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जमुई में साइबर ठगी का बड़ा नेटवर्क ध्वस्त: 122 मामलों से जुड़ा आरोपी गिरफ्तार

बिहार की साइबर अपराध एवं सुरक्षा इकाई ने जमुई साइबर थाना और स्थानीय पुलिस के साथ मिलकर जिले के झाझा थाना क्षेत्र के बुढीखार गांव में एक संगठित साइबर ठगी गिरोह का भंडाफोड़ किया है। इस कार्रवाई में गिरोह के सक्रिय सदस्य रंजन कुमार उर्फ सचिन कुमार को गिरफ्तार किया गया।

मोहम्मद फ़ैज़ान

मोहम्मद फ़ैज़ान

संपादक

31 जुलाई 20263 मिनट पढ़ें
जमुई में साइबर ठगी का बड़ा नेटवर्क ध्वस्त: 122 मामलों से जुड़ा आरोपी गिरफ्तार
मूल स्रोत

बिहार के जमुई जिले में साइबर अपराध के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई करते हुए पुलिस ने एक संगठित गिरोह का भंडाफोड़ किया है। राज्य की साइबर अपराध एवं सुरक्षा इकाई और जमुई साइबर थाना पुलिस ने संयुक्त रूप से झाझा थाना क्षेत्र के बुढीखार गांव में छापेमारी कर गिरोह के एक सक्रिय सदस्य को गिरफ्तार किया है। आरोपी की पहचान रंजन कुमार उर्फ सचिन कुमार के रूप में हुई है, जो लंबे समय से साइबर धोखाधड़ी की गतिविधियों में लिप्त था।

ठगी का तरीका और नेटवर्क

जांच में खुलासा हुआ है कि यह गिरोह बेहद शातिराना तरीके से काम करता था। आरोपी लोगों को प्रलोभन देकर उनके नाम पर बैंक खाते खुलवाता था या फिर पहले से चल रहे खातों को किराए पर लेकर उनका इस्तेमाल साइबर ठगी की रकम को ठिकाने लगाने के लिए करता था। ठगी की वारदातों को अंजाम देने के लिए गिरोह फर्जी सिम कार्ड, क्यूआर कोड, एपीके फाइल और विभिन्न डिजिटल माध्यमों का सहारा लेता था। ठगी से प्राप्त राशि को अलग-अलग बैंक खातों में ट्रांसफर करने के बाद ऑनलाइन शॉपिंग के जरिए खपा दिया जाता था।

पुलिस की छापेमारी के दौरान आरोपी के पास से भारी मात्रा में आपत्तिजनक सामग्री बरामद की गई है। इसमें तीन मोबाइल फोन, एक एचपी लैपटॉप, तीन वाई-फाई डिवाइस और एयरटेल पेमेंट्स बैंक का एक बायोमेट्रिक डिवाइस शामिल है। इसके अलावा, नौ बैंक पासबुक, चार चेकबुक, दो एटीएम कार्ड और तीन क्यूआर कोड भी जब्त किए गए हैं। पुलिस को मौके से फर्जी उद्यम पंजीकरण से जुड़े दस्तावेज भी मिले हैं, जो यह दर्शाते हैं कि आरोपी ने धोखाधड़ी के लिए फर्जी व्यावसायिक पहचान का भी इस्तेमाल किया था।

122 शिकायतों से जुड़ा है आरोपी

साइबर जांच के दौरान पुलिस के सामने चौंकाने वाले आंकड़े आए हैं। आरोपी के मोबाइल नंबर के खिलाफ राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल (एनसीआरपी) पर 75 से अधिक शिकायतें पहले से दर्ज हैं। इसके अतिरिक्त, बरामद किए गए दो बैंक खातों के खिलाफ क्रमशः 24 और 23 साइबर धोखाधड़ी की शिकायतें दर्ज पाई गई हैं। कुल मिलाकर, यह आरोपी और उसके द्वारा इस्तेमाल किए जा रहे संसाधनों का संबंध 122 से अधिक साइबर अपराध के मामलों से जुड़ा हुआ पाया गया है।

जमुई साइबर डीएसपी अभिषेक कुमार ने बताया कि पटना स्थित साइबर अपराध एवं सुरक्षा इकाई और स्थानीय पुलिस की यह संयुक्त कार्रवाई काफी महत्वपूर्ण है। आरोपी के मोबाइल फोन से संदिग्ध व्हाट्सएप चैट और विदेशी नंबरों से हुई बातचीत के साक्ष्य मिले हैं। इन डिजिटल साक्ष्यों को फोरेंसिक जांच के लिए भेजा गया है ताकि गिरोह के अंतरराष्ट्रीय संपर्कों का पता लगाया जा सके।

आगे की कार्रवाई और जांच

पुलिस अब इस गिरोह के अन्य सहयोगियों और 'म्यूल अकाउंट' नेटवर्क की तलाश कर रही है। डीएसपी ने स्पष्ट किया है कि साइबर अपराध से अर्जित की गई अवैध धनराशि के पूरे नेटवर्क को खंगाला जा रहा है। आरोपी को फिलहाल न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है और उससे पूछताछ के आधार पर अन्य संदिग्धों की पहचान की जा रही है। पुलिस का मानना है कि इस गिरफ्तारी से साइबर ठगी के एक बड़े रैकेट की कड़ियां खुलने की उम्मीद है।

इस मामले में वित्तीय लेन-देन और लाभार्थी खातों की गहन तकनीकी जांच जारी है। पुलिस ने आम जनता से भी अपील की है कि वे किसी भी अनजान व्यक्ति को अपने बैंक खाते का उपयोग न करने दें और न ही किसी संदिग्ध लिंक पर क्लिक करें। जमुई पुलिस का कहना है कि साइबर अपराधियों के खिलाफ यह अभियान आगे भी जारी रहेगा।

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टिप्पणियाँ (2)

  • अ
    अमित कुमार2 घंटे पहले

    बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।

  • स
    सपना ठाकुर4 घंटे पहले

    ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!

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