जबलपुर: डॉक्टर अपॉइंटमेंट के नाम पर महिला से ठगी, APK फाइल डाउनलोड करते ही खाते से उड़े 51 हजार
Jabalpur woman falls victim to WhatsApp APK cyber scam, loses money. जबलपुर में डॉक्टर की अपॉइंटमेंट बुक कराने के नाम पर एक महिला साइबर ठगी का शिकार हो गई। जालसाजों ने वॉट्सऐप पर एपीके (APK) फाइल भेजकर उनका मोबाइल हैक कर लिया और बैंक खाते से 51,699 रुपए निकाल लिए।

मोहम्मद फ़ैज़ान
संपादक

जबलपुर में साइबर अपराधियों ने एक महिला को अपना शिकार बनाते हुए उनके बैंक खाते से हजारों रुपए की चपत लगा दी। ठगों ने डॉक्टर की अपॉइंटमेंट बुक करने का झांसा देकर महिला को वॉट्सऐप पर एक संदिग्ध एपीके (APK) फाइल भेजी थी। जैसे ही महिला ने इस फाइल को अपने मोबाइल में डाउनलोड किया, उनका फोन हैक हो गया और जालसाजों ने खाते से 51,699 रुपए निकाल लिए।
क्या है पूरा मामला?
अधारताल थाना क्षेत्र की धनी की कुटिया रोड निवासी 44 वर्षीय कनक खेमचंदानी ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि उन्होंने 12 जुलाई को डॉक्टर से मिलने के लिए एक नंबर पर संपर्क किया था। फोन पर बात करने वाले व्यक्ति ने खुद को अपॉइंटमेंट बुक करने वाला प्रतिनिधि बताया और महिला से मरीज की पूरी जानकारी ली। इसके बाद आरोपी ने जानकारी को वेरिफाई करने के नाम पर महिला के वॉट्सऐप नंबर पर एक फाइल भेजी।
महिला ने बिना किसी संदेह के उस एपीके फाइल को डाउनलोड कर लिया। फाइल खोलते ही उन्हें मरीज की जानकारी दिखाई दी, जिससे उन्हें लगा कि प्रक्रिया पूरी हो गई है। हालांकि, उन्हें इस बात का बिल्कुल अंदाजा नहीं था कि उस फाइल के जरिए उनके मोबाइल का एक्सेस जालसाजों के पास चला गया है और उनका फोन हैक हो चुका है।
खाते से अचानक कटे पैसे
घटना के कुछ दिनों बाद 17 जुलाई की सुबह महिला को अपने बैंक खाते से पैसे कटने के मैसेज मिले। जांच करने पर पता चला कि उनके कैनरा बैंक खाते से दो अलग-अलग ट्रांजेक्शन के जरिए कुल 51,699 रुपए ट्रांसफर कर दिए गए हैं। इनमें से 50,000 रुपए 'लकी ईएनटी यूपी ग्रामीण बैंक' के खाते में और 1,699 रुपए 'सूरज कुमार' के पंजाब नेशनल बैंक खाते में भेजे गए थे।
जब महिला ने बैंक जाकर इस बारे में पूछताछ की, तो अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि उनके मोबाइल में डाउनलोड की गई एपीके फाइल ही इस धोखाधड़ी का मुख्य कारण है। इसी फाइल के माध्यम से साइबर अपराधियों ने मोबाइल को रिमोट पर लेकर बैंक खाते की जानकारी हासिल की और रकम उड़ा ली।
पुलिस की कार्रवाई और चेतावनी
पीड़िता की शिकायत पर अधारताल थाना पुलिस ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस अब साइबर सेल की मदद से उन बैंक खातों की जांच कर रही है जिनमें पैसे ट्रांसफर किए गए हैं। पुलिस का मानना है कि इस तरह के गिरोह अक्सर डॉक्टर अपॉइंटमेंट, बिजली बिल या केवाईसी अपडेट के नाम पर लोगों को निशाना बनाते हैं।
साइबर विशेषज्ञों ने आम जनता को सचेत करते हुए कहा है कि किसी भी अनजान व्यक्ति द्वारा भेजे गए लिंक या एपीके फाइल को कभी भी डाउनलोड न करें। सरकारी या निजी सेवाओं के नाम पर आने वाले ऐसे संदेशों की सत्यता की जांच आधिकारिक वेबसाइट या ऐप के जरिए ही करें। किसी भी संदिग्ध फाइल को खोलना आपके बैंक खाते और व्यक्तिगत डेटा के लिए बड़ा खतरा साबित हो सकता है।

संपादक
मोहम्मद फ़ैज़ान
टिप्पणियाँ (2)
- अअमित कुमार2 घंटे पहले
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।
- ससपना ठाकुर4 घंटे पहले
ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!
