कानपुर सेंट्रल पर जीआरपी-आरपीएफ की बड़ी कार्रवाई, 3.5 लाख के मोबाइल के साथ दो शातिर चोर गिरफ्तार
Kanpur Central GRP RPF joint operation captures thieves stealing mobile phones. कानपुर सेंट्रल रेलवे स्टेशन पर जीआरपी-आरपीएफ की संयुक्त कार्रवाई में दो मोबाइल चोर गिरफ्तार किए गए हैं। उनके पास से लगभग 3.50 लाख रुपये मूल्य के चार मोबाइल फोन, जिनमें एक एप्पल आईफोन भी शामिल है, बरामद हुए हैं।

मोहम्मद फ़ैज़ान
संपादक

कानपुर सेंट्रल रेलवे स्टेशन पर यात्रियों के मोबाइल फोन चोरी करने वाले एक सक्रिय गिरोह का पर्दाफाश हुआ है। जीआरपी और आरपीएफ की संयुक्त टीम ने एक विशेष अभियान के तहत दो शातिर चोरों को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है। इन आरोपियों के पास से करीब 3.50 लाख रुपये मूल्य के चार महंगे मोबाइल फोन बरामद किए गए हैं, जिनमें एक एप्पल आईफोन भी शामिल है।
सीसीटीवी फुटेज से मिली सफलता
जीआरपी प्रभारी ओमनारायण सिंह के अनुसार, कानपुर सेंट्रल स्टेशन पर पिछले कुछ समय से मोबाइल चोरी की घटनाओं में वृद्धि देखी जा रही थी। यात्रियों की लगातार मिल रही शिकायतों के बाद जीआरपी, आरपीएफ और सीआईबी की एक संयुक्त टीम का गठन किया गया। निगरानी बढ़ाने के लिए स्टेशन परिसर में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज का बारीकी से विश्लेषण किया गया, जिसमें संदिग्ध गतिविधियों के आधार पर इन दोनों आरोपियों की पहचान की गई।
पकड़े गए आरोपियों की पहचान रंजीत गौतम (37) और लकी (30) के रूप में हुई है। रंजीत मूल रूप से कर्नलगंज के खटिकाना का निवासी है, जबकि लकी बकरमंडी का रहने वाला है। पूछताछ के दौरान दोनों ने अपना जुर्म स्वीकार कर लिया है। पुलिस ने तलाशी के दौरान रंजीत के पास से वनप्लस और रियलमी के फोन, जबकि लकी के पास से एप्पल आईफोन और रियलमी का फोन बरामद किया है।
आरोपियों का लंबा आपराधिक इतिहास
पुलिस रिकॉर्ड खंगालने पर पता चला कि ये दोनों आरोपी आदतन अपराधी हैं। रंजीत गौतम के खिलाफ कानपुर के विभिन्न थानों में कुल 12 मामले दर्ज हैं, जिनमें एनडीपीएस एक्ट, आर्म्स एक्ट और हत्या के प्रयास जैसी गंभीर धाराएं शामिल हैं। जीआरपी कानपुर सेंट्रल में भी उसके खिलाफ पिछले दो वर्षों में चोरी के कई मुकदमे दर्ज हैं।
वहीं, दूसरे आरोपी लकी का भी आपराधिक रिकॉर्ड रहा है। उसके खिलाफ जीआरपी में मोबाइल चोरी के दो मामले दर्ज हैं। इसके अलावा, कर्नलगंज थाने में मारपीट, तोड़फोड़ और घर में घुसकर हमला करने जैसे गंभीर आरोपों में भी उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई हो चुकी है। ये दोनों लंबे समय से भीड़भाड़ वाले इलाकों और रेलवे प्लेटफॉर्म पर यात्रियों को अपना निशाना बना रहे थे।
न्यायिक हिरासत में भेजे गए आरोपी
पुलिस ने बरामद किए गए मोबाइल फोनों के मालिकों की पहचान करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है ताकि उन्हें उनके उपकरण वापस मिल सकें। शनिवार दोपहर को कानूनी औपचारिकताएं पूरी करने के बाद दोनों आरोपियों को न्यायालय के समक्ष पेश किया गया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया है। पुलिस का कहना है कि इस कार्रवाई से स्टेशन पर होने वाली चोरी की घटनाओं पर लगाम लगेगी।
रेलवे प्रशासन ने यात्रियों से अपील की है कि वे भीड़भाड़ वाले स्थानों पर अपने कीमती सामान और मोबाइल फोन के प्रति सतर्क रहें। जीआरपी ने स्पष्ट किया है कि स्टेशन परिसर में संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखने के लिए निगरानी तंत्र को और अधिक मजबूत किया जा रहा है ताकि यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।

संपादक
मोहम्मद फ़ैज़ान
टिप्पणियाँ (2)
- अअमित कुमार2 घंटे पहले
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।
- ससपना ठाकुर4 घंटे पहले
ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!
