जबलपुर बैंक डकैती का मास्टरमाइंड बिहार से गिरफ्तार, सवा करोड़ का सोना बरामद
पुलिस ने बिहार के गया जिले से मुख्य डकैत सुनील पासवान और उसके साथी चंचल पासवान को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के पास से डकैती का लगभग 750 ग्राम सोना बरामद किया गया है, जिसकी बाजार कीमत करीब सवा करोड़ रुपये है।

मोहम्मद फ़ैज़ान
संपादक

जबलपुर पुलिस की बड़ी कामयाबी
जबलपुर जिले के खितौला स्थित ईएसएएफ (ESAF) स्मॉल फाइनेंस बैंक में हुई सनसनीखेज डकैती के मामले में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। क्राइम ब्रांच और खितौला पुलिस की संयुक्त टीम ने इस वारदात के मुख्य सूत्रधार सुनील पासवान को बिहार के गया जिले से गिरफ्तार कर लिया है। इस कार्रवाई के दौरान पुलिस ने उसके एक अन्य साथी चंचल पासवान को भी हिरासत में लिया है।
आरोपियों की गिरफ्तारी के साथ ही पुलिस ने लूटे गए सोने का एक बड़ा हिस्सा बरामद करने में भी कामयाबी हासिल की है। पुलिस के अनुसार, आरोपियों के पास से लगभग 750 ग्राम सोना बरामद किया गया है, जिसकी बाजार में अनुमानित कीमत सवा करोड़ रुपये के आसपास बताई जा रही है। मुख्य आरोपी सुनील पासवान लंबे समय से पुलिस की पकड़ से दूर था और कई राज्यों में उसकी तलाश की जा रही थी।
क्या था पूरा मामला?
यह डकैती 11 अगस्त 2025 को खितौला के ईएसएएफ बैंक में अंजाम दी गई थी। पांच नकाबपोश बदमाशों ने हथियार के दम पर बैंक कर्मचारियों को बंधक बनाकर करीब 14 किलो 800 ग्राम सोने के आभूषण और 5 लाख रुपये नकद लूट लिए थे। इस बड़ी वारदात के बाद से ही पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया था और वरिष्ठ अधिकारियों ने घटनास्थल का दौरा कर जांच के निर्देश दिए थे।
घटना की गंभीरता को देखते हुए आईजी जबलपुर ने मुख्य आरोपियों की गिरफ्तारी पर 30 हजार रुपये का इनाम घोषित किया था। जांच के लिए गठित विशेष टीम ने तकनीकी साक्ष्यों और मुखबिरों की मदद से आरोपियों की लोकेशन ट्रेस की, जिसके बाद बिहार के गया जिले में दबिश दी गई।
बिहार में छिपे थे आरोपी
पुलिस की विशेष टीम ने बिहार एसटीएफ के सहयोग से गया जिले के तिलैया गांव में एक किराए के मकान को घेरा। इसी मकान में मुख्य आरोपी सुनील पासवान छिपा हुआ था। पूछताछ के दौरान सुनील ने खुलासा किया कि डकैती में उसे डेढ़ किलो सोना मिला था, जिसमें से उसने 750 ग्राम सोना अपने परिचित चंचल पासवान को 45 लाख रुपये में बेच दिया था। सुनील की निशानदेही पर पुलिस ने चंचल पासवान को भी गिरफ्तार कर लिया।
आरोपी सुनील पासवान केवल मध्य प्रदेश ही नहीं, बल्कि बिहार, झारखंड और छत्तीसगढ़ में भी बैंक डकैती और लूट के कई मामलों में वांछित था। उसके खिलाफ विभिन्न राज्यों में लूट और डकैती के 9 गंभीर मामले पहले से दर्ज हैं। वह एक शातिर अपराधी है जो पुलिस की आंखों में धूल झोंककर लगातार अपनी लोकेशन बदल रहा था।
आगे की कार्रवाई
पुलिस अब पकड़े गए आरोपियों से गहन पूछताछ कर रही है। जांच का मुख्य केंद्र लूटा गया शेष सोना और इस पूरे नेटवर्क में शामिल अन्य संदिग्धों की पहचान करना है। पुलिस को उम्मीद है कि इस पूछताछ से उन सुनारों और अन्य लोगों के बारे में भी जानकारी मिल सकती है जिन्होंने लूटे गए सोने को ठिकाने लगाने में मदद की थी।
फिलहाल, पुलिस की टीम बरामद सोने और आरोपियों के नेटवर्क को खंगालने में जुटी है। इस गिरफ्तारी को पुलिस की एक बड़ी उपलब्धि के रूप में देखा जा रहा है, क्योंकि आरोपी लंबे समय से अंतर्राज्यीय पुलिस के लिए चुनौती बना हुआ था।

संपादक
मोहम्मद फ़ैज़ान
टिप्पणियाँ (2)
- अअमित कुमार2 घंटे पहले
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।
- ससपना ठाकुर4 घंटे पहले
ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!