं। बारिश के मौसम में पुराने और जर्जर हो चुके मकानों का गिरना एक गंभीर समस्या बन गया है। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे बारिश के दौरान जर्जर मकानों में रहने से बचें और किसी भी प्रकार की दरार या कमजोरी दिखने पर सुरक्षित स्थानों पर चले जाएं।
फिलहाल, पूरे गांव की नजरें मलबे के उस ढेर पर टिकी हैं जहां से अपनों को सुरक्षित निकालने की जद्दोजहद जारी है। पुलिस बल भी घटनास्थल पर पहुंच चुका है और स्थिति पर नजर बनाए हुए है।

संपादक
मोहम्मद फ़ैज़ान
टिप्पणियाँ (2)
- अअमित कुमार2 घंटे पहले
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।
- ससपना ठाकुर4 घंटे पहले
ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!