झांसी में होर्डिंग विवाद: सपा जिलाध्यक्ष समेत 10 लोगों पर मुकदमा दर्ज
शुक्रवार को भट्टागांव से भाजपा पार्षद अमित राय ने सपा जिलाध्यक्ष बृजेंद्र यादव भोजला, विश्व प्रताप सिंह और 8 अज्ञात के खिलाफ नवाबाद थाने में केस दर्ज कराया है। पुलिस ने केस दर्ज करके आरोपियों की तलाश भी शुरू कर दी है।

मुश्ताक अहमद खान
Editor In Chief

उत्तर प्रदेश के झांसी में एक होर्डिंग को लेकर उपजा विवाद अब कानूनी मोड़ ले चुका है। इलाइट चौराहे पर लगाई गई एक राजनीतिक होर्डिंग को फाड़ने के मामले में समाजवादी पार्टी (सपा) के जिलाध्यक्ष और उनके समर्थकों के खिलाफ पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज की है। यह घटना क्षेत्र में चर्चा का विषय बनी हुई है और दोनों प्रमुख राजनीतिक दलों के बीच तनातनी बढ़ गई है।
क्या है पूरा मामला?
विवाद की शुरुआत तब हुई जब भाजपा पार्षद अमित राय ने इलाइट चौराहे पर एक होर्डिंग लगवाई थी। इस होर्डिंग में झारखंड में चल रहे छात्रों के आंदोलन के संदर्भ में कांग्रेस नेता राहुल गांधी और सपा प्रमुख अखिलेश यादव की चुप्पी पर सवाल उठाए गए थे। पार्षद का आरोप है कि गुरुवार शाम करीब 4:30 बजे सपा कार्यकर्ताओं ने सुनियोजित तरीके से इस होर्डिंग को फाड़ दिया, जिससे राजनीतिक माहौल गरमा गया।
घटना के बाद भाजपा पार्षद अमित राय ने इसे अपनी अभिव्यक्ति और नगर निगम के नियमों के तहत किए गए कार्य का अपमान बताया। उन्होंने दावा किया कि होर्डिंग लगाने के लिए नगर निगम में निर्धारित शुल्क जमा किया गया था और सभी कानूनी प्रक्रियाओं का पालन किया गया था।
पुलिस कार्रवाई और एफआईआर
शुक्रवार को भाजपा पार्षद अमित राय, उपसभापति आशीष तिवारी, प्रियंका साहू, सुनील नैनवानी, हरिओम मिश्रा और दिनेश सिंह सहित कई भाजपा पार्षद बड़ी संख्या में नवाबाद थाने पहुंचे। उन्होंने सपा जिलाध्यक्ष बृजेंद्र यादव भोजला, विश्व प्रताप सिंह और आठ अज्ञात लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग करते हुए तहरीर दी। पुलिस ने शिकायत के आधार पर संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर लिया है।
सीओ सिटी रामवीर सिंह ने मामले की पुष्टि करते हुए बताया कि पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर ली है। उन्होंने कहा कि घटना के समय वहां लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है ताकि आरोपियों की पहचान सुनिश्चित की जा सके। पुलिस का कहना है कि साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी प्रक्रिया पूरी की जाएगी।
राजनीतिक प्रतिक्रिया और माहौल
इस घटना के बाद से झांसी में सपा और भाजपा के स्थानीय नेताओं के बीच जुबानी जंग तेज हो गई है। भाजपा ने इसे विपक्ष की हताशा करार दिया है, जबकि सपा की ओर से इस पर अभी कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है। स्थानीय स्तर पर इस घटना को लेकर सुरक्षा व्यवस्था और राजनीतिक प्रदर्शनों को लेकर भी सतर्कता बरती जा रही है।
होर्डिंग फाड़ने की इस घटना ने झांसी की राजनीति में एक नया विवाद खड़ा कर दिया है। जहां एक ओर भाजपा इसे अपनी बात रखने के अधिकार पर हमला बता रही है, वहीं दूसरी ओर पुलिस की कार्रवाई के बाद अब आरोपियों की गिरफ्तारी को लेकर दबाव बढ़ गया है। आने वाले दिनों में इस मामले में पुलिस की जांच और राजनीतिक दलों के रुख पर सबकी नजरें टिकी रहेंगी।

Editor In Chief
मुश्ताक अहमद खान
टिप्पणियाँ (2)
- अअमित कुमार2 घंटे पहले
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।
- ससपना ठाकुर4 घंटे पहले
ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!