कानपुर कारोबारी हत्याकांड: फरार आरोपियों ने वीडियो जारी कर दी सफाई, बोले- नहीं की हत्या
हत्यारोपियों का कहना है कि उन्होंने मर्डर नहीं किया है, मारपीट के दौरान लोगों ने उनकी कार को घेर लिया था। इस दौरान कार के नीचे आने से कारोबारी की मौत हुई है।

मोहम्मद नवेद
एडिटर

कानपुर के काकादेव इलाके में कारोबारी अमित कुमार गुप्ता की हत्या के मामले में एक नया मोड़ सामने आया है। घटना के एक सप्ताह बाद भी पुलिस की गिरफ्त से दूर चल रहे चार में से तीन मुख्य आरोपियों ने सोशल मीडिया पर वीडियो जारी कर खुद को निर्दोष बताया है। इन वीडियो संदेशों में आरोपियों ने दावा किया है कि उन्होंने कारोबारी की हत्या नहीं की, बल्कि भीड़ के हमले से बचने के दौरान हुई अफरा-तफरी में यह हादसा हुआ।
आरोपियों का दावा: भीड़ के हमले से बचने के लिए भगाई कार
हिस्ट्रीशीटर संजय सिंह उर्फ संजय ढाबा, हितेन्द्र श्रीवास्तव उर्फ मोनू नेता और कुशल श्रीवास्तव ने अपने वीडियो में घटना की अलग ही कहानी बयां की है। संजय ढाबा ने कहा कि उस रात करीब 20 से 25 लोगों ने उनकी गाड़ी को घेर लिया था। उसने दावा किया कि अमित गुप्ता की मौत किसी रंजिश के कारण नहीं, बल्कि भीड़ से जान बचाकर भागने की हड़बड़ाहट में गाड़ी के नीचे आने से हुई। आरोपियों का कहना है कि वे मृतक को जानते तक नहीं थे।
वहीं, मोनू नेता ने वीडियो में सीसीटीवी फुटेज का हवाला देते हुए कहा कि उस समय उन पर लाठी-डंडों और ईंट-पत्थरों से हमला किया जा रहा था। कुशल श्रीवास्तव ने अपनी क्षतिग्रस्त कार का शीशा दिखाते हुए तर्क दिया कि वे खुद हमले का शिकार थे और अपनी जान बचाने के लिए वहां से निकले थे। तीनों आरोपियों ने पुलिस से सीसीटीवी फुटेज की निष्पक्ष जांच करने की मांग की है।
क्या था पूरा मामला
यह घटना 5 अगस्त की देर रात काकादेव के ओम चौराहे के पास हुई थी। रिपोर्ट के अनुसार, अमित कुमार गुप्ता अपनी दुकान बंद करके घर लौट रहे थे। आरोप है कि सड़क पर टॉयलेट कर रहे कुछ युवकों को टोकने पर विवाद शुरू हुआ, जो बाद में मारपीट में बदल गया। अमित के सिर पर ईंट से हमला किया गया था, जिसके बाद उन्हें गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई।
पुलिस ने इस मामले में हितेंद्र श्रीवास्तव, कुशल श्रीवास्तव, संजय सिंह और अश्वनी यादव के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया था। घटना के बाद से ही ये सभी आरोपी फरार चल रहे हैं। पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज और कार के नंबर के आधार पर इनकी पहचान की थी।
पुलिस की कार्रवाई और जांच
आरोपियों द्वारा वीडियो जारी किए जाने के बाद पुलिस प्रशासन हरकत में आया है। डीसीपी सेंट्रल अतुल कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि पुलिस को वायरल वीडियो की जानकारी मिली है। उन्होंने स्पष्ट किया कि आरोपियों के दावों की जांच की जा रही है, लेकिन पुलिस अपनी कार्रवाई जारी रखेगी।
फिलहाल, काकादेव पुलिस के साथ-साथ सर्विलांस टीम और क्राइम ब्रांच की टीमें आरोपियों की तलाश में लगातार दबिश दे रही हैं। पुलिस का कहना है कि जल्द ही सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा और कानून के दायरे में लाया जाएगा।

एडिटर
मोहम्मद नवेद
टिप्पणियाँ (2)
- अअमित कुमार2 घंटे पहले
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।
- ससपना ठाकुर4 घंटे पहले
ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!