झांसी: डबल डेकर ट्रैक्टर-ट्रॉली में सवार थे 35 श्रद्धालु, पुलिस ने की बड़ी कार्रवाई
झांसी में गुरुवार को ट्रैफिक पुलिस ने डबल डेकर बनाई गई ट्रैक्टर-ट्रॉली को सीज कर दिया। इसमें 35 लोग सवार थे।

मुश्ताक अहमद खान
Editor In Chief

झांसी में गुरुवार को यातायात पुलिस ने एक खतरनाक तरीके से संचालित किए जा रहे डबल डेकर ट्रैक्टर-ट्रॉली को जब्त कर लिया है। इस वाहन में 35 श्रद्धालु सवार थे, जो ओरछा से दर्शन कर ग्वालियर वापस लौट रहे थे। पुलिस ने सुरक्षा मानकों के गंभीर उल्लंघन को देखते हुए यह कार्रवाई की है।
लोहे की एंगल लगाकर बनाई गई थी छत
ट्रैक्टर मालिक ने ट्रॉली को अवैध रूप से मॉडिफाई किया था। ट्रॉली में लोहे की एंगल लगाकर ऊपर एक छत का निर्माण किया गया था, जिससे वह एक डबल डेकर वाहन की तरह दिखाई दे रही थी। इस खतरनाक बनावट के कारण ट्रॉली और उसकी छत पर कुल 28 लोग सवार थे, जबकि 7 अन्य लोग ट्रैक्टर के मडगार्ड पर बैठे हुए थे।
इतना ही नहीं, यात्रियों के मनोरंजन के लिए ट्रॉली की छत पर चार स्पीकर वाला एक मिनी डीजे भी लगाया गया था। तेज आवाज में बजते संगीत और क्षमता से अधिक सवारियों के कारण यह वाहन सड़क पर चलने वाले अन्य लोगों के लिए भी बड़ा खतरा बना हुआ था।
इलाइट चौराहे पर पुलिस ने रोका
प्राप्त जानकारी के अनुसार, सभी श्रद्धालु गुरुवार सुबह करीब 5 बजे ग्वालियर से ओरछा के लिए निकले थे। दर्शन के बाद दोपहर करीब 1:20 बजे जब यह ट्रैक्टर-ट्रॉली झांसी के इलाइट चौराहे से गुजरते हुए ग्वालियर रोड की ओर बढ़ रही थी, तभी यातायात पुलिस की नजर इस पर पड़ी। पुलिस ने तुरंत वाहन को रुकवाया और उसे यातायात कार्यालय ले गई।
पुलिस ने मौके पर ही सभी सवारियों को नीचे उतारा और सुरक्षा नियमों की अनदेखी करने के आरोप में ट्रैक्टर-ट्रॉली को सीज कर दिया। अधिकारियों का कहना है कि ट्रैक्टर-ट्रॉली का उपयोग व्यावसायिक या यात्री परिवहन के लिए करना कानूनन गलत है, और ऊपर से इसे मॉडिफाई करना जानलेवा हो सकता है।
यात्रियों की मुश्किलें बढ़ीं
वाहन सीज होने के बाद इसमें सवार 35 लोगों के सामने वापस ग्वालियर पहुंचने का संकट खड़ा हो गया। हालांकि, यात्रियों ने पुलिस की कार्रवाई पर असंतोष जताया। महिलाओं का कहना था कि उन्हें इस तरह सफर करने में कोई डर नहीं लगता और पुलिस ने उन्हें बिना किसी ठोस कारण के बीच रास्ते में रोक लिया है।
यातायात पुलिस ने स्पष्ट किया है कि यह कार्रवाई किसी को परेशान करने के लिए नहीं, बल्कि यात्रियों की जान बचाने के उद्देश्य से की गई है। इस तरह के अवैध रूप से मॉडिफाई किए गए वाहनों में संतुलन बिगड़ने का खतरा हमेशा बना रहता है, जिससे किसी भी समय बड़ी दुर्घटना हो सकती है।
सड़क सुरक्षा पर सवाल
यह घटना एक बार फिर ग्रामीण और अर्ध-शहरी क्षेत्रों में ट्रैक्टर-ट्रॉली के असुरक्षित उपयोग पर सवाल खड़े करती है। पैसे बचाने के चक्कर में अक्सर लोग इस तरह के जोखिम भरे सफर का चुनाव करते हैं। प्रशासन ने चेतावनी दी है कि भविष्य में भी नियमों का उल्लंघन करने वाले ऐसे वाहनों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।

Editor In Chief
मुश्ताक अहमद खान
टिप्पणियाँ (2)
- अअमित कुमार2 घंटे पहले
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।
- ससपना ठाकुर4 घंटे पहले
ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!