विश्व बाघ दिवस: कान्हा टाइगर रिजर्व के मनोज मिश्रा को नई दिल्ली में मिला सम्मान
World Tiger Day 2026 NTCA award ceremony New Delhi updates. विश्व बाघ दिवस के अवसर पर राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण (NTCA) ने नई दिल्ली में कान्हा टाइगर रिजर्व के मनोज मिश्रा को पर्यटन प्रबंधन में उत्कृष्ट योगदान के लिए सम्मानित किया। वहीं, कान्हा टाइगर रिजर्व में बाघ संरक्षण और वन्यजीवों के प्राकृतिक आवासों की सुरक्षा की शपथ ली गई।

मोहम्मद फ़ैज़ान
संपादक

राष्ट्रीय स्तर पर कान्हा का मान
विश्व बाघ दिवस के अवसर पर राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण (NTCA) द्वारा नई दिल्ली में एक विशेष सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में कान्हा टाइगर रिजर्व के मनोज मिश्रा को पर्यटन प्रबंधन के क्षेत्र में उनके उत्कृष्ट योगदान के लिए सम्मानित किया गया। यह सम्मान न केवल उनके व्यक्तिगत प्रयासों को दर्शाता है, बल्कि कान्हा टाइगर रिजर्व की बेहतर प्रबंधन व्यवस्था को भी राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाता है।
मनोज मिश्रा की इस उपलब्धि पर कान्हा प्रशासन ने प्रसन्नता व्यक्त की है। पर्यटन प्रबंधन के क्षेत्र में उनके द्वारा किए गए नवाचारों और वन्यजीवों के प्रति संवेदनशीलता को देखते हुए उन्हें यह सम्मान दिया गया है। यह उपलब्धि अन्य वन कर्मियों के लिए भी प्रेरणा का स्रोत बनी है।
राज्य स्तरीय कार्यक्रमों में भी मिली सराहना
दिल्ली के अलावा भोपाल में भी राज्य स्तरीय कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कान्हा टाइगर रिजर्व में पाई जाने वाली विभिन्न प्रकार की घासों पर आधारित एक सचित्र पुस्तक का विमोचन किया। इस पुस्तक के माध्यम से कान्हा के पारिस्थितिकी तंत्र को समझने में मदद मिलेगी। कार्यक्रम के दौरान वनरक्षक चंद यादव और प्रदीप कुमार भारतिया को भी उनके उत्कृष्ट कार्यों के लिए सम्मानित किया गया।
इन सम्मानों के माध्यम से वन विभाग ने अपने उन कर्मचारियों को प्रोत्साहित करने का प्रयास किया है जो जमीनी स्तर पर वन्यजीवों की सुरक्षा और उनके प्राकृतिक आवासों के संरक्षण के लिए दिन-रात मेहनत कर रहे हैं।
बाघ संरक्षण पखवाड़ा और जन जागरूकता
कान्हा टाइगर रिजर्व के सिझोरा बफर के सहायक संचालक आशीष पांडे ने बताया कि 14 से 29 जुलाई तक विशेष 'बाघ संरक्षण पखवाड़ा' मनाया गया। इस दौरान स्थानीय स्तर पर कई जागरूकता गतिविधियां आयोजित की गईं। स्कूलों में 'बाघ संवाद' और गांवों में 'बघवा संगत' जैसे कार्यक्रमों के जरिए लोगों को बाघों के महत्व के बारे में जानकारी दी गई।
इस पखवाड़े के दौरान रैलियां, चरवाहा सम्मेलन और कान्हा मित्र दल के सम्मेलनों का आयोजन किया गया। इन कार्यक्रमों का मुख्य उद्देश्य स्थानीय समुदायों को वन्यजीव संरक्षण में सीधे तौर पर जोड़ना था ताकि बाघों और मानव के बीच संघर्ष को कम किया जा सके।
नर्मदा और बाघ का अनूठा संदेश
संरक्षण के संदेश को जन-जन तक पहुंचाने के लिए 'बाघ रहे ताकि नर्मदा बहे' थीम पर एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन महिष्मति घाट पर किया गया। मां नर्मदा की आरती के साथ शुरू हुए इस कार्यक्रम ने पर्यावरण और वन्यजीवों के आपसी संबंध को रेखांकित किया। यह संदेश दिया गया कि बाघों का अस्तित्व ही हमारे जल स्रोतों और पारिस्थितिकी तंत्र की सुरक्षा के लिए अनिवार्य है।
क्षेत्र संचालक रविन्द्र मनी त्रिपाठी के मार्गदर्शन में कान्हा के सभी 13 परिक्षेत्रों में चलाए गए इन अभियानों के माध्यम से 20 हजार से अधिक लोगों तक संरक्षण का संदेश पहुंचाया गया है। प्रशासन का मानना है कि जनभागीदारी के बिना वन्यजीव संरक्षण का लक्ष्य प्राप्त करना कठिन है, इसलिए भविष्य में भी ऐसे जागरूकता कार्यक्रमों को निरंतर जारी रखा जाएगा।

संपादक
मोहम्मद फ़ैज़ान
टिप्पणियाँ (2)
- अअमित कुमार2 घंटे पहले
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।
- ससपना ठाकुर4 घंटे पहले
ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!
