जमुई: सिकंदरा विधायक और प्रधानाध्यापक के बीच फोन पर हुई तीखी बहस का ऑडियो वायरल
जमुई जिले के सिकंदरा विधानसभा क्षेत्र के विधायक प्रफुल्ल मांझी और एक स्कूल प्रधानाध्यापक के बीच हुई बातचीत का ऑडियो सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बना हुआ है।

मोहम्मद नवेद
एडिटर

विधायक और प्रधानाध्यापक के बीच फोन पर हुई तकरार
बिहार के जमुई जिले में सिकंदरा विधानसभा क्षेत्र के विधायक प्रफुल्ल मांझी का एक ऑडियो क्लिप सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। इस ऑडियो में विधायक और अलीगंज प्रखंड स्थित धनामा उच्च विद्यालय के प्रभारी प्रधानाध्यापक मनिंद्र कुमार के बीच हुई बातचीत रिकॉर्ड है। इस बातचीत के सार्वजनिक होने के बाद स्थानीय राजनीतिक गलियारों और शिक्षा विभाग के अधिकारियों के बीच हड़कंप मच गया है।
ऑडियो की शुरुआत में जब विधायक ने फोन किया, तो प्रधानाध्यापक ने 'हेलो, कौन बोल रहा है?' कहकर अपना परिचय पूछा। इसी बात पर विधायक का लहजा सख्त हो गया और उन्होंने प्रधानाध्यापक को तमीज से बात करने की नसीहत दे डाली। बातचीत के दौरान दोनों के बीच तनाव साफ तौर पर महसूस किया जा सकता है।
कागजात जमा करने को लेकर हुआ विवाद
वायरल ऑडियो में बातचीत का मुख्य केंद्र किसी छात्र के कागजात जमा करने का मामला प्रतीत होता है। विधायक किसी विशेष दस्तावेज के संबंध में पूछताछ कर रहे थे, जिसके जवाब में प्रधानाध्यापक मनिंद्र कुमार ने कहा कि वे 15 अगस्त के बाद ही कागजात जमा करा पाएंगे। प्रधानाध्यापक ने यह भी स्पष्ट किया कि जिस छात्र के दस्तावेजों की बात हो रही है, वह स्कूल में नियमित रूप से उपस्थित नहीं होता है।
इस पर विधायक ने प्रधानाध्यापक को निर्देश दिया कि यदि छात्र स्कूल नहीं आता है, तो इसकी लिखित शिकायत दर्ज कराई जानी चाहिए। हालांकि, बातचीत के दौरान किसी ठोस मामले का खुलासा नहीं हो सका है, लेकिन दोनों पक्षों के बीच संवाद का तरीका चर्चा का विषय बना हुआ है।
विधायक का पक्ष और स्पष्टीकरण
इस पूरे मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए सिकंदरा विधायक प्रफुल्ल मांझी ने कहा कि उन्होंने विकास कुमार नामक एक छात्र की समस्या के समाधान के लिए प्रधानाध्यापक से संपर्क किया था। उन्होंने दावा किया कि ऑडियो में सुनी जा सकती है कि उन्होंने कोई गलत बात नहीं कही है। विधायक के अनुसार, यह एक सामान्य प्रशासनिक बातचीत थी जिसे अनावश्यक रूप से तूल दिया जा रहा है।
विधायक ने इस बात पर भी असंतोष जताया कि निजी बातचीत को सार्वजनिक किया गया है। उन्होंने कहा कि जिसने भी इस ऑडियो को वायरल किया है, वही इसके पीछे के उद्देश्यों के बारे में बेहतर बता सकता है। उन्होंने जोर देकर कहा कि जनप्रतिनिधि होने के नाते वे जनता की समस्याओं के समाधान के लिए अधिकारियों से बात करने के लिए स्वतंत्र हैं।
प्रशासनिक और राजनीतिक हलकों में चर्चा
इस घटना के बाद से स्थानीय स्तर पर कई तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं। जहां एक ओर लोग विधायक के व्यवहार पर सवाल उठा रहे हैं, वहीं दूसरी ओर शिक्षा विभाग के कामकाज और स्कूलों में छात्रों की उपस्थिति जैसे गंभीर मुद्दे भी बहस में शामिल हो गए हैं। फिलहाल, इस मामले में किसी भी आधिकारिक जांच या विभागीय कार्रवाई की सूचना नहीं मिली है।
यह मामला अब सोशल मीडिया पर विभिन्न प्लेटफार्मों पर साझा किया जा रहा है, जिससे क्षेत्र में राजनीतिक सरगर्मी बढ़ गई है। आने वाले दिनों में यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या शिक्षा विभाग या अन्य कोई उच्च अधिकारी इस मामले में हस्तक्षेप करते हैं या यह मामला केवल सोशल मीडिया की चर्चा तक ही सीमित रहता है।

एडिटर
मोहम्मद नवेद
टिप्पणियाँ (2)
- अअमित कुमार2 घंटे पहले
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।
- ससपना ठाकुर4 घंटे पहले
ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!