झज्जर की शिक्षिका बबीता अहलावत को मिला राज्य शिक्षक पुरस्कार, स्कूल की कायापलट के लिए हुईं सम्मानित
शिक्षक दिवस के अवसर पर आयोजित राज्य स्तरीय समारोह में झज्जर जिले के बेरी सरकारी प्राथमिक स्कूल की शिक्षिका बबीता अहलावत को राज्य स्तरीय शिक्षक पुरस्कार से सम्मानित किया गया। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने उन्हें सम्मान प्रदान किया।

मुश्ताक अहमद खान
Editor In Chief

हरियाणा में शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान देने वाले शिक्षकों को सम्मानित करने के लिए आयोजित राज्य स्तरीय समारोह में झज्जर जिले की शिक्षिका बबीता अहलावत को राज्य शिक्षक पुरस्कार से नवाजा गया। शिक्षक दिवस के पावन अवसर पर आयोजित इस विशेष कार्यक्रम में मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने उन्हें यह प्रतिष्ठित सम्मान प्रदान किया। बबीता अहलावत वर्तमान में बेरी स्थित सरकारी प्राथमिक स्कूल में कार्यरत हैं और पिछले करीब तीन दशकों से शिक्षा की अलख जगा रही हैं।
जनसहयोग से बदली स्कूल की तस्वीर
बबीता अहलावत ने जब बेरी के इस सरकारी प्राथमिक स्कूल में कार्यभार संभाला था, तब वहां बुनियादी सुविधाओं का भारी अभाव था। विशेष रूप से बरसात के मौसम में स्कूल परिसर में चार फीट तक पानी भर जाता था, जिससे बच्चों की पढ़ाई बाधित होती थी। इस समस्या से निपटने के लिए उन्होंने हार नहीं मानी और स्थानीय दानदाताओं से संपर्क साधा। उनके प्रयासों से करीब 7 लाख रुपये की राशि जुटाई गई, जिसका उपयोग स्कूल परिसर में मिट्टी भरवाने और टाइल्स लगवाने में किया गया। आज यह स्कूल जलभराव की समस्या से मुक्त होकर बच्चों के लिए एक बेहतर शैक्षणिक केंद्र बन चुका है।
पिछले 9 वर्षों से बेरी के इस स्कूल में तैनात बबीता अहलावत ने न केवल भौतिक सुविधाओं में सुधार किया, बल्कि शिक्षा की गुणवत्ता पर भी विशेष ध्यान दिया। उन्होंने दिहाड़ी मजदूरों और प्रवासी परिवारों के बच्चों को मुख्यधारा की शिक्षा से जोड़ने के लिए विशेष अभियान चलाए। उनके प्रयासों का ही परिणाम है कि स्कूल में विद्यार्थियों की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है।
28 वर्षों का लंबा शैक्षणिक सफर
बबीता अहलावत का शिक्षा के क्षेत्र में अनुभव 28 वर्षों का है। इतने लंबे समय तक शिक्षण कार्य में समर्पित रहने के बाद उन्हें राज्य स्तर पर मिली यह पहचान उनके धैर्य और सेवाभाव को दर्शाती है। उनका मानना है कि एक शिक्षक का दायित्व केवल पाठ्यक्रम पूरा करना नहीं है, बल्कि विद्यार्थियों को अपने परिवार का हिस्सा मानकर उनके भविष्य को संवारना है। वे अभिभावकों के भरोसे को अपनी सबसे बड़ी जिम्मेदारी मानती हैं।
पुरस्कार प्राप्त करने के बाद बबीता अहलावत ने कहा कि यह सम्मान उनकी व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं, बल्कि उनके स्कूल स्टाफ, विद्यार्थियों और उन सभी अभिभावकों की सामूहिक मेहनत का परिणाम है जिन्होंने उन पर विश्वास जताया। उन्होंने कहा कि बिना सहयोग के इतने बड़े बदलाव संभव नहीं थे।
क्षेत्र में खुशी का माहौल
बबीता अहलावत को राज्य स्तरीय शिक्षक पुरस्कार मिलने की खबर से बेरी क्षेत्र में खुशी की लहर है। स्थानीय निवासियों और शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने उनकी इस उपलब्धि पर उन्हें बधाई दी है। उनके द्वारा किए गए कार्यों को अन्य शिक्षकों के लिए भी एक प्रेरणा के रूप में देखा जा रहा है। मुख्यमंत्री ने भी उनके समर्पण की सराहना करते हुए अन्य शिक्षकों से भी इसी प्रकार के नवाचार अपनाने का आह्वान किया।
यह पुरस्कार न केवल बबीता अहलावत के लिए एक बड़ी उपलब्धि है, बल्कि यह उन सरकारी स्कूलों की क्षमता को भी उजागर करता है जहां समर्पित शिक्षक अपने सीमित संसाधनों के बावजूद बच्चों के भविष्य को उज्ज्वल बनाने के लिए निरंतर प्रयासरत हैं। आने वाले समय में उनके द्वारा किए गए ये सुधार अन्य स्कूलों के लिए एक मॉडल के रूप में कार्य कर सकते हैं।

Editor In Chief
मुश्ताक अहमद खान
टिप्पणियाँ (2)
- अअमित कुमार2 घंटे पहले
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।
- ससपना ठाकुर4 घंटे पहले
ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!