जयपुर: ज्वेलरी फैक्ट्री में चोरी का अनोखा खुलासा, नशेड़ी बनकर फुटपाथ पर सोते थे आरोपी
Jaipur Khora Bisal jewelry theft case latest update. खोरा बीसल थाना पुलिस ने महिला मित्र सहित तीन बदमाशों को अरेस्ट किया है। वारदात के बाद दोनों बदमाश चोरी का माल घर छिपाने के लिए महिला मित्र को बुलाकर सौंप देते थे।

मोहम्मद फ़ैज़ान
संपादक

महिला मित्र के घर खपाते थे चोरी का माल
जयपुर के खोरा बीसल थाना क्षेत्र में एक ज्वेलरी कारखाने को निशाना बनाने वाले शातिर गिरोह का पुलिस ने पर्दाफाश किया है। इस मामले में पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जिनमें एक महिला भी शामिल है। पुलिस के अनुसार, आरोपी चोरी की वारदातों को अंजाम देने के बाद सारा माल महिला मित्र के घर सुरक्षित छिपा देते थे ताकि पकड़े जाने पर उन पर संदेह न हो।
गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान लोकेश गवारिया (34), राजू गवारिया (48) और इन्द्रा वर्मा (38) के रूप में हुई है। इनमें से राजू गवारिया गिरोह का मास्टरमाइंड बताया जा रहा है, जिसके खिलाफ जयपुर और टोंक के विभिन्न थानों में पहले से ही करीब 16 आपराधिक मामले दर्ज हैं। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 11 किलो चांदी के गहने, बर्तन, सिल्ली के टुकड़े और गहने बनाने में इस्तेमाल होने वाली सामग्री बरामद की है।
नशेड़ी बनकर करते थे पुलिस को गुमराह
पूछताछ में सामने आया कि आरोपी बेहद शातिराना अंदाज में काम करते थे। वारदात को अंजाम देने के बाद वे खुद को नशेड़ी बताकर फुटपाथ या सार्वजनिक पार्कों में सोने का नाटक करते थे। उनका मानना था कि नशेड़ी समझकर पुलिस और आम लोग उन पर ध्यान नहीं देंगे, जिससे वे आसानी से बच निकलेंगे। यह तरकीब उन्हें पुलिस की नजरों से दूर रखने में मदद करती थी।
इस गिरोह का खुलासा तब हुआ जब खोरा बीसल के बोयतावाला निवासी लालचंद स्वामी ने अपने कारखाने में चोरी की रिपोर्ट दर्ज कराई। पीड़ित के अनुसार, 25 जुलाई की शाम जब वह अपने पैतृक गांव गए थे, तब अज्ञात बदमाशों ने कारखाने के ताले तोड़कर सोने के गहने और भारी मात्रा में चांदी का सामान पार कर दिया था।
रेकी के बाद निशाना बनाते थे कारखाने
आरोपियों ने पुलिस को बताया कि वे रात के समय पैदल घूमकर इलाकों की रेकी करते थे। वे उन मकानों और कारखानों को अपना निशाना बनाते थे जहां सुरक्षा व्यवस्था कमजोर होती थी। चोरी के तुरंत बाद वे अपनी महिला मित्र इन्द्रा वर्मा को फोन कर बुलाते थे और चोरी का सारा सामान उसे सौंप देते थे, ताकि उनके पास से कोई सबूत बरामद न हो सके।
डीसीपी (वेस्ट) प्रशांत किरण ने बताया कि पुलिस ने गहन पूछताछ के बाद दोनों मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार किया और उनकी निशानदेही पर महिला के घर से चोरी का माल बरामद किया। पुलिस अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि क्या इस गिरोह ने शहर में अन्य स्थानों पर भी इसी तरह की वारदातों को अंजाम दिया है।
आगे की कानूनी कार्रवाई
फिलहाल तीनों आरोपियों से पुलिस की पूछताछ जारी है। पुलिस को उम्मीद है कि इस गिरोह से पूछताछ के दौरान शहर में हुई अन्य चोरी की घटनाओं का भी खुलासा हो सकता है। आरोपियों को जल्द ही अदालत में पेश कर पुलिस रिमांड की मांग की जाएगी ताकि मामले की कड़ियों को पूरी तरह जोड़ा जा सके।
इस कार्रवाई ने स्थानीय ज्वेलरी कारोबारियों को बड़ी राहत दी है, जो पिछले कुछ समय से लगातार हो रही चोरियों से परेशान थे। पुलिस ने आम जनता से भी अपील की है कि वे अपने परिसरों की सुरक्षा को लेकर सतर्क रहें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत स्थानीय थाने को दें।

संपादक
मोहम्मद फ़ैज़ान
टिप्पणियाँ (2)
- अअमित कुमार2 घंटे पहले
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।
- ससपना ठाकुर4 घंटे पहले
ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!
