कानपुर दवा कारोबारी हत्याकांड: बहू शालू हिरासत में, पुलिस खंगाल रही है कॉल रिकॉर्ड्स
रतन ऑर्बिट निवासी दवा कारोबारी विनीत मिनोचा हत्याकांड के मामले में शक के घेरे में आई बहू शालू को हिरासत में ले लिया है। पुलिस उससे पूछताछ कर रही है, डीसीपी वेस्ट एसएम कासिम आबिदी ने बताया कि पूछताछ के दौरान सामने आया कि विनीत कानपुर के टॉप–5 दवा कारोबारियों में विनीत शामिल थे।

मुश्ताक अहमद खान
Editor In Chief

दवा कारोबारी विनीत मिनोचा हत्याकांड में बहू की भूमिका संदिग्ध
कानपुर के प्रतिष्ठित दवा कारोबारी विनीत मिनोचा की हत्या के मामले में पुलिस ने एक बड़ा कदम उठाते हुए उनकी बहू शालू को हिरासत में ले लिया है। विनीत मिनोचा शहर के शीर्ष पांच दवा व्यापारियों में गिने जाते थे। डीसीपी वेस्ट एसएम कासिम आबिदी के अनुसार, हत्याकांड की कड़ियां जोड़ने के लिए पुलिस शालू से गहन पूछताछ कर रही है। इस मामले में पुलिस ने मुख्य आरोपियों विशाल और राजकिशोर के साथ-साथ बहू शालू की कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR) भी खंगालनी शुरू कर दी है।
आर्थिक तंगी और पारिवारिक कलह का एंगल
प्रारंभिक पूछताछ में यह बात सामने आई है कि विनीत मिनोचा अपने इकलौते बेटे सुब्रत को भी एक कर्मचारी की तरह हर महीने सीमित वेतन देते थे। बहू शालू ने पुलिस को बताया कि उन्हें और उनके पति को घर के छोटे-मोटे खर्चों के लिए भी ससुर के सामने गिड़गिड़ाना पड़ता था। आर्थिक तंगी और ससुर के सख्त रवैये के कारण उपजा असंतोष इस हत्याकांड की मुख्य वजह हो सकता है, जिसकी जांच पुलिस कर रही है।
घटना के दिन का एक महत्वपूर्ण पहलू यह है कि अपार्टमेंट के सिक्योरिटी इंचार्ज मदन ने बताया कि पूर्व नौकर विशाल गौतम अपने साथी राजकिशोर के साथ फ्लैट पर पहुंचा था। सिक्योरिटी इंचार्ज के अनुसार, जब विशाल ने फ्लैट नंबर सी-104 में जाने की अनुमति मांगी, तो बहू शालू ने खुद फोन करके उन्हें अंदर आने की इजाजत दी थी। यह कॉल इस मामले में सबसे बड़ा सुराग माना जा रहा है।
सुरक्षा व्यवस्था में सेंध और संदिग्ध परिस्थितियां
हत्याकांड के कुछ ही मिनटों बाद सुब्रत, शालू और उनका बच्चा फ्लैट में ताला लगाकर जिम की पार्टी में चले गए थे। पुलिस के सामने यह बड़ा सवाल है कि यदि उन्हें पार्टी में ही जाना था, तो उन्होंने पूर्व नौकर को घर क्यों बुलाया? इसके अलावा, सीसीटीवी फुटेज में विशाल को फ्लैट का ताला खोलते हुए देखा गया है, जिससे यह स्पष्ट होता है कि उसके पास फ्लैट की डुप्लीकेट चाबी थी। यह चाबी उसे किसने दी, पुलिस इस बिंदु पर भी जांच केंद्रित कर रही है।
रतन ऑर्बिट अपार्टमेंट की सुरक्षा व्यवस्था पर भी गंभीर सवाल उठ रहे हैं। वहां 45 सुरक्षा गार्ड तैनात हैं, इसके बावजूद हमलावर आसानी से अंदर दाखिल हुए और वारदात को अंजाम देकर निकल गए। रजिस्टर के अनुसार, रात 8:28 बजे के बाद 10 बजे तक किसी बाहरी व्यक्ति की एंट्री दर्ज नहीं थी, जबकि हत्यारे इसी दौरान फ्लैट में मौजूद थे।
पुलिस अब उन सभी कड़ियों को जोड़ रही है जो बहू शालू, पूर्व नौकर विशाल और मृतक विनीत मिनोचा के बीच के संबंधों को उजागर कर सकें। डीसीपी ने स्पष्ट किया है कि सीडीआर रिपोर्ट आने के बाद कई और चौंकाने वाले खुलासे हो सकते हैं। फिलहाल, पुलिस की टीम आरोपियों के नेटवर्क और इस साजिश में शामिल अन्य लोगों की तलाश में जुटी है।

Editor In Chief
मुश्ताक अहमद खान
टिप्पणियाँ (2)
- अअमित कुमार2 घंटे पहले
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।
- ससपना ठाकुर4 घंटे पहले
ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!