जोधपुर: शराब के नशे में दोस्तों ने की साथी मजदूर की हत्या, वारदात के बाद आराम से सोए आरोपी
जोधपुर के बासनी औद्योगिक थाना क्षेत्र में ब्लाइंड मर्डर के मामले का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। शातिर बदमाशों ने पत्थरों से वार कर और गला घोंटकर अपने ही साथी मजदूर की हत्या कर दी थी।

मोहम्मद फ़ैज़ान
संपादक

बासनी औद्योगिक क्षेत्र में मिला था शव
जोधपुर के बासनी औद्योगिक थाना क्षेत्र में एक ब्लाइंड मर्डर केस का पुलिस ने खुलासा किया है। रविवार सुबह श्रमिक कॉलोनी में खाटेड फैब्रिक्स फैक्टरी के पास एक युवक का शव मिलने से इलाके में सनसनी फैल गई थी। मृतक के चेहरे पर गंभीर चोट के निशान थे और काफी खून बह चुका था। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू की और शव की पहचान धर्मेंद्र कुमार सिंह (40) के रूप में की, जो मूल रूप से बिहार के गोपालगंज का निवासी था।
पुलिस के अनुसार, मृतक धर्मेंद्र कुमार सिंह बासनी की श्रमिक कॉलोनी में ही रह रहा था। घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने तुरंत फील्ड इंटेलिजेंस और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालना शुरू किया। फुटेज में दो संदिग्ध युवक घूमते हुए दिखाई दिए, जिसके आधार पर पुलिस ने अपनी जांच की दिशा तय की।
शराब के नशे में हुआ विवाद बना हत्या का कारण
पुलिस की पूछताछ में सामने आया कि शनिवार की रात धर्मेंद्र कुमार सिंह और उसके दो साथी चंदन कुमार (19) व गोविंदा कुमार (22) ने साथ बैठकर शराब पी थी। नशे की हालत में तीनों के बीच किसी बात को लेकर कहासुनी हो गई। यह विवाद इतना बढ़ गया कि चंदन और गोविंदा ने आपा खो दिया और धर्मेंद्र पर पत्थरों से ताबड़तोड़ हमला कर दिया। इसके बाद उन्होंने गला घोंटकर उसकी हत्या कर दी।
हैरानी की बात यह है कि हत्या की वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी डरे नहीं, बल्कि अपने कमरे में जाकर आराम से सो गए। पुलिस ने बताया कि दोनों आरोपी बिहार और उत्तर प्रदेश भागने की फिराक में थे, लेकिन इससे पहले ही पुलिस ने उन्हें धर दबोचा।
महज 6 घंटे में सुलझा ब्लाइंड मर्डर
बासनी थाना पुलिस ने हुलिए के आधार पर इलाके की विभिन्न फैक्ट्रियों और कॉलोनियों में दबिश दी। पुलिस टीम ने तत्परता दिखाते हुए घटना के महज 6 घंटे के भीतर ही दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। आरोपियों की पहचान चंदन कुमार (निवासी भोजपुर, बिहार) और गोविंदा कुमार (निवासी गाजीपुर, उत्तर प्रदेश) के रूप में हुई है।
इस ब्लाइंड मर्डर केस को सुलझाने में बासनी थाने के एएसआई भूपेंद्र सिंह और कॉन्स्टेबल दिनेश नायल की टीम की भूमिका अहम रही। पुलिस की इस त्वरित कार्रवाई से क्षेत्र में फैली दहशत पर काबू पाया गया है। फिलहाल, दोनों आरोपियों से पूछताछ की जा रही है ताकि घटना के अन्य पहलुओं का पता लगाया जा सके।
कानूनी प्रक्रिया के तहत दोनों आरोपियों को कोर्ट में पेश करने की तैयारी की जा रही है। पुलिस ने चेतावनी दी है कि औद्योगिक क्षेत्रों में बाहरी मजदूरों के सत्यापन और उनकी गतिविधियों पर नजर रखने के लिए विशेष अभियान चलाए जाएंगे ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।

संपादक
मोहम्मद फ़ैज़ान
टिप्पणियाँ (2)
- अअमित कुमार2 घंटे पहले
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।
- ससपना ठाकुर4 घंटे पहले
ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!