कानपुर देहात: दिव्यांग दंपति पर दबंगों का हमला, घर में घुसकर की मारपीट और छीने रुपये
पीड़िता आरती और उनके पति राजकुमार ने आरोप लगाया है कि गांव के कुछ दबंगों ने उनके साथ मारपीट की, घर में घुसकर हमला किया और उनसे पांच हजार रुपये भी छीन लिए।

मोहम्मद फ़ैज़ान
संपादक

न्याय की गुहार लेकर एसपी कार्यालय पहुंचे पीड़ित
कानपुर देहात जिले के शिवली थाना क्षेत्र से एक बेहद संवेदनशील मामला सामने आया है। यहां एक दिव्यांग दंपति ने गांव के ही कुछ दबंगों पर गंभीर आरोप लगाए हैं। दंपति का कहना है कि दबंगों ने न केवल उनके साथ मारपीट की, बल्कि उनके घर में घुसकर हमला भी किया। स्थानीय स्तर पर सुनवाई न होने से हताश होकर पीड़ित मंगलवार को पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचे और न्याय की गुहार लगाई।
पीड़िता आरती और उनके पति राजकुमार ने बताया कि यह पूरी घटना 30 अप्रैल को घटित हुई थी। उस दिन वे किसी काम से गांव आए हुए थे। जब वे शाम के समय दैनिक उपयोग का सामान खरीदने के लिए दुकान पर गए, तभी गांव के कुछ दबंगों ने उन्हें घेर लिया और अचानक हमला कर दिया। इस हमले में दंपति को शारीरिक और मानसिक प्रताड़ना का सामना करना पड़ा।
घर में घुसकर की गई मारपीट और लूटपाट
दंपति का आरोप है कि दुकान पर हमले के बाद वे जैसे-तैसे अपनी जान बचाकर घर पहुंचे, लेकिन हमलावर वहां भी उनका पीछा करते हुए आ धमके। दबंगों ने घर के भीतर घुसकर लाठी-डंडों से उन पर हमला किया। इस दौरान आरोपियों ने दंपति के पास रखे पांच हजार रुपये भी छीन लिए। इस बर्बर हमले में राजकुमार के पैर में गंभीर चोट आई, जिसके चलते उन्हें फ्रैक्चर का सामना करना पड़ा।
आरती, जो स्वयं दिव्यांग हैं और चलने-फिरने में असमर्थ हैं, ने बताया कि इस घटना ने उनके पूरे परिवार को दहशत में डाल दिया है। उन्होंने आरोप लगाया कि घटना के तुरंत बाद उन्होंने स्थानीय पुलिस से शिकायत की थी, लेकिन पुलिस ने मामले को गंभीरता से नहीं लिया और कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई।
पुलिस की कार्यप्रणाली पर उठे सवाल
पीड़ितों का कहना है कि पुलिस द्वारा मेडिकल जांच करवाने और मुकदमा दर्ज करने में लगातार देरी की गई। मजबूरन उन्हें अपने निजी खर्च पर अस्पताल में इलाज करवाना पड़ा। बार-बार चक्कर काटने के बावजूद जब स्थानीय पुलिस से उन्हें कोई राहत नहीं मिली, तो उन्होंने पुलिस अधीक्षक कार्यालय का दरवाजा खटखटाने का निर्णय लिया।
मंगलवार को एसपी कार्यालय में दिए गए प्रार्थना पत्र में दंपति ने मांग की है कि आरोपियों के खिलाफ तत्काल प्रभाव से मुकदमा दर्ज किया जाए। उन्होंने अपनी सुरक्षा को लेकर भी चिंता जताई है और दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की अपील की है।
अधिकारियों ने दिया जांच का आश्वासन
पुलिस अधीक्षक कार्यालय में मौजूद अधिकारियों ने दंपति की शिकायत को गंभीरता से सुना है। अधिकारियों ने उन्हें आश्वासन दिया है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की जाएगी और जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर आरोपियों के खिलाफ उचित कानूनी कार्यवाही सुनिश्चित की जाएगी।
फिलहाल, इस घटना के बाद से गांव में चर्चाओं का बाजार गर्म है। दिव्यांग दंपति के साथ हुई इस हिंसा ने स्थानीय सुरक्षा व्यवस्था पर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। अब देखना यह होगा कि पुलिस इस मामले में कितनी जल्दी आरोपियों को गिरफ्तार कर पीड़ितों को न्याय दिला पाती है।

संपादक
मोहम्मद फ़ैज़ान
टिप्पणियाँ (2)
- अअमित कुमार2 घंटे पहले
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।
- ससपना ठाकुर4 घंटे पहले
ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!